पर्सा के ग्रामीण क्षेत्र के किसानलोग चईती धान रोपाई मे व्यस्त

जिराभवानी १६ चईत,

पर्सा के अनेकन जगहासब मे चईती धान के रोपाई सुरु भईल बा । चईत के पहिलका हप्ता से जिल्ला मे चईती धान रोपल सुरु कईल बा ।

सिञ्चित क्षेत्र बढला पर भी पर्सा के ग्रामीण क्षेत्र मे ई बरीस चईती धान के खेती बढल बा । कम समय मे बढिया उत्पादन होखेवाला भईला से भी सिञ्चाई के सुविधा भईल जगहा के किसानलोग चईती धान खेती ओरी आकर्षित भईल बाडन ।

कृषि कार्यालय ई बरीस भी अनेकन सहकारी मार्फत बडका सिंचाई योजना अन्तर्गत सिंचाई योजना बँटले बा । चईती धान रोपल जाएवाला पर्सा के बहुते जगहा मे रोपाई भइल बा । चईती धान के बीया छनौंट कईला पर उन्नत जात के आ स्रोत खुलल जगहा से बीया लियावे के बिज्ञ के कहनाम बा ।

जिल्ला कृषि बिकास कार्यालय पर्सा के मुताविक गुणस्तरीय आ उन्नत जात के बीया छनौट करे सकाल पर उत्पादन १५ से २० प्रतिशत वृद्धि कईल जा सकता स्थानीय कृषकलोग के मुताविक जलदी पाकेवाला आ वर्षात सुरु ना होत फल देवेवाला बिया के छनौट करेके पडि ।

खास करके हर्दीनाथ १ जात के धान के बीया चईत मे लगावेवाला किसना के छनौट मे पडेला । बिराड सुख्खा रहल मौसम मे बिया छिटला पर बढिया बिया होखेके जिराभवानी गाँवपालिका वार्ड नम्बर १ जगतिया के कृषक रामेश्वर खवास बतवनी ।

उनका मुताविक बिराड प्लाष्टिक से तोपल बीया बढिया से जामेवाला भईला से धान के उत्पादन बढावे सकेके बतवनी । माकिर स्थानीय तह भईला पर भी कृषकलोग के गाँवपालिका से कुछ सेवा प्रदान ना मिलल उ सिकाईत कइनी ।

पर्सा मे चईती धान के बीया ना मिलला पर पर्सा के ग्रामीण क्षेत्र के किसानलोग चितवन के भरतपुर माडी से धान के बिया लियावे मे बाध्य होखिहें ।
पर्सा के ग्रामीण क्षेत्र के उत्तरी भेग के बढ्नियार, मानवा, सथवल, रंगपुर, पटेर्वासुगौली, शंकरसरैया, हरैया, महादेवपट्टी, सुबर्णपुर, ठोरी, लगायत के जगहा मे चईती धान बहुते मात्रा मे रोपल जाला ।

मौसमी सिंचाई से मात्र चईती धान के ना पुगेके आ जिल्ला के दक्षिण क्षेत्र मे सिंचाई कम होखेवाला भईला से उतरी क्षेत्र मे बोरिङ सिचाई के भर मे भी चईती धान रोपल जाला । जिल्ला कृषि बिकास कार्यालय पर्सा के मुताविक ई बरीस जिल्ला मे २ हजार हेक्टर क्षेत्रफल मे चईती धान रोपाई होत बा ।

करिब साँढे ३ मेट्रिक टन धान उत्पादन होखेके अनुमान कईल बा । बितल बरीस जिल्ला मे ४ हजार हेक्टर क्षेत्रफल मे चईती धान रोपाई भईल रहे आ ४५ सय मेट्रिक टन धान उत्पादन भईल रहे ।

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