कांग्रेस के नेतृत्व मे कमाके खाएवाला नयाँ अभियान सुरुवात भईल : विनोद चौधरी

वीरगंज १५ माघ
नेपाली काँग्रेस उद्योगी विनोद चौधरी के नेतृत्व मे ‘गरीखाने अभियान’ सुरु कईले बा । आजु वीरगंज मे आयोजित पत्रकार सम्मेलन मे उ अभियान घोषणा कईल गईल ।
पत्रकार सम्मेलन मे अभियान के सहसंयोजक अनिल रुगंटा नेपाली के जीवनस्तर रुपान्तरण करके खाएवाला अभियान सुरु कईल बतवनी । ‘नेपाली जनता के कमाके खाएवाला रास्ता मे लेजाएके आ बाद मे उलोग के खुदे खाएवाला बनावेके योजना बा’ उ कहनी ।
पत्रकार सम्मेलन मे उद्योगी विनोद चौधरी नेपाली काँग्रेस के हरेक कार्यकर्ता, नेविसंघ, तरुण दल, राज्य सञ्चालन के अनेकन पंक्ति मे रहललोग के अभियान मे समेटेके बतवनी । ‘अभियान नेपाली काँगेस के ह, माकिर ई दृष्टिकोण मे विश्वास करेवाला युवा के समेटल जाई । ई रास्ता मे लाग के उनका से लियावल परिवर्तन के सफलता के गति देहल जा सकता’ कहके बतवनी ।
पत्रकार सम्मेलन मे उद्योगी चौधरी कोरोना भाइरस के महामारी के चलते बहुते व्यवहारिक कठिनाइ सिर्जना भईल, ओकर हमनी सामना कईले बानी । ई अभियान के उद्देश्य खास करके बेरोजगारी समस्या, आपूर्ति आ उत्पादन तथा माग आ उत्पादनबीच के खाडल भरेके ह ।
नेपाल के ६० लाख युवा के जमात रोजगारी आ उद्यम के बजार मे बाडन । आपूर्ति आ उत्पादन बीच के खाडल मे खडा भईल बाडन ।
वालिग मत देवेके क्षमता उलोग सँगे बा । उलोग के हाथ मे इन्टरनेट बा, देश दुनियाँ देखले बाडन । उलोग के आपन आकांक्षा आ सपनासब बा ।
व्यवस्थित प्रणाली के माध्यम से उलोग के खातिर राज्य से अवसर खोलेके पडि । ना त बिहान के रास्ता मे आउर बेसी समस्या हो सकता । देश सामाजिक द्वन्द्व मे जा सकता ।
हमनी एकरा के बुझ के अभियान सुरु कईले बानी । ग्रास रुट (भुइँ तह) से भा कउनो ना कउनो रुप के संघर्ष से अगाडि आईल, पहिचान बनावल, आपन गोड मे खडा भईल साथीलोग अभियान मे साथ देत बाडन ।
बहुते नेपाली आपन देश सम्पन्न भईल सपना देखले बाडन । जे कमा के खाएमे विश्वास करेलन, ठग के खाएमे भा माग के खाएमे ना । ई जमात के आउर व्यापक बनावेके पडि ।
युवा हम ई काम करेके चाहत बानी कहला पर काम पुरा होखे ना सकि । काम के योजना के रुप देवे सकेके पडि, बैंक पत्यावेवालाल हिसाब से प्रस्तुत करे सकेके पडि । सही तसिका से कार्यान्वयन करेके पडि । सफलता के साथ सञ्चालन होखेवाला जगहा मे पुगावेके पडि ।
सरकार अनेकन किसिम के योजना घोषणा कईले बा । पूँजी के कउनो कमी नइखे, विना धितो प्रमाणपत्र के आधार मे कर्जा उपलब्ध बा कहके उदघोष हरेक दिन सुनल जाला ।
माकिर केतना जने के रोजगारी मिलल बा ? केतना उद्यम खडा भईल बा ? नवप्रवर्तन उद्यमी केतना खडा भईल बाडन ? कहके गम्भीर सवाल खडा भईल बा ।
अब उद्यम लगानी आ पूर्वाधार दिगो विकास के प्लेटफर्म बनेके पडि कहके दृष्टिकोण राख के हमनी काम सुरु कईले बानी ।
