प्रदेश २ सरकारद्वारा अनुदान उपलब्ध

धनुषा, १६ भादो
कोरोना महामारी के चलते लम्हर समय से जारी लकडाउन से लियावल समस्या मे पडल करिब ४८ हजार किसान के प्रदेश २ के सरकार चार महिना के व्याज अनुदान उपलब्ध करवले बा ।
भूमि व्यवस्था, कृषि तथा सहकारी मन्त्रालय बितल आर्थिक बरीस मे लकडाउन के चलते किसान के आर्थिक मार पडल कहत रु पाँच लाख से कम कर्जा लेहल ४७ हजार ८८२ किसान के चार महिना के ब्याजबापत रु २१ करोड ६५ लाख ४९ हजार ५९९ तिर देहले बा आ व्यवसाय पुनःस्थापना के खातिर भी ३०७ किसान के रु एक करोड २० लाख ८१ हजार ६०९ करके कूल रु २२ करोड ८६ लाख ३१ हजार २०८ अनुदान देहले बा ।
मन्त्रालय के योजना अधिकृत रजनीश मिश्र के मुताविक किसान से खेती तथा कृषि प्रयोजन के खातिर बैंक, सहकारी तथा लघुवित्त जईसन संस्था से लेहल कर्जा के चईत से असाढ मसान्त तक चार महिना के ब्याज प्रदेश सरकार से अनुदानस्वरूप किसान के व्यक्तिगत खाता मे भुक्तानी कईले बा ।
ममातहत रहल आठ गो जिल्ला के कृषि ज्ञान केन्द्र आ पशु अस्पताल तथा पशु सेवा विज्ञ केन्द्रमार्फत किसान के रकम भुक्तानी कईल बा ।
मन्त्रालय के कृषि प्रसार अधिकृत अविनाशकुमार झा के मुताविक किसान से ब्याज अनुदान के खातिर देहल आवेदन प्रस्ताव के बाद कृषि ज्ञान केन्द्र सम्बन्धित बैंक से भी कर्जा के बैंक विवरण निकाल के कर्जा के मिलान करके मात्र भुक्तानी कईल बा ।
आठ गो जिल्ला मे कूल ७७ हजार ४९४ किसान से ब्याज अनुदान के खातिर निवेदन देहला पर भी ४७ हजार ८८२ जने किसान के मात्र अनुदानस्वरूप भुक्तानी मिलल बा ।
कृषि ज्ञान केन्द्र बारा के कार्यालय प्रमुख जितेन्द्र यादव के मुताविक जिल्ला मे कूल १७ हजार ९३२ जने किसान ब्याज अनुदान के खातिर निवेदन देहला पर भी तीन लाख रोपेया से कम कर्जा भईल आदमी के मात्र छनोट कईला के चलते आवेदन प्रस्ताव मेसे ९ हजार ३४८ जने किसान से अनुदान के लाभ लेवे मिलल बाडन ।
“फरक–फरक किसान फरक–फरक बैंक तथा सहकारी संस्था से फरक–फरक मूलधन सहित रकम ऋण लेहला के चलते प्रति किसान से फरक–फरक अनुदान रकम मिलल बा”, कहत यादव, “अधिकतम १२ प्रतिशत ब्याज दर के आधार मे कर्जा लेहल किसान के अनुदान सरकार से भुक्तानी कईले बा ।”
उ आवेदन देवेवाला मेसे रु ३० हजार से रु ३० लाख तक कर्जा लेहल आदमी भईला पर भी रु तीन लाख तक कर्जा लेहल किसान के मात्र भुक्तानी कईल बतवनी ।
कृषि ज्ञान केन्द्र धनुषा के प्रमुख शङ्कर साह के मुताविक धनुषा मे एगो किसान से न्यूनतम रु ५०० से अधिकतम रु १२ हजार २०३ ब्याज अनुदानवापत मिलल बा ।
मन्त्रालय कृषि ब्याज अनुदान बाहेक लकडाउन के चलते कृषि बालीनाली मे भईल क्षति तथा पशुपन्छी व्यवसाय मे भईल क्षति मे भी राहतस्वरूप व्यवसाय पुनःस्थापना के खातिर अनुदान देहले रहे ।
प्रदेश के आठ जिल्ला मेसे सप्तरी जिल्ला मे मात्र अनुदान कार्यान्वयन भईल बा । कृषि ज्ञान केन्द्र सप्तरी के सूचना अधिकारी किसुनदेव राउत के मुताविक कृषि ओरी नोक्सानी भईल मेसे जिल्ला मे कूल १४१ जने किसान के रु २३ लाख २१ हजार २६९ आ पशुपन्छी ओरी नोक्सानी भईल १६६ जने किसान के रु ९७ लाख ६० हजार ३४० व्यवसाय पुनःस्थापना के खातिर अनुदान देहल बा ।
कृषि ओरी बालीनाली नोक्सानी भईल किसान के रु ७५० आ प्रतिहेक्टर रु २२ हजार ५०० के दर से अनुदान देहल राउत बतवनी ।
उ कृषि बालीनाली नोक्सानी भईल किसान के बिल मुताविक न्यूनतम रु ५० हजार से अधिकतम रु डेढ लाख तक अनुदान देहल बतवनी ।
पशुपन्छी व्यवसाय ओरी सबसे बेसी रु दु लाख ५० हजार अनुदान मिलल किसान पाँच जने रहल उ बतवनी ।
कृषि ओरी बाली उत्पादन मे नोक्सानी भईल कहत सबसे बेसी हनुमान नगर कङ्कालिनी नगरपालिका–५ के शिवकुमार मेहता रु २२ हजार ५०० अनुदान मिलल आ एक किसान न्यूनतम रु तीन हजार मिलल बा ।
आउर जिल्ला मे व्यवसाय पुनःस्थापना के खातिर अनुदान देहल नइखे । पशुपन्छी व्यवसाय मे केतना लागत लागल, केतना नोक्सानी भईल ओकर क्षति पुष्टि होखेवाला बिलसहित स्थानीय तह के सिफारीस, प्रहरी प्रतिवेदन सहित अनेकन कागजात सहित के आवेदन आवेमे कैयन आवेदन मे कागजात ना होके अपुरो भईला से अनुदान देवे ना सकल कृषि ज्ञान केन्द्र रौतहट के प्रमुख जितेन्द्र झा बतवनी ।
अनुदान तथा राहत कार्जक्रम के खातिर भूमि व्यवस्था, कृषि तथा सहकारी मन्त्रालय रु ३० करोड आ आर्थिक मामिला तथा योजना मन्त्रालय रु छ करोड करके कूल रु ३६ करोड बजेट छुट्यावल रहे ।






