वीरगंज के पीसीआर ल्याब मे जोडल गईल अटोमेटिक मेसिन

वीरगंज १९ सावन

वीरगंज के नारायणी अस्पता मे रहल कोरोना परीक्षण करेवाला प्रयोगशाला मे अटोमेटेड आरएनए एक्सट्रयाक्सन मेसिन जडान कईल बा ।

९६ बेल के ई मेसिन जोडल गईला के बाद प्रयोगशाला मे कम समय मे बहुते स्वाब नमुना परीक्षण करे सकेके प्रयोगशाला के कर्मचारी बतवले बाडन ।

मेसिन जडान कईला के बाद तीन दिन एने उ प्रयोगशाला क्रमशः ४ सय ६६, ४ सय ९० आ ४ सय ९२ गो स्वाब नमुना परीक्षण कईले बा ।

ओकरा से पहिले प्रयोगशाला के कर्मचारी २० घण्टा खट के काम कईला पर भी २ सय से २ सय ५० स्वाब के मात्र परीक्षण होत रहे ।

९६ बेल के अटोमेटेड आरएनए एक्स्ट्रयाक्सन मेसिन अईला के बाद जलदी रिपोर्ट देवे सकेके नारायणी अस्पताल के मेडिकल सुरपरिटेन्डेन्ड डा. मदन उपाध्याय जानकारी देहनी ।

‘सब से बेसी समय आरएनए एक्सट्रयाक्सन मे लागी, ओकरा खातिर मन्त्रालय से ९६ बेल के आरएनए एक्सट्रयाक्सन मेसिन लियावे मे सफल भईल बानी,’ कहत उ, ‘२० घण्टा तक खटेवाला ल्याब के जनशक्ति के कुछ सहज महसुस भईल बा आ हमनी भी रिपोर्ट बहुते आ जलदी देवे सकेम ।’

अभी नारायणी अस्पताल आईसीयू मे भर्ना होखेवाला मरेजी, मृतक आ भीआईपी आदमी के एके दिन मे रिपोर्ट देत आईल बा ।

मेसिन एक घण्टा मे ९६ गो स्वाब नमुना के आरएनए एक्सट्रयाक्सन कर सकता ।

प्रयोगशाला प्रमुख कन्सल्टेन्ट प्याथोलोजिष्ट डा. नीरा पाठक के मुताविक संकलित स्वाब नमुना के परीक्षण के खातिर ४ गो प्रक्रिया पुरा करेके पडि । भाइरस के सब से सुक्ष्म कहल आरएनए होखेला ।

सबसे पहिले लार से भाइरस के आरएनए के छुट्यावेके पडेला । अटोमेटेड आरएनए एक्स्ट्रयाक्सन मेसिन अब उ काम करी ।

ल्याब प्रमुख पाठक के मुताविक आरएनए एक्सट्रयाक्सन मे समय बचत भईला पर भी आउर प्रक्रिया मे ओतना हि समय लाग रहल बा ।

पहिले आरएनए एक्सट्रयाक्सन करेमे ५ घण्टा लागत रहे, अभी एक घण्टा मे ९६ गो आरएनए एक्सट्रयाक्सन हो रहल बा,’ कहत उ, ‘आरएनए एक्सट्रयाक्सन डबल करेमे सफल भईल बानी माकिर तिसरका आ चउथका प्रक्रिया मास्टर मिक्सिङ आ पीसीआर इन्टरप्रिटेसन के पार्ट मे समय लागेला ।’

ल्याब निर्मलीकरण कईल जाई
प्रयोगशाला मे सँझिया आईल १ सय ५० गो स्याम्पल मात्र आरएनए एक्सट्रयाक्सन करेके बाँकी बा । मास्टर मिक्स आ पीसीआर के खातिर ३ सय स्याम्पल तइयारी अवस्था मे बा ।

सोमार के दिने ल्याब के निर्मलीकरण करेके तइयारी कईल बा । ओकरा खातिर ल्याब के काम सभी बन्द करेके पडि ।

फुमिगेसन आ डिसइन्फेक्सन करेके भईला से सोमार के दिने ल्याब बन्द करे लागल ल्याब प्रमुख डा पाठक बतवनी ।

काल्हु के कुछ काम पेन्डिङ बा, ओकरा के पुरा कईल के बाद काम बन्द होखी,’ कहत उ, ‘फुमिगेसन आ डिसइन्फेक्सन करेके समय भईल बा ।’

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