केन्द्रीय कमिटी बईठक के तइयारी मे :- प्रचण्ड

कठमाण्डु १३ माघ,
नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ खुद केन्द्रीय कमिटी बईठक के अन्तिम तइयारी मे रहल जानकारी करवले बानी ।
नेपाल लोकतान्त्रिक आदिवासी जनजाति महासङ्घ आ आदिवासी जनजाति महासङ्घ, नेपाल के एकता घोषणा तथा शपथ ग्रहण समारोह मे उ बुध के दिन से होखेवाला पार्टी के केन्द्रीय कमिटी बईठक के तइयारी मे हम रहल बतवले बानी । उ पार्टी के काम के चाप से ओतना बेसी तइयारी करे ना मिलल भी बतवले बानी ।
पार्टी के केन्द्रीय कमिटी बईठक इहे माघ १५ से २० गते तक बोलावल गईल बा ।
उ अभी भी सभी उत्पीडित वर्ग, जात, समुदाय, भाषा पूर्णरूप मे मुक्त होखेके बात बने ना सकल बतवनी । “उत्पीडित समुदाय पूर्णरूप मे मुक्त होखेके वातावरण अभी भी बनल नइखे”, कहत उ, “एकताबद्ध होके शान्तिपूर्ण रूप से संविधान संशोधन के माध्यम से हमनी से सोंचल जइसन मुक्ति हासिल कर सकेम ।”
संविधान से भी बहुजातीय, बहुसांस्कृतिक, बहुभाषिक मुलुक रहल स्वीकार कईल उल्लेख करत उ आदिवासी जनजाति के हक अधिकार, परम्परा, संस्कृति आ पहिचान के स्थापित करेके बात मे संविधान से हि पहल लेहल बिचार रखनी । उ सभी किसिम के विभेद के अन्त्य करके समतामूलक समाजिक न्याय सहित सभी के हकअधिकार स्थापना भईल समाज निर्माण करेके बतवनी ।
अध्यक्ष दाहाल साम्राज्यवाद आ सामन्तवाद के परास्त करके युद्ध जिते मे अभी एकताबद्ध होके सामाजिक न्याय के पक्ष मे लडल जरुरी रहल बिचार रखनी ।
बहुजातीय, बहुसांस्कृतिक, बहुभाषिक देश भईला से विविधतायुक्त देश मे एकता कायम करे खातिर सभी के समान अधिकार देवेके उनकर कहनाम रहे । शोषण उत्पीडन मे पडल समुदाय के अगाडि लियावे के वातावरण ना बनावे तक समानता के बात कईल भ्रम मात्र रहल उनकर बिचार रहे ।
जातीय बात कईला पर पूँजीवादी से हरदम साम्प्रदायिक विध्वंश फईलावे के आ जातिजाति बीच लडाइँ शुरु करेके षडयन्त्र के रूप मे लेत आईल आ आउर देश मे ओइसन जातीय द्वन्द्व भईल उल्लेख करत उ कम्युनिष्ट से कहत आईल जातीय हकअधिकार के बात ओइसन ना भईल बतवनी ।
“कम्युनिष्ट से अगाडि बढा रहल समाजवादी क्रान्ति आ जातीय क्रान्ति के बात के साम्राज्यवादी से जातीय सङ्कीर्णता, साम्प्रदायिकता आ विद्वेष फईलावे के षडयन्त्र से मिलावत आईल बाडन”, कहत उ, “आदिवासी जनजाति महासङ्घ जातीय हकअधिकार के बात साम्प्रादिक ना समानता आ मुक्ति के बात ह कहके बुझावल जरुरी बा ।”
कार्जक्रम मे नेकपा मे महासचिव विष्णु पौडेल पार्टी से सभी उत्पीडित वर्ग आ जात के हकअधिकार आ मुक्ति के आन्दोलन करत आईल बतवनी । उ जातीय हकअधिकार स्थापित करके देश मे समृद्धि लियावे के बतवनी ।
उ अवसर मे अध्यक्ष दाहाल नवगठित कार्यसमिति के शपथ खियवले रहनी । तत्कालीन नेकपा (एमाले) के नेपाल लोकतान्त्रिक आदिवासी जनजाति महासङ्घ आ नेकपा (माओवादी केन्द्र) आदिवासी जनजाति राष्ट्रिय महासङ्घ बीच एकता होके २६१ सदस्यीय आदिवासी जनजाति महासङ्घ नेपाल बनल बा ।






