समन्वय करेके आ लफडा मिलावे के काम मात्र जिल्ला समन्वय समिति के देहल गईल बा :- सांसद यादव

वीरगंज १५ माघ,

प्रतिनिधिसभा सदस्य प्रदीप यादव प्रधानमन्त्री से झगडा करके भईला पर भी जिल्ला समन्वय समिति के शक्तिशाली बनावे के बतवले बानी ।
जिल्ला समन्वय समिति पर्सा के दुसरका जिल्ला सभा के उदघाटन कार्जक्रम मे आजु सांदस यादव जिल्ला समन्वय समिति “डिष्पोजल गिलास” जइसन भईल टिप्पणी कईले बानी ।

“जहाँ चिनी होखेला, उहें चिउटी झुकेला, पहिला के जिल्ला विकास समिति आ अभी के जिल्ला समन्वय समिति मे बहुते फरक बा । कार्यकारी अधिकार ना भईला से समस्या बा,” कहत उ, “समन्वय करेके, लफडा मिलावे के काम मात्र देहल गईल बा । पिके बिगेवाला डिष्पोजल गिलास जइसन समन्वय मे प्रयोग करेके कार्यान्वयन के समय मे हटा देवेके । संविधान बनावे के समय मे हमनी आन्दोलन मे रहनी ।

प्रधानमन्त्री से झगडा करके भईला पर भी अधिकार सम्पन्न बनावल जाई” कहके बतवनी ।
राज्य से विभेद के नजर से देखल जिल्ला समन्वय समिति के शक्तिशाली बनावे खातिर खुद लागेके उनकर कहनाम रहे । उ कैयन कर्मचारी के पुराना मानसिकता ना हटला से पालिका मे काम करेमे समस्या भईल बतावत पुराना सोच छोड के नयाँ तरिका से अगाडि बढे खातिर निहोरा कइनी ।

माकिर नेपाली कांग्रेस के पर्सा सचिव श्याम पटेल जिल्ला समन्वय समिति अधिकार सम्पन्न ना भईल कहल गलत भईल टिप्पणी कइनी । उ विकास निर्माण के काम छोड के वितल समय से भी बेसी अधिकार देहल गईल दाबी कइनी । “जिल्ला समन्वय समिति अधिकार सम्पन्न नइखे कहके चर्चा कईल जाला ।

माकिर संविधान से देहल अधिकार मात्र कार्यान्वयन कईला पर बहुते काम कईल जा सकता,” सचिव पटेल कहनी । नेकपा के पर्सा अध्यक्ष प्रभु हजरा, प्रमुख जिल्ला अधिकारी जितेन्द्र बस्नेत, पत्रकार महासंघ पर्सा शाखा अध्यक्ष श्याम वञ्जारा लगायत जिल्ला के विकास मे एकजुट होखे खातिर निहोरा कइनी ।

एहितरे जिल्ला सभा मे उपप्रमुख ठाकुरप्रसाद न्यौपाने ३४ बुँदे नीति तथा कार्जक्रम प्रस्तुत कईले बानी । जातीय छुवाछुत के पर्सा जिल्ला से निर्मुल करेके लगायत ३४ बुादे नीति तथा कार्जक्रम सभा मे प्रस्तुत कईल गईल बा ।

जिल्ला मे विकास निर्माण के विषय पहिचान करेके तथा व्यवस्थापन के खातिर समन्वय करेके, गैर सरकारी संस्था से भईल गतिविधि के प्रभावकारिता के अनुगमन करेके, पालिक के क्षमता विकास के खातिर प्रदेश तथा संघ से समन्वय करेके, पालिका बीच के विवाद समाधान के खातिर समन्वय आ सहजीकरण करेके, प्राकृतिक प्रकोप तथा विपद व्यवस्थापन सम्बन्धि योजना निर्माण के खातिर सहजीकरण करेके, जिल्ला के विकास निर्माण के प्रभावकारी बनावे खातिर वार्षिक समीक्षा करेके, विकास निर्माण के गतिशील, चुस्त आ समन्यायिक तवर से कईल ना कईल अनुगमन करेके विषय ३४ गो बुँदा मे समेटल गईल बा ।

एहितरे २१ वाँ शताब्दी मे मानव सभ्यता के कलंक के रुप मे रहल जातीय छुवाछुत के पर्सा जिल्ला से निर्मुल करे खातिर १४ गो पालिका के संलग्नता मे कार्ययोजना तइयार करके प्रदेश सरकार से कार्जक्रम सञ्चालन के खातिर माग करेके, जनानी विकास, समृद्धि के आधार कहके नारा के आत्मसात करत जनानी विकास के अनेकन पक्ष मे साझा कार्ययोजना तइयार करेके समेटल गईल बा ।

ऐलानी जमिन मे वृक्षारोपण करके स्थानीय वन के रुप मे विकास करेके, एक स्थानीय तह, एक नमुना विद्यालय बनावे खातिर समन्वय करेके, जिल्ला के पूर्ण साक्षर घोषणा करे खातिर जरुरी पहल तथा समन्वय करेके, बालमैत्री पालिका घोषणा के खातिर पहल करेके, बाल वियाह, लैंगिक विभेद, घरेलु हिंसा, दहेज तथा बोक्सी प्रथा, बाल श्रम उन्मुलन के खातिर पहल करेके जइसन विषय भी नीति तथा कार्जक्रम मे बा ।

सभा मे जिल्ला समन्वय समिति मार्फत भईल काम के भी चर्चा कईल गईल रहे आ कर्मचारी, समन्वय समिति के सदस्यलोग आ स्थानीय तह के प्रमुख तथा उपप्रमुख के सम्मान भी कईल गईल रहे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: यो समाग्री सुरक्षित छ ।