पार्टी भितर के विवाद शक्ति सङ्घर्ष ह : पोखरेल

बुटवल, ३ जेठ

नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी(नेकपा)स्थायी कमिटी सदस्य मुख्यमन्त्री शंकर पोखरेल पिछिलका दिन मे नेतृत्व आपसी अन्तरसंवाद ओरी केन्द्रित भईला पर पार्टी भितर के विवाद कम होत गईल बतवले बानी ।

नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के तत्कालिन महासचिव जननेता मदन भण्डारी आ कुशल संगठक जीवराज आश्रित के २७ वाँ स्मृति दिवस के अवसर मे आजु बुटवल मे आयोजना कईल स्मृति कार्जक्रम मे प्रदेश नं ५ के मुख्यमन्त्री पोखरेल पार्टी एकता के सफलता हरेक नेता कार्यकर्ता से सोंचेके विषय भईल बतवनी ।

इतिहास उपर गर्व कईल जाँव, इतिहास के भारी लेके वर्तमान के प्रभावित करेके काम ना कईल जाँव’, कहत उ, ‘हमनी के एकता समाजवाद निर्माण, देश के समृद्धि आ जनता के दिगो स्तर मे रूपान्तरण के खातिर ह ।’

उभितर वर्तमान मे देखल गईल विवाद वैचारिक आ राजनीतिक ना होके शक्ति संघर्ष भईल बतावत एकरा के कम्युनिष्ट आन्दोलन मे कउनो उचित मुद्दा के रूप मे लेवेके ना होखी कहत स्पष्ट कइनी ।

उ कहनी कि, ‘शक्ति के व्यवस्थापन भा संयोजन करेके ह, ओकर प्राप्ति के खातिर अनावश्यक द्वन्द्व आन्दोलन के भविष्य के खातिर हानिकारक होखी कहके सभी से गहिरो करके महसुस कईल जरुरी बा ।’

मुख्यमन्त्री पोखरेल नेपाली समाज मे प्रतिस्पर्धा के माध्यम से नेपाल के कम्युनिष्ट आन्दोलन के स्थापित करेके तथा संवैधानिक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से समाजवाद निर्माण करेके नेकपा से लेहल लक्ष्य के कईसे स्थापित कईल जा सकता कहके विषय मे भण्डारी के विचार बहुते सान्दर्भिक आ सार्थक रहल बतवनी ।

उ नेतालोग कउनो रहस्यमय अलौकिक कथा के पात्र जईसन ना होके निरन्तर कार्यकर्ता आ जनता से अनुमोदित होखेके आ पार्टी कमिटी प्रणाली शृङ्खलाबद्ध होखे सकला पर मात्र समाज के रूपान्तरण करे सकेके पार्टी निर्माण करे सकेके बात मे जोड देहनी ।

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