पर्सा के ठोरी आ जीराभवानी मे भी देखल गईल सलह किरा, किसान चिन्ता मे

मेघराज राय
जीराभवानी १४ असाढ
बिश्व के बहुते जगहा मे नोक्सानी पुगईला से फट्याङ्ग्रा प्रजाती के सलह किरा पर्सा के जीराभवानी आ ठोरी मे भी देखल गईल बा ।
२ दिन पहिले भारत होत नेपाल आईल सलह एतवार के दिने जीराभवानी आ ठोरी मे भी देखल गईल स्थानीयलोग बतवले बाडन ।
बहुते समुह मे देखाई देहला से खास करके कृषक से रोपल बाली मे बिशेष नोक्सानी करेवाला सलह किरा ठोरी अईला के बाद स्थानीय किसानलोग चिन्ता मे पडल बाडन ।
का ह सलह ?
फट्यांग्रा जईसन लउकेवाला सलह किरा कृषि बाली नोक्सान करत आईल अभी तक के सब से खतरनाक किरा ह ।
एक वर्गकिलोमिटर भितर एगो समूह मे डेढ लाख से ३–४ करोड तक के संख्या मे जम्मा होखेके आ बालीनाली एके बेर नोक्सान करेलन ।
आउर किरासब बाली विशेष मे लागेके आ आंशिक नोक्सान कईला पर भी सलह किरा हहिहर कउनो भी बाली मे लागेके आ सभी नोक्सान करेवाला प्रकृति के भईल मन्त्रालय मातहत के प्लान्ट क्वारेन्टाइन तथा विषादी व्यवस्थापन केन्द्र के पूर्वप्रमुख डा. डिल्लीराम शर्मा बतवनी ।
फट्यांग्रा जईसन लउकेवाला सलह किरा कृषि बाली नोक्सान करत आईल अभी तक के सबसे खतरनाक किरा ह ।
३५ हजार आदमी सबेरे आ सँझिया खाएवाला कृषिउपज एक दिन मे एगो समूह मे आईल किरा से नोक्सान कर सकता ।
ई किरा अभी तक के सबसे खतरनाक साबित भईल बा । नेपाल आईल कहत बहुते खतरा के संकेत ह,’ कहत उ, ‘एकरा के नोक्सान करे खातिर शनिचर से काम सुरु करेके चाहिं, माकिर एक–दु दिन रुकके गल्ती हो रहल बा ।’
ई किरा कम समय मे बाली, पाता, डाँठ सभी नोक्सान करेके उ बतवनी । ई किरा सुरु मे सन् २००३ मे अफ्रिका मे देखल गईल रहे ।
ओकरा बाद खाडी देश इरान होत पाकिस्तान से भारत मे आईल रहे । ई किरा एक दिन मे एक सय ५० किलोमिटर तक समूह बनाके जा सकता ।
३५ हजार आदमी सबेरे आ सँझिया खाएवाला कृषिउपज एक दिन मे एगो समूह मे आईल किरा नोक्सान कर सकता ।
कईसे ब्यवस्थापन करेके ?
सलह के ब्यस्थापन करे खातिर भिड के तितर वितर करे खातिर आँगी के धुवाँ, ध्वनी बेसी करेके, किटनाशक दवाई के प्रयोग करेके, प्रजनन करेवाला जगहा नोक्सान करेके, लसुन पानी छिटेके, झुल जाल के प्रयोग करेके लगायत के बिधी अपनाके सलह भगावे भा व्यस्थापन करे सकेके बिज्ञलोग के कहनाम रहल बा ।






