नीति तथा कार्जक्रम उपर छलफल : नयाँ नक्सा सार्वजनिक कईल स्वागतयोग्य

काठमाण्डु ६ जेठ
राष्ट्रियसभा के सदस्य सरकार लिम्पियाधुरा, लिपुलेक आ कालापानी क्षेत्र समेट के नेपाल के नयाँ नक्सा सार्वजनिक करके सरकार के नीति तथा कार्जक्रम उपर प्रतिबद्धता पूरा कईल बतवले बाडन ।
राष्ट्रियसभा के आजु के बईठक मे आर्थिक बरीस २०७७÷०७८ के खातिर सरकार के नीति तथा कार्जक्रम उपर के छलफल मे भाग लेत नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के नेता दीनानाथ शर्मा वर्तमान सरकार राष्ट्रियताप्रति प्रतिबद्ध बा कहके बात नयाँ नक्सा सार्वजनिक कईला से प्रमाणित कईल तर्क कइनी ।
नेपाल आ भारतबीच सिमाना के बारे मे विवाद हो रहला पर सोमार के मन्त्रिपरिषद् के बईठक से लिम्पियाधुरा, लिपुलेक आ कालापानी क्षेत्र समेट के नेपाल के नयाँ नक्सा सार्वजनिक कईले रहे ।
उ सरकार के नीति तथा कार्जक्रम के प्रतिपक्ष दल के कैयन नेता परम्परा के निरन्तरता भईल कहल विरोध के खातिर विरोध मात्र भईल बतवनी ।
“नीति तथा कार्जक्रम के निषेध के दृष्टि से देख के पुनःलेखन करेके पडि कहल बा, उ जिम्मेवार प्रतिपक्ष के जिम्मेवारीपूर्ण भूमिका ना, हम नीति तथा कार्जक्रम उपर के संशोधन फिर्ता लेवे खातिर निहोरा करत बानी”, कहके बतवनी ।
नीति तथा कार्जक्रम वस्तुगत धरातल मे खडा भईल, लोकतान्त्रिक मूल्यमान्यता मान्य, राष्ट्रिय हित मे केन्द्रित रहल उनकर कहनाम बा ।
उ नीति तथा कार्जक्रम मे मानव जात के रक्षा, रोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य लगायत अनेकन क्षेत्र के प्राथमिकता मे राखल सकारात्मक भईल बतवनी ।
नेता शर्मा ‘कोभिड–१९ नियन्त्रण तथा रोथाम के खातिर नेपाल सरकार से चालल कदम उपर अन्तर्राष्ट्रिय समुदाय सराहना कईले बा’ कहनी ।
नेपाली काँग्रेस के नेता राधेश्याम अधिकारी सरकार लिम्पियाधुरा, लिपुलेक आ कालापानी क्षेत्र समेट के नेपाल के नयाँ नक्सा सार्वजनिक कईल उचित बा, स्वागतयोग्य बा कहनी ।
उ रूप मे भी सार मे अध्ययन कईला पर भी नीति तथा कार्जक्रम अधुरा भईल कहत ओकरा के संशोधन करेके तर्क कइनी ।
नीति तथा कार्जक्रम से स्वास्थ्य, शिक्षा आ रोजगारी, कृषि आ आर्थिक पक्ष के प्राथमिकता देवे ना सकल टिपणाी कइनी ।
“कोभिड–१९ के चलते भारत से जुडल नाम मे नेपाली अलपत्र भईल दु महिना भईला पर भी सरकार मानवीयता देखावे नइखे सकल”, कहके बतवनी ।
राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी शुक के दिने सङ्घीय संसद् के दुनु सदन के संयुक्त बईठक के सम्बोधन करत प्रस्तुत कईल सरकार के आर्थिक बरीस २०७७÷०७८ के नीति तथा कार्जक्रम उपर एतवार से दलीय आधार मे छलफल होरहल बा । छलफल ओरईला के बाद आजु प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली जवाफ देवेके कार्जक्रम बा ।
एहितरे प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली कालापानी क्षेत्र, लिम्पियाधुरा आ लिपुलेक नेपाल के भूमि भईला से ओकरा के फिर्ता लेके छोडेके अठोट कईले बानी ।
बितल शुक के दिने सङ्घीय संसद् के दुनु सदन के संयुृक्त बईठक मे प्रस्तुत आवेवाला आर्थिक बरीस के नीति तथा कार्जक्रम उपर के छलफल मे उठल जिज्ञासासब के आजु जवाफ देवेके समय मे प्रधानमन्त्री भारत से हडपल भूभाग ठोस कूटनीतिक प्रयास करके फिर्ता लेवेके बतवनी ।
उ भारत के प्रतीक चिह्न चारमुखे सिंह मे ‘सत्यमेव जयते’ लिखला से भारत ‘सिहंमेव जयते’ के व्यवहार ना करेके विश्वास नेपाल आ नेपाली के रहल बतवनी ।
लिम्पियाधुरा, कालापानी आ लिपुलेक समेटल नेपाल के नयाँ नक्सा मन्त्रिपरिषद् से स्वीकृत भईल सदन के जानकारी देत उ नेपाली भूमि मे भारत से रास्ता बनईला के बाद सरकार उ भूमि आपन नक्सा मे समावेश करेके निर्णय कईल बतवनी ।
साथे नेपाल के मानचित्र मे भईल परिवर्तन बिहान तक मे सार्वजनिक करेके भी उ बतवनी ।
संविधान के अनुसूची मे उल्लिखित नक्सा संशोधन के खातिर सदन मे संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत करेके आ ओकरा के सदन से पारित करेमे खुद निफिकिर रहल प्रधानमन्त्री बतवनी । विसं २०१८ तक तिरो उठावल आ जनगणना कईल स्पष्ट भईला पर भी नेपाल के भूमि हडपला से उ जईसे भी फिर्ता लेवेके प्रतिबद्धता उ व्यक्त कइनी ।
वितल समय के शासकलोग भारत से हडपल जमिन के बारे मे मौन रहला पर भी वर्तमान सरकार सही निर्णय कईल बतावत उ कहनी कि, “१९६२ मे भारतीय सेना कालापानी मे बईठला के बाद उ समय के शासकलोग सहलें,’ कहत उ, “अब ई ओझेल पडिहें, सेरावे नइखे देहल गईल । निष्कर्ष निकालल जाई । अतिक्रमण कईल जमिन फिर्ता लेहल जाई ।”






