हिरासत मे मृत्यु प्रकरण ः रौतहट के दलित समुदाय फेनु आन्दोलित

रौतहट १७ कतिक

रौतहट गरुडा के विजय राम के हिरासत मे मृत्यु भईल घटना के दोषी के कारबाही के माग करत रौतहट के दलित समुदाय आन्दोलित भईल बाडन ।

सावन ३२ गते रौतहट के गरुडा नगरपालिका वार्ड नं. ८ जिगंडवा के २० बरीस के निरंजन राम के हत्या कईल अभियोग मे पकडाईल विजय राम महरा के पुलीस नियन्त्रण मे रहल समय मृत्यु भईल रहे ।

उनकर मृत्यु के बाद आन्दोलित परिवारजन आ स्थानीय गृहमन्त्रालय के उपसचिव के संयोजकत्व मे छानबिन समिति गठन भईला पर भी उ छानबिन समिति के प्रतिवेदन मुताविक पुलीस अधिकारी के कारवाही ना भईल कहत सदरमुकाम गौर मे प्रर्दशन कईले बाडन ।

उलोग दोषी उपर कारबाही के माग करत प्रमुख जिल्ला अधिकारी के ज्ञापन पत्र भी बुझवले बाडन ।

गृह मन्त्रालय से गठन कईल छानबिन समिति के प्रारम्भिक अनुसन्धान से भी पुलीस हिरासत मे यातना देहल मिलला के बाद जिल्ला प्रहरी प्रमुख एसपी रविराज खड्का के जिम्मेवारी छिनाके उनकर जगहा मे सिद्धिविक्रम शाह के पठवले रहे ।

प्रहरी प्रधान कार्यालय, नक्साल प्रकरण सार्वजनिक भईला के बाद इलाका प्रहरी कार्यालय, गरुडा के डीएसपी ज्ञानकुमार महतो के प्रदेश २ प्रहरी कार्यालय मे तान के छानविन सुरु कईले रहे ।

एहितरे प्रदेश नं. २ प्रहरी कार्यालय प्रहरी निरीक्षक नविन कुमार सिंह, हवल्दार मुन्नाकुमार सिंह आ फिरोज मिया के निलम्बन कईले बा ।

मुद्दा दर्ता भइला पर भी यातना देवेवाला पुलीस के कारवाही निलम्बन बाहेक आउर कउनो कारवाही होखे ना सकल उपर दलित अगुवालोग आक्रोश जनवले बाडन ।

‘दलित के विषय मे राज्य हरदम अवहेलना मात्र कईले बा’ दलित अगुवा धर्मेन्द्र पासवान ‘हिरासत मे यातना देके आदमी मारेके तत्कालिन प्रहरी प्रमुखलोग के थुना मे राख के छानबिन करेके पडि ।’

निरंजन, विजय राम हत्याकाण्ड के सम्बन्ध मे छानबिन, दोषि पुलीसलोग के उपर कारवाही तथा मृतक परिवार के क्षतिपूर्ति देवेके पीडित परिवार के माग बा ।

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