ओकरा खातिर एगो अईसन सिस्टम बनावेके पडि, जउन सिस्टम से कुछ करेम कहके आत्मविश्वास लेहल युवा के सोच के कार्यान्वयन मे लेजाए खातिर सारथी के भूमिका खेली ।
हमनी के सोच कहल नेपाली काँग्रेस के हरेक कार्यकर्ता, नेविसंघ, तरुण दल, राज्य सञ्चालन के अनेकन पंक्ति मे रहल सभी के समेट के लेजाए के ह । अभियान नेपाली काँगेस के ह, माकिर ई दृष्टिकोण मे विश्वास करेवाला युवा के समेटल जाई ।
कउनो भी देश सम्पन्न होखेके परिकल्पना करे खातिर सब से पहिले समाज मे कमाके खाएवाला वर्ग उपर के भावना सकारात्मक होखेके पडि । जब तक कामके खाएवाला सोच भईललोग के समाज महत्व ना दि, तब तक समस्या समाधान ना होखी ।
विदेश मे काम कईल भर से राज्य कुछ दिन, कुछ बरीस चल सकता, हरदम सम्पन्न राष्ट्र बने ना सकि । कोरोना महामारी से भी हमनी के ई बात सिखवले बा ।
कमाके खाएवाला अभियान के ७ गो प्रदेश मे स्थायी संरचना बनावल जा रहल बा । प्रदेश २ के वीरगंज मे पहिलका छलफल भईल । वीरगंज मे स्टार्टअप (नयाँ व्यवसाय) से जुडल संस्थासब रहल बा ।
म्यानेजर मात्र ना होके उद्योगीलोग के भी अगाडि बढावेके मानसिकता राख के युवा पुस्ता अगाडि बढल बाडन । २० से बेसी अईसन पात्र मिललन । एकरा के २ हजार बनावेके पडि ।
हरेक जिल्ला मे बनावेके पडि कहके हमनी के सोंच बा । उद्यम आ व्यवसाय के रुप मे सब से अगाडि वीरगंज बा, उहें से हमनी अभियान सुरु कईले बानी । ई अभियान एक किसिम के क्रान्ति भी ह । हमनी के सोचाइ कहल राजनीति के बीच मे भी कमाके खाएवाला लोग के वर्चश्व होखेके पडल ।
नेपाल मे समस्या का बा कि कउनो नयाँ सोच आवते मातर सबसे पहिले ई सफल ना होखी कहके सोंचेनी । माकिर ई बेर जईसे भी करके छोडल जाई कहके संकल्प के साथ अगाडि बढेके पडि ।
हमनी का चाहेनी कि अब के युवा कामके खाएवाला बनेके पडल, रोजगारी लेके भा रोजगारी देवे सकेवाला जगहा मे खुद पुगके । देश १२ बरीस द्वन्द्व मे रहला पर भी हमनी ना रुकनी ।
काम करे सकेवाला वातावरण निर्माण करे खातिर राज्य प्रणाली विकास करेके पडि । राज्य प्रणाली, एगो पार्टी से बनी, पार्टी समाज के मानसिकता से हि बनी ।
अनेकन पार्टी के आह्वान मे संघर्ष करे खातिर आदमीसब सडक मे उतरेलन । अब कमाके खाएवाला वातावरण बनावे खातिर भी सडक मे उतरे सकेके पडल आदमीसब के ।
कनेक्टिभ वल्र्ड मे राष्ट्र बोर्डर (बन्देज) लगावेके ना, हरेक आदमी के अभिप्रेरित करेके पडि । नेपाल के चिन्हावेके कहेके पडल ।
विदेश गईला पर उहाँ रहल लाखो नेपाली से बात कईला पर मन रोवेला । उलोग हमनी स्वदेश मे आके सजिलो से काम करेवाला वातावरण बनी कहके पुछेलन ।
उलोग के अपनेलोग संघर्ष करी, बाहर बानी कहके हिनता भाव ना राखिं, अनुभव आ पईसा जम्मा करी । नेपाल मे उ स्थिति आई । ओकरा खातिर हर किसिम से योगदान दि कहके सम्झावेनी ।





