संसद विघटन के असंवैधानिक कदम से देश राजनीतिक संकट मे फँसल : उपसभापति निधि

वीरगंज २५ माघ
नेपाली कांग्रेस के उपसभापति बिमलेन्द्र निधि प्रतिनिधिसभा के पुर्नस्थापना भा निर्वाचन कउनो भी विकल्प भईला पर भी पार्टी जाए खातिर तईयार रहल बतवले बानी ।
पर्सा के वीरगंज महानगरपालिका वार्ड नं. २८ बगही मे आजु कांग्रेस से आयोजना कईल बृहत आमसभा के सम्बोधन करत उ, “अभी के राजनीतिक संकट से देश के निकास देवे खातिर दु गो मात्र संवैधानिक मार्ग बा, उ कहल प्रतिनिधिसभा पुनस्र्थापना भा निर्वाचन ह ।”
सर्वोच्च अदालत से संसद पुनस्र्थापना भा निर्वाचन मेसे कुछो फैसला कईला पर भी कांग्रेस ओकरा के स्वीकारेके उनकर कहनाम बा । प्रधानमन्त्री केपी ओली के संसद विघटन करेके असंवैधानिक कदम से देश मे अभी राजनीतिक संकट आईल निधि आरोप लगवनी ।
ओली के कदम से संविधान हि विघटन भईल ः गगन
आमसभा के सम्बोधन करत कांग्रेस के युवा नेता गगन थापा प्रधानमन्त्री ओली प्रतिनिधिसभा विघटन मात्र ना होके संविधान हि विघटन करेके कदम चालल बतवनी । “ओली के असंवैधानिक कदम ना सँचिअईला पर भा ना रुकला पर संविधान हि बिघटन होखेके निश्चित बा”, कहत थापा, “ओकरा से संविधान के रक्षा के खातिर कांग्रेस संसद विघटन के विपक्ष मे खडा भईल बा ।”
प्रतिनिधिसभा विघटन के मुद्द मे अदालत से विवेक पुगाके फैसला करेमे खुद विश्वस्त रहल उ बतवनी । प्रधानमन्त्री ओली के वितल समय मे माधव नेपाल, प्रचण्ड हि देवत्वकरण करके प्रस्तुत कईला के चलते अभी के संकट उत्पन्न भईल उ आरोप लगवनी ।
थापा ओली सरकार के दु तिहाइ के मत पुगावेमे सब से बेसी दोषी जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) रहल आरोप लगवनी ।
“नेकपा के बहुमत मात्र रहे । जसपा से समर्थन कईला के बाद मात्र दु तिहाइ पुगल बा”, कहत उ, “मन्त्री पद के लोभ मे उपेन्द्र यादव ओली के भोट देहले रहलन ।”
मधेस के नागरिक के नागरिकता देवे ना चाहल ओली आजु भगवान राम के नागरिकता देवेके बात करके हिन्दु धर्म के आस्था से खेलवाड कर रहल थापा बतवनी ।
कांग्रेस के स्थानीय नेता सरजुग महत्तो के अध्यक्षता मे भईल आमसभा के काँग्रेस के पूर्वकोषाध्यक्ष एंव पुर्वउपसभामुख चित्रलेखा यादव, पूर्वमन्त्री सुरेन्द्र चौधरी, काँग्रेस केन्द्रीय सदस्य अजय चौरसीया, फरमुल्लाह मन्सुर, पूर्व सांसदलोग राजेन्द्रबहादुर अमात्य, अनिल रुंगटा लगायत के लोग आपन आपन बिचार रखले रहनी ।






