सङ्कट के काला बादल जरुरे हटी : प्रधानमन्त्री

काठमाण्डु २५ चईत,

प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली कोभिड–१९ के चलते उत्पन्न सङ्कट के वर्तमान समय मे जे जहाँ बा, उहाँ सुरक्षित रहीं कहत सङ्कट के काला बादल जरुरी हट के जाएके विश्वास व्यक्त कईले बानी ।

राष्ट्र के नाम मे आजु सम्बोधन करत उ देश कोरोना विरुद्ध के लडाईं मे उतरल आ देश मे सङ्क्रमण के पहिलका ‘केस’ पहिचान भईल एने के साझा प्रयत्न से सङ्क्रमित के सङ्ख्या ९ जने मे मात्र सीमित करे सकला पर भी देश उच्च जोखिम रहल यथार्थ चित्रण कईले बानी ।

विकसित, सम्पन्न आ सुदृढ स्वास्थ्य प्रणाली भईल देशसब के भी आच्छुआच्छु कर रहल ई महामारी विरुद्ध लडे खातिर हमनी के जईसन सीमित साधनस्रोत भईल देश के समस्या पडल स्वाभाविक भईल बतावत प्रधानमन्त्री अभी के सबसे बडका चुनौती स्वास्थ्य उपकरण के आपूर्ति मे पडल उल्लेख कइनी ।

सम्बोधन के समय मे प्रधानमन्त्री कहनी कि, “नागरिक के जीवनरक्षा से महत्वपूर्ण बात आउर होखे ना सकि । सामान्य अवस्था के खातिर बनल नियमित प्रक्रियासब अईसन असामान्य अवस्था के खातिर पर्याप्त ना होखी । ओहिसे स्वास्थ्य उपकरण के आपूर्ति के खातिर विशेष व्यवस्था कईल बा ।” साथे उ महामारी के विरुद्ध सरकार से रोकथाम, नियन्त्रण आ ईलाज के तीन सूत्रीय विधि अपनावल आ जरुरी सुरक्षा उपकरण के व्यवस्था कईल बतवनी ।

विश्व मानव जात आ मानवीय सभ्यता के रक्षा आजु के विश्व के प्राथमिक महत्व के काम भईल स्पष्ट करत उ हमनी सभी के साझा लडाईं भईल आ समाज के हरेक सदस्य ई लडाईं मे खुदे एगो सिपाही ह कहके बात मनन करेके बात मे जोड देत ओईसन करके कोरोना भाइरस के परास्त करे सकेके विश्वास व्यक्त कइनी ।

क्वारेन्टिन मे रहे खातिर निहोरा
कोभिड–१९ सङ्क्रमण दुसरका चरण मे प्रवेश कईला से आउर सचेत होखेके अवस्था सृजना भईल वास्तविकता देखत प्रधानमन्त्री सभी के आउर सचेत आ सावधान रहे खातिर निहोरा कइनी ।

विदेश से आईल सभी के ‘क्वारेन्टिन’ मे रहे खातिर निहोरा करत उ कहनी कि, “बाहर से आईल सङ्क्रमित से स्थानीय मे गईल सङ्क्रमण एक जने मे देखल गईला सँगे हमनी महामारी के दुसरका चरण मे पुगल बानी । एहितरे हजारो के सङ्ख्या मे नेपालीलोग घर फिर्ता भईल बानी । उलोग मेसे कैयन लोग क्वारेन्टिन मे रहे खातिर कईल निहोरा आ प्रबन्धसब के ध्यान ना देहला से चिन्ता थपल बा ।”

भ्रष्टाचार विरुद्ध निर्मततापूर्वक कारबाही होखी
भ्रष्टाचार ना करेके आ होखे ना देवेके वर्तमान सरकार के प्रतिबद्धता के लगातार के निराधार कूप्रचार से कमजोर करे ना सकेके बतावत उ कहुँ अनियमितता आ भ्रष्टाचारजन्य बात देखल गईला मे निर्ममतापूर्वक कारवाही करे खातिर वर्तमान सरकार किञ्चित पछाडि ना पडेके दृढता व्यक्त कइनी ।

प्रधानमन्त्री कहनी कि, “समाज मे उठल, खास करके ‘मिडिया’ आ सामाजिक सञ्जाल मे आवेवाला आलोचना, टिप्पणी आ सुझाव उपर हमर पर्याप्त ध्यान गईल बा ।

मानव विरुद्ध आइल राष्ट्रिय आ विश्वव्यापी सङ्कट के अईसन परिस्थिति मे एकजुट होके लडेके समय मे सरकार के असफल देखावे खातिर आ आपन अनेकन किसिम के निहीत स्वार्थ पूरा करे खातिर चलावल गईल प्रचारबाजी बेमौसमी बाजा जईसन ह आ अईसन प्रवृत्ति किमार्थ प्रशंसनीय होखे ना सकी ।”

राष्ट्रिय एकता, राष्ट्रिय शक्ति
सरकार आ जनता बीच के, राजनीतिक दलसब बीच के, राज्य आ समाज के सभी अङ्गसब बीच के बरियार राष्ट्रिय एकता हि महामारी उपर विजय के पूर्वशर्त भईल कहत प्रधानमन्त्री संसद् के साझा सङ्कल्प, सर्वदलीय सहमति, प्रमुख प्रतिपक्षी दल सहित अनेकन राजनीतिक दल तथा ओकर नेतालोग के ‘महामारी के विरुद्ध के युद्ध मे सरकार के साथ मे रहेके’ कहनाम के खुदे राष्ट्रिय शक्ति के रूप मे लेहल बतवनी । उ आवेवाला दिन मे भी ओईसन समझदारी आ एकता निरन्तर रहेमे खुद विश्वस्त रहल बतवनी ।

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