सरकार विरुद्ध मन्त्रीलोग के संघर्ष

जनकपुरधाम १२ जेठ

बितल आर्थिक बरीस सरकारद्वारा सञ्चालित अनेकन ८ सय योजना के ८६ करोड से बेसी रोपेया उपभोक्ता समिति के भुक्तानी होखे ना सकला पर सरकार विरुद्ध मन्त्रीलोग हि संघर्ष मे उतरल बाडन ।

सरकार नीति तथा कार्जक्रम आ आवेवाला बरीस के बजेट लियावे के तइयारी मे जुटल समय “पुराना बजेट फर्स्योट संघर्ष समिति” गठन कईल बा ।

आन्तरिक मामिला तथा कानुनमन्त्री ज्ञानेन्द्र यादव के संयोजकत्व मे गठित ९ सदस्यीय संघर्ष समिति मे कानुन राज्यमन्त्री सरोजसिंह कुशवाहा, सामाजिक विकास राज्यमन्त्री अभिराम शर्मा, राष्ट्रिय जनता पार्टी के प्रमुख सचेतक परमेश्वर साह बाडन ।

एहितरे, सांसद रानी शर्मा तिवारी, सुरिता साह, प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेकपा के सांसदद्वय शत्रुधन महतो आ मंजु यादव आ विपक्षी दल कांग्रेस संसदीय दल के नेता रामसरोज यादव सदस्य बाडन ।

समिति के अभी तक दश गो से बेसी बईठक बईठला पर भी उपभोक्ता के कईसे रोपेया उपलब्ध करावे के उ बारेमे ठोस निष्कर्ष निकाले सकल नइखे । “सरकार ई समस्या समाधान करे ना सकला पर हमनी बजेट लियावे ना देहेम,” सामाजिक विकास राज्यमन्त्री अभिराम शर्मा कहनी कि, “जदि जनता से कईल काम के भुक्तान ना भईला पर सरकार उपर के जनविश्वास उठी ।”

पूरक बजेट लिया के भुक्तानी देवे खातिर भी समिति सरकार के दबाब देहल राजपा सांसद रानीशर्मा तिवारी बतवनी ।

“हमनी पूरक बजेट लियावे के कहनी माकिर उलोग नीति तथा कार्जक्रम मे ई विषय समावेश करके आवेवाला बजेट मार्फत भुक्तानी करेके अडान मे बानी,” तिवारी कहनी कि, “दोसर विकल्प अध्यादेश मार्फत बजेट लियावे के बारेमे भी छलफल भईल बा जदि ६० दिन भितर सरकार से भुक्तानी ना कईला पर हमनी बजेट पास होखे ना देहेम ।”

“सरकार मे रहेके आ जनता के निकास ना देहला पर अईसन सरकार के हमनी विकल्प खोजेम,” तिवारी कहनी ।

“दश महिना से आश्वासन के भर मे बानी,” विपक्षी दल कांग्रेस संसदीय दल के नेता रामसरोज यादव कहनी कि, “सरकार उपर विश्वास त अब नइखे फिरभी समिति से देहल विकल्प मे छलफल चलत बा, देखल जाँव कुछ त निष्कर्ष निकली ।”

बितल आर्थिक बरीस के अन्त्य मे सरकार से बजेट ओरवावे के खातिर जलदी मे अनेकन मन्त्रालय आ सांसदमार्फत छोटा छोटा योजना बनाके आठु जिल्ला मे काम करावल रहे ।

माकिर, समय मे काम होखे ना सकला पर अनेकन योजना के रकम बाँकी रहल । उ रोपेया भुक्तानी के माग करत सांसद महिनो सदन अवरुद्ध कईलन ।

ओकरा बाद सरकार के निहोरा मे प्रदेश २ के सभामुख सरोजकुमार यादव के संयोजकत्व मे संसदीय विशेष छानबिन समिति गठन भईल ।

उ समिति से छानबिन कईला पर आठु जिल्ला मे पुरा भईल कहल दर्जनो योजना मे लगती मिलल । कैयन योजना मे कामे ना होके फाइनल बिल बनावल गईल रहे आ कैयन योजना गुणस्तरहीन रहे ।

उ समिति से ८ सय जेतना योजना के भुक्तानीयोग्य ठहर करत उ बापत के ८६ करोड रोपेया जलदी से जलदी उपभोक्ता के भुक्तान करे खातिर सरकार के निर्देशन देहल गईल ।

माकिर सदन के निर्देशन भी कार्यान्वयन होखे ना सकल ।

कर्मचारी बितल आर्थिक बरीस के रकम चालु बरीस देवे ना मिलेके कहत भुक्तानी प्रक्रिया अगाडि ना बढवलख ।

अन्ततः मुख्यमन्त्री लालबाबु राउतसहित मन्त्रीलोग के टोली संघीय सरकार समक्ष पुग के भुक्तानी के रास्ता खोले खातिर निहोरा कईलख माकिर उहाँ भी कुछो बुद्धि ना लागल ।

सभी उपाय फेल भईला के बाद सरकार के मन्त्रीलोग आपन सरकारविरुद्ध संघर्ष मे उतरल बाडन ।

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