अन्तर्राष्ट्रिय सम्बन्ध समिति के वार्षिक प्रतिवेदन सार्वजनिक

काठमाण्डु १७ जेट

कोभिड–१९ के चलते उत्पन्न असहज अवस्था मे सङ्घीय संसद् के अन्तर्राष्ट्रिय सम्बन्ध समिति से सरकार के नीति तथा कार्जक्रम पेश होखे से पहिले प्रस्तुत करेके वार्षिक प्रतिवेदन के प्रायः अन्तिम रूप देहले बा ।

प्रतिनिधिसभा नियमावली, २०७५ मुताविक परराष्ट्र आ संस्कृति पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मन्त्रालय से होखेवाला काम के अनुगमन आ मूल्याङ्कन करके जरुरी सुझाव एवं निर्देशन देवेके समिति से एक बरीस भितर कईल काम कारवाही समेटल वार्षिक प्रतिवेदन के अन्तिम रूप देवे खातिर समिति के आजु के बईठक मे निर्णय ना भईला पर भी आवेवाला बईठक मे प्रतिवेदन टुङ्ग्यावेवाला किसिम से बईठक करेके सभापति पवित्रा निरौला खरेल बतवनी ।

आजु के बईठक मे समिति से तइयार कईल प्रतिवेदन मे छुटल विषयवस्तु आ सदस्य के सुझाव के समावेश करेके, पडोसी मित्र राष्ट्रसब सँगे के सम्बन्ध के अक्षुण राखे खातिर उच्चस्तरीय कूटनीतिक माध्यम से हि सभी किसिम के समस्या निरूपण करेके विषय के भी प्रतिवेदन मे समेटे खातिर सुझाव प्राप्त भईल बतवनी ।

नेपाल के सार्वभौमसत्ता आ भौगोलिक अखण्डता रक्षा भारत लगायत विश्व के आउर राष्ट्र मे रहल नेपालीलोग के कोभिड–१९ के महामारी से सुरक्षा, उलोग के समस्या सम्बोधन, बन्दाबन्दी से विदेश मे अलपत्र पडल नेपाली के उद्धार, अतिक्रमित नेपाली भू–भाग के समेट के नेपाल के नयाँ नक्सा प्रकाशन, भारतद्वारा नेपाल के दार्चुला जिल्ला के लिपुलेक क्षेत्र मे निर्मित सडक, लिम्पियाधुरा, लिपुलेक लगायत कालापानी भू–भाग मे नेपाल के सुरक्षा आ प्रशासनिक उपस्थिति कायम करे खातिर नेपाल सरकार के देहल सुझाव आ निर्देशन प्रतिवेदन मे समेटल बा ।

एहितरे एक बरीस के समय मे समिति से भारतीय निजी कम्पनी नेपाल के करेके कहल इन्टरनेशनल इन्डियन फिल्म एकेडेमी पुरस्कार कार्जक्रम, सीमा सुरक्षा आ डुबान समस्या, नेपाल वायुसेवा निगम के वाइडबडीसहित आउर विमान खरिद, नागरिक उड्डयन, पर्यटन प्रवद्र्धन, नेपाल भ्रमण बरीस २०२० के प्रवद्र्धन आ व्यवस्थापन, विश्व सम्पदा सूची मे सूचीकृत सांस्कृतिक सम्पदा क्षेत्र, तारा गाँव विकास समिति के जमिन प्रकरण के भी वार्षिक प्रतिवेदन मे समावेश कईल सभापति निरौला बईठक के जानकारी करवनी ।

विपक्षी दल के कुछ सदस्य परराष्ट्रमन्त्री से महाकाली सन्धि के ‘गम्भीर त्रुटि’ कहके कईल सार्वजनिक टिप्पणी के बारे मे समिति के स्पष्ट करेके, चीन आ भारतबीच के सीमा क्षेत्र मे सुरक्षा जाँच चौकी (बिओपी) स्थापना, नेपाल के नयाँ नक्सा जारी भइला के बाद चीन आ भारत से नेपाल के पठावल कूटनीतिक पत्राचार प्रतिवेदन मे थपेके सुझाव देहले रहनी ।

समिति के सुझाव तथा निर्णयसब के कार्यान्वयन करे खातिर सरकार के ओरी से प्रतिबद्धता भईला पर भी समिति के बहुते निर्देशन पालना ना भईल सिकाईत कुछ सदस्यलोग कईले रहलन आ आउर समिति के जरुरी, भौतिक, आर्थिक, मानवीय स्रोत साधन उपलब्ध करावे के ओरी ध्यानाकर्षण करवले रहनी ।

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