मातपोत कार्यालय बारा के लापरवाही से सेवाग्राही समस्या मे

वीरगंज १२ चईत,
नेपाल सरकार मालपोत कार्यालय से जनता के जमिन सम्बन्धि जग्गा रोका, जग्गा किताकाट, जग्गा नामसारी लगायत के काम काज करेमे सहज होखो कहके उद्देश्य से अनेकन जगहा मे स्थापना कईल बा ।
बारा के कलैया मे रहल मातपोत कार्यालय मे जिल्ला पर्सा बीरगंज पानिटँकी निवासी अमरनाथ प्रसाद रौनियार आपन बाबु स्व. रघुनाथ प्रसाद रौनियार के नाम मे रहल बारा जिल्ला भगौडा वार्ड नं ८ मे रहल १७ धुर जमिन नामसारी करावे अईला पर झगडा भईला के चलते सभी कर्मचारी के कार्यालय भितर हि घेराव कईल रहे । नेपाल पुलीस के टोली आई स्थिति समान्य करके दुनु पक्ष के जिल्ला प्रशासन कार्यालय बारा मे छलफल के खातिर लेगईल रहे ।
सेवाग्राही रौनियार से बात कईला पर बितल चार दिन से खुद कार्यालय मे दौउडरहल माकिर नायबसुब्बा कौषल किशोर क्षा पईसा लेके दोसर के नाम मे कईल माकिर आपन काम ना कईल आरोप लगवनी । मालपोत प्रमुख प्रमोद अधिकारी से फाईल मे टोक लगईला पर जमिन के पुराना रसिद लिअईला पर ३५ दिने सुचना जारी करेके निर्देशन झा के हेला पर भी खुद पईसा ना देहला से बि.स् २०७२ मे दर्ता छुट भईला से अभी करे ना सकेके बतवले रहलन । ओकरा बाद आपन फाईल माँगला पर आँधी कागजात निका के फाईल देहला