विकास के नाम मे प्रकृति दोहन करेके ना चाहिं :- पूर्वराष्ट्रपति यादव

दमौली, १५ माघ,

पूर्वराष्ट्रपति डा रामवरण यादव विकास के नाम मे करेवाला प्रकृति दोहन के रोकेके बतवले बानी । तनहुँ के शुक्लागण्डकी नगरपालिका–९ स्थित ढोरबाराही मन्दिर मे आजु पूजाअर्चना के बाद पत्रकार से बातचीत करत उ विकास के नाम मे जथाभावी प्रकृति दोहन करेके काम भईला मे दुःख व्यक्त कइनी ।

वनजङ्गल नेपाल के सम्पत्ति भईला से उ वनजङ्गल जोगावे खातिर सरकार के निहोरा कइनी । विमानस्थल, राजमार्गलगायत निर्माण कईला पर वनजङ्गल के फँडानी भईल कहत पूर्वराष्ट्रपति यादव कहनी कि, “पहाड मे जथाभावी डोजर लगा के सडक बनावे के काम भईल बा, वैज्ञानिक अध्ययन ना करके वनजङ्गल कटान करेके काम हो रहल बा ।”

उ चुरे संरक्षण के खातिर खुद बेर बेर आवाज उठावत आईल बतईला पर भी चुरे भएर राजमार्ग बनावे के तइयारी भईल दुःख जनवनी । उ झापा से डडेल्धुरा तक राजमार्ग बनावे के समय मे डाँडाकाँडा भसकावे के काम भईल उल्लेख करत कहनी कि, “वनजङ्गल काटल देखला पर आँख से लोर गिरेला ।”

प्रकृति से नेपाल के सुन्दर वरदान देहल चर्चा करत पूर्वराष्ट्रपति डा यादव प्रकृति के उपयोग करत देश के समृद्ध बनावे के बात मे जोड देहनी । भूगोल के हिसाब से भारत, चीन नेपाल से बडका भईला पर भी प्रकृति के हिसाब से नेपाल संसार के धनी देश भईल उनकर कहनाम रहे ।

खु्दे लहरी छुटेवाला ढोरबाराही मन्दिर धार्मिक पर्यटकीयस्थल के रुप मे विकास हो रहल बा । पूर्वराष्ट्रपति डा यादव के भ्रमण से मन्दिर के प्रचारप्रसार मे सहजोग पुगेके वार्ड नं ९ के वार्ड अध्यक्ष लोकनारायण श्रेष्ठ जानकारी देहनी । मनोकाङ्क्षा पूरा होखेके जनविश्वास के साथ ढोरबाराही मन्दिर के दर्शन के खातिर तनहुँ के साथे कास्की, स्याङ्जा, लमजुङ, पाल्पा, गोरखा, चितवनलगायत के जिल्ला से भक्तजन आवेलन ।

चारु ओरी से जङ्गल से घेरल पहाड के बीच मे अवस्थित मन्दिर परिसर मे १५ फिट चाकर पोखरा आ पोखरा के बीच मे दु जोर शिला बा । पोखरा मे पन्ध्र÷पन्ध्र मिनेट के अन्तराल मे चलेवाला रहस्यमयी लहरी (पानी घटबढ) से ई मन्दिर के महिमा आ आस्था के आउर उँच राखेमे सहजोग पुगावल बतावल गईल बा ।

उ पोखरी मे हिउँदयाम मे कुछ समय लहरी ना चलेला । हिउँद के समय मे ढोरबाराही माता माइत जाएवाला भईला से लहरी ना छुटेके कथन बा । पोखरी के लहरी छुटेवाला द्वार मे रजबाम रहेला ।

रजबाम विशेष करके लहरी छुटेवाला समय पोखरी बाहिर निकले के आ उ समय मे रजबाम के दर्शन कईला पर शौभाग्य प्राप्त होखेके विश्वास रहत आईल बा ।

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