कोरोना के असर चईती छठ मे पडल, बारा आ पर्सा मे जलासय आ घर के छत पर अरघ देके छठ पबनी मनावल गईल

प्रभु यादव÷
बारा १७ चईत,
बारा मे चईती छठ के सँझिया घाट के अरघ देके पवनईतीन सब मनवले बाडें ।
नेपाल सरकार से विश्व व्यापी रूप मे फईल रहल कोरोना भाईरस के ना बढे देवेला लकडाउन कईले बा आ जिल्ला प्रशासन कार्यालय से निषेधाज्ञा जारी कईल समय मे छठ पवनी करेवाला लोग नदि पोखरा के जलासय मे जा के अरघ देहले बाडन ।
कलैया उपमहानगरपालिका के रामजानकी मठ, सिद्धेश्वरनाथ महादेव मन्दीर, बरेवा पोखरा, बघवन के पसाह नदि मे पुग के पवनी करनिहार लोग सूर्य के अरघ देहले रहलन ।
कुछ लोग आपन घर के छत पर सिरसोपता बना के अरघ देहलन । 
सरकार आ स्थानिय सरकार से घर मेही अरघ देके पवनी करे के कईल अहवान के मानत घर नजिक रहल ईनार पर अरघ देके पुजा कईले बाडन । छठ पवनी चार दिन के होखेला शनिचर के दिन नहाय खाये, एतवार के रसियाव रोटी यानिकी खारना, आजु सोमार के सझिया घाटे अरघ देहल गईल आ बिहान सबेरे घाट पर उगत सूर्य के अरघ देके पवनी समापन होई ।
अउर साल के जइसन भिडभाड ना भईल माकिर नदि पोखरा पर पुग के अरघ पवनईतिन सब देहलें ।
एहितरे “कोभिड १९” महामारी के असर तराई मधेस मे मनावल जाएवाला चईती छठ परब मे भी पडल बा । चईती छठ तलाव, पोखरा लगायत के जलाशय मे छठघाट तइयार करके सामुहिक रूप मे पूजाअर्चना करके मनावेके चलन बा ।
माकिर आजु पडल चईती छठ कोरोना के महामारी फईलेके डर से जनानीलोग जलाशय मे ना जाके आपन आपन घर के दुवारी पर आ छत पर छठी माता के प्रतिमा सिरसोपता बना के मनवले बाडन ।
वीरगंज मे करिब दु दर्जन जगहा मे रहल छठ पूजा व्यवस्थापन समिति भी एक हप्ता पहिले से हि सार्वजनिक सूचना निकालके सोमार के चईती छठ, जलाशय के छटघाट मे ना होके आपन आपन घर भितर मनावे खातिर निहोरा कईले रहे ।
चईती छठ पर्व भी तराई मे कातिक मे मनावेवाला छठ जईसन आस्था के साथ मनावल जाला । माकिर कोरोना संक्रमण से बँचे खातिर देशभर हि लक डाउन भईला के बाद आजु जनानीलोग जलाशय मे ना जाके आपन आपन घर मे छठ पर्व मनवले बाडन ।
वीरगंज मे छठघाट मे ना जाए खातिर पुलीस माइकिङ कईले बा माकिर सूर्य भगवान आ छठीमाई के अर्घ त जईसे भी देवेके पडी ओहिसे छत उपर बरतन मे पानी राख के ओमे खडा होके सूर्यदेव आ छठीमाई के अर्घ देहल गईल बा ।
लकडाउन के चलते बजार भी सुनसान भईला से छठ पूजा मे प्रसाद के खातिर जरुरी फलफूल, कन्दमुल आ हरिहर तरकारी गाँव टोल मे खोज के मिलल जेतना किन के पुजा कईल गईल बा ।





