माडी के पुल बनावे खातिर चितवन राष्ट्रिय निकुञ्ज देहलख सहमति

चितवन १५ माघ

वातावरणीय प्रभाव मूल्याङ्कन करेके प्रक्रिया अगाडि बढावे के सहमति के बाद चितवन राष्ट्रिय निकुञ्ज माडी मे पक्की पुल बनावे के अनुमति देहले बा ।

हुलाकी सडक मे निर्माण हो रहल ११ गो पुल मेसे आठ गो के वातावरणीय प्रभाव मूल्याङ्कन ना करके काम अगाडि बढावल गईल रहे ।

निकुञ्ज के प्रमुख संरक्षण अधिकृत अणनाथ बराल वातावरणीय प्रभाव मूल्याङ्कन के काम अगाडि बढईला के बाद पुल निर्माण करेके सहमति देहल गईल बतवनी ।

साथे ठेकेदार कम्पनी उहाँ प्रयोग कईल नदीजन्य पदार्थ के राजश्व तिरेके प्रतिबद्धता भी जनवले बा । बराल कहनी, ‘नदीजन्य पदार्थ के राजस्व ना तिरला पर पुल निर्माण के भुक्तानी मे हि कट्टा कईल जाई ।’

चितवन राष्ट्रिय निकुञ्ज प्रशासन, माडी नगरपालिका आ हुलाकी सडक परियोजना के संयुक्त बईठक से अपुग कागजपत्र पुगावत जाएके शर्त मे निर्माण काम अगाडि बढावे के अनुमति देहले बा ।

वातावरणीय प्रभाव मूल्याङ्कन (इआइए) ना करके पुल निर्माण के काम सुरु कईल कहत निकुञ्ज पुल के काम तत्काल रोकेके निर्देशन देहले रहे । निकुञ्ज के निर्देशन के बाद ठेकदार कम्पनी पुल निर्माण के काम रोकले रहे ।

भरतपुर–माडी–ठोरी हुलाकी सडकअन्तर्गत माडी के छोटा बडका खोला मे करके अभी ११ गो पुल बन रहल बा ।

मगुवाई, रिउ, बगइ खोला मे बन रहल तीन गो पुल के मात्र वातावरणीय प्रभाव मूल्याङ्कन कईल बा आ बाँकी आठ गो पुल के प्रतिवेदन ना बुझावल गईल रहे । उ मेसे एगो पुल के वातावरण प्रभाव मूल्याङ्कन के काम अन्तिम चरण मे बा आ आउर के सुरु करेके सहमति भईल बा ।

माडी मे पुल निर्माण कईला पर ठेकेदार कम्पनी उहें के नदीजन्य पदार्थ प्रयोग करत आईल बाडन । निकुञ्ज विश्वसम्पदा सूची मे सूचीकृत भईला से मध्यवर्ती क्षेत्र मे काम करेके पडला पर अनेकन प्रक्रिया पूरा करेके पडि ।

माडी नगरपालिका नगरवासी के अनेकन काम मे निकुञ्ज अवरोध कर रहल कहत विरोध जनावत आईल बा । निकुञ्ज स्थापना समय के ऐन संशोधन होखे ना सकला पर कैयन काम मे अनावश्यक अवरोध हो रहल कहत नगरपालिका विरोध जनावत आईल बा । जउना के चलते निकुञ्ज आ माडीवासी के बीच मे समय समय मे द्वन्द्व होत आईल बा ।

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