जरुरी पडला पर मात्र इजलास बइठी

काठमाण्डु १२ चईत,

कोरोना भाइरस के सङ्क्रमण बढत गईला पर ओकर सम्भावित जोखिम से बँचे खातिर नेपाल मे भी लकडाउन भईला के बाद देशभर के अदालत मे जरुरी पडला पर मात्र इजलास बईठेके बतवले बानी ।

सर्वोच्च अदालत मे प्रधानन्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीशलोग के आजु बईठल आकस्मिक पूर्ण बईठक से भाइरस के जोखिम से बँचे खातिर सरकार हि पूर्णरूप मे देशभर लकडाउन के घोषणा कईला से बहुते जरुरी पडला पर मात्र इजलास बईठेके निर्णय कईले बा ।

“अदालत से देवेवाला सेवा मे कटौती भईल बा, अब छोटा युनिट से मात्र काम करी”, सर्वोच्च अदालत के प्रवक्ता भद्रकाली पोखरेल कहनी कि, “प्रधानन्यायाधीशज्यू, मुख्य रजिष्ट्रारबीच कैयन काम टेलिफुन से भी समन्वय करेके बात बतवले बानी ।”

पूर्ण बईठक से सर्वोच्च अदालत सहित देशभर के अदालत आ न्यायाधीकरण से आजु के दिन से लागू होखेवाला किसिम से इहे चईत २१ गते तक बन्दी प्रत्यक्षीकरण के निवेदन, महामारी से सम्बन्धित गम्भीर प्रकृति के निवेदन आ बालसुधार गृह के निवेदनउपर मात्र सुनुवाइ होखेके निर्णय कईले बा । प्रवक्ता पोखरेल के मुताविक अदाल इहे चईत ७ गते से एने पडल निवदेन मे मात्र पक्राउ पूर्जी अनुमति आ जरुरी पक्राउ पूर्जी के समर्थन सम्बन्धी काम करी ।

“चईत ७ गते के पूर्ण बईठक से अदालत के म्याद थप करेके लगायत के काम निर्णय कईले रहे, उ समय सरकार लकडाउन करेके निर्णय भी कईले रहलन”, प्रवक्ता पोखरेल कहनी कि, “बेमारी के संवेदनशीलता के ध्यान मे राख के काम करेवाला भईला से सेवा कटौती भईल बा ।”

सर्वोच्च अदालत के बितल शुक के दिने बईठल पूर्ण बईठक से इतवार से लागू होखेवाला किसिम से ईहे चईत १८ गते तक नियमित प्रकृति के सभी मुद्दा के सुनुवाइ स्थगन करेके निर्णय कईले रहे ।

आजु के बईठक से इहे निर्णय के चईत २१ गते तक अतिआवश्यक काम मात्र करेके निर्णय कईले बा । प्रवक्ता पोखरेल के मुताविक भाइरस सङ्क्रमण के जोखिम के अवस्था के लेके अदालत से बाद मे निर्णय करी ।

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