प्रदेश २ के सञ्चार विधेयक विरुद्ध नेपाल पत्रकार महासंघ प्रदेश नं. २ के विरोध

जनकपुरधाम ६ चईत,

पत्रकार के एक करोड तक जरिवाना तोकल गईल सञ्चार सम्बन्धी विधेयक जईसन के तईसन छलफल के खातिर टेबल भईल कहत नेपाल पत्रकार महासंघ प्रदेश नं. २ आपत्ति जनवले बा ।

एकरा से पहिले पत्रकार से विरोध कईला पर सरकार के प्रबक्ता भी रहल आन्तरिक मामिला तथा कानूनमन्त्री ज्ञानेन्द्र यादव विधेयक फिर्ता लेवेके प्रतिबद्धता जनईला पर भी फिर्ता ना लेके टेबल करइला से विरोध कईल महासंघ जनवले बा ।

नेपाल पत्रकार महासंघ प्रदेश २ समिति बियफे के दिने प्रेस विज्ञप्ति जारी करत जरिवाना तोकल गईल विधेयक छलफल मे लियावल पत्रकार के संस्थागत रुप मे गुमराह मे राख के पारदर्शिता विरुद्ध सरकार तानाशाही बनेके खोजल बतवले बा ।

प्रदेश सरकार प्रदेशसभा मे छलफल के खातिर पेस कईल विधेयक मे अधिकांश परिच्छेद मे सार्वभौमसत्ता आ भौगोलिक अखण्डता उल्लेख कईले बा ।

एकओरी राष्ट्रियता आ देशभक्त के बात करेके आ दोसर ओरी प्रदेश के सार्वभौमसत्ता आ भौगोलिक अखण्डता के बात करके देश के तहसनहस करेके मनसाय बनावल महासंघ के प्रदेश महासचिव किरण कर्ण जारी कईल विज्ञप्ति मे कहल गईल बा ।

“प्रदेश सभा मे पेस भईल प्रदेश सञ्चार सम्बन्ध मे व्यवस्था करे खातिर बनल विधेयक प्रदेश सरकार से फिर्ता ना लेके पेस कईला से सरकार के बोली वचन आ व्यवहार मे फरक अईला से स्वविवेक हि गुमावल जइसन देखल गईल बा,” विज्ञप्ति मे कहल गईल बा, “विधेयक के दफा ५५, दफा ६९, दफा ७० आ दफा ७१ सहित परिच्छेद १० मे कसुर सजाय आ पुनरावेदन के व्यवस्था से पत्रकारिता क्षेत्र के बन्देज लगावे के कुनियत स्पष्ट बा ।”

सञ्चारजगत के संवैधानिक अधिकार आ प्रेस स्वतन्त्रता के विश्वव्यापी मान्यता विपरीत के प्रदेशसभा मे पेस कईल विधेयक तत्काल खारेज करके सरोकारवाला सहित महासंघ से छलफल करके पत्रकारमैत्री विधेयक लियावे खातिर विज्ञप्ति मे माग कईल बा ।

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