संघीय सरकार विरुद्ध रिट लेके सर्वोच्च पुगलें प्रदेश २ के मन्त्री सोनल

काठमाण्डु १८ अगहन
संघीय सरकार अधिकार क्षेत्र मे हस्तक्षेप कईल कहत प्रदेश २ सरकार फेनु दोसर रिट निवेदन लेके सर्वोच्च अदालत पुगल बा ।
संघीय सरकार के भूमिगत जलस्रोत विकास समिति कातिक २१ गते कईल परिपत्र आ समृद्ध तराई मधेस सिञ्चाई विशेष कार्जक्रम से कातिक २४ गते आह्वान कईल बोलपत्र से प्रदेश सरकार के अधिकार क्षेत्र मे हस्तक्षेप कईल कहत प्रदेश के भौतिक पूर्वाधारमन्त्री जितेन्द्र सोनल रिट निवेदन लेके सर्वोच्च अदालत पुगल बाडन ।
उलोग के रिट मे अगहन २६ गते पेशी तोकल गईल बा । प्रदेश २ सरकार एकरा से पहिले भी संघीय सरकारविरुद्ध सर्वोच्च मे रिट दायर कईले बा ।
भूमिगत जलस्रोत विकास समिति के परिपत्र मे अभी प्रदेश सरकार से प्रयोग करत आईल भवन, सवारी साधन लगायत भौतिक साधन संघीय सरकार के फिर्ता करेके आ प्रदेश के अधिकार क्षेत्र हस्तक्षेप करके कार्जक्रम सञ्चालन करेके कहत बदर करेके माग कईल बा ।
एहितरे समृद्ध तराई मधेस सिञ्चाई विशेष कार्जक्रम से प्रदेश सरकार से सञ्चालन करत आईल परियोजना आ कार्जक्रम सञ्चालन करेवाला किसिम से बोलपत्र आह्वान कईल कहत मन्त्री सोनल बोलपत्र भी बदर घोषित करे खातिर उत्प्रेषण के आदेश माग कईले बाडन ।
भूमिगत जलस्रोत विकास समिति प्रदेश २ के भौतिक पूर्वाधार विकास मन्त्रालय अन्तर्गत के भूमिगत जलस्रोत सिञ्चाई विकास डिभिजन कार्यालय वीरगंज लगायत प्रदेश भितर के डिभिजन कार्यालय के कातिक २१ गते जरुरी समन्वय सम्बन्ध मे कहके परिपत्र कईले रहे ।
उ परिपत्र मे २०७७÷०७८ से समिति मातहत के शाखा कार्यालयसब से संघ अन्तर्गत के भूमिगत सिञ्चाई सम्बन्धी कार्जक्रम सञ्चालन होखे जा रहल कहल गईल बा ।
एहितरे अभी डिभिजन कार्यालय से प्रयोग करत आईल सवारी साधन, भवन लगायत के भौतिक साधन स्रोत भी संघ मातहत के कार्यालय के फिर्ता करे खातिर कहल गईल बा ।
प्रदेश २ सरकार संविधान के अनुसूची ६ मुताविक प्रदेश के अधिकार क्षेत्र मे पडेवाला काम मे संघीय सरकार से हस्तक्षेप कईल बतावल गईल बा ।






