संघीयता समाप्त करे खातिर कर्मचारी के तालिम देके पठावल गईल बा : मुख्यमन्त्री राउत

जनकपुरधाम ३० फागुन,

प्रदेश २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत संघीयता के समाप्त करेके षड्यन्त्र हो रहल बतवले बाडन । संघीयता के समाप्त करे खातिर संघीय सरकार कर्मचारी के तालिम देके पठावल उनकर आरोप बा ।

बितल आर्थिक बरीस के योजनासब के भुक्तानी ना भईला के चलते प्रदेश २ सरकार समस्या मे बा । सत्तारुढ दल के सांसदलोग भी अवरोध कईला के बाद प्रदेशसभा लम्हर समय से बन्द रहल ।

शुक के दिने इहे भुक्तानी विवाद के बारे मे प्रदेशसभा के जवाफ देत मुख्यमन्त्री राउत प्रदेश के आयोजनासब के भुक्तानी विवाद के अवसर के रुप मे प्रयोग करके संघीयता विरुद्ध षड्यन्त्र शुरु भईल बतवनी ।

प्रदेशसभा आ मन्त्रिपरिषद् एकमत होके भुक्तानी देवेके निर्णय कईला पर भी कर्मचारी से कार्यान्वयन ना कईल मुख्यमन्त्री राउत के दाबी बा । “सार्वभौम अधिकार सम्पन्न प्रदेशसभा आ प्रदेश के कार्यकारी अधिकार मन्त्रिपरिषद् के निर्णय कार्यान्वयन करेके त कर्मचारी से ह । मुख्यमन्त्री आ मन्त्री से निर्देशन मात्र दे सकता” कहत उ, “इहाँ कईसन तालिम देके पठावल जाला ? प्रदेश २ मे आवेके माकिर काम ना करेके ।”

“केपी ओली नेतृत्व के सरकार भा संघीय संसद के निर्णय कउनो कर्मचारी भा निकाय से ना मानेम कह सकत बाडन ? माकिरइहाँ अईला के बाद अइसन मानसिकता काहे ?” आपन कार्यालय मे एक जने सचिव ना भईल माकिर रातारात भर्ना करे भी ना सकेके अवस्था रहल मुख्यमन्त्री राउत बतवनी ।

तीन बेर संघीय मामिला मन्त्रालय जाके कर्मचारी कमी के बारेमे जानकारी करावल कहत उ, “कर्मचारी नईखन, सचिव नइखन कहके केकरा के सुनावे जाई ?”
मुख्यमन्त्री राउत आपन आ प्रदेश सरकार के चलते भुक्तानी ना रोकल दाबी कइनी । केन्द्रीकृत मानसिकता लेहललोग भुक्तानी विवाद सिर्जना कईल कहत उ, “गीता आ कुरान हाथ मे राखके कहेम, हमर प्रयास इमान्दार बा आ रहि ।”

संघीयता के असफल बनावे के खेल सफल होखे ना देवेके कहत उ ओकरा खातिर सडक मे धर्ना बईठेके चेतावनी देहनी । “संघीयता के बर्बाद करेके खोजल विरुद्व धर्ना बईठे खातिर तइयार बानी । अपनेलोग भी सहजोग करीं” कहके बतवनी ।

उ भुक्तानी के बारे मे रोडम्याप बनावेके आ एमे उपभोक्ता समिति के भी राखे खातिर भी सभी दल के निहोरा कइनी । सभी मिल के भुक्तानी बिषय मे गम्भीर बनेके आ गल्ती करेवाला के कारबाही के दायरा मे लियावे खातिर प्रदेश सभा के तइयार रहेके उ बतवनी । संघीयता के समप्त करे खातिर संघीय सरकार अनेकन हथ्कण्डा अपनावे लागल उनकर आरोप बा ।

एकरा खातिर अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग के भी प्रयोग करेके खोजल उनकर आशय बा । भ्रष्टाचार भईल मिलला के बाद छानबिन करेके व्यवस्था संविधान से कईले बा । माकिर भुक्तानी हि ना भईल फाइल भी अख्तियार लेगईल बा । भुक्तानी हि ना भईल फाइल काहे लेगईल ? उ कहनी ।

प्रदेश २ के बिना कारण अनियमितता मे बेसी देखावे के खोजल भी मुख्यमन्त्री राउत के दाबी बा । “एकओरी ६ से ७ प्रतिशत बजेट खर्च हो रहल ना देखावल जाला आ दोसर ओरी बडका भ्रष्टाचार हो रहल कहल गईल बा” कहत उ, “ई बदनाम करावे के आ संघीयता के समाप्त करेवाला खेल मात्र ह ।”

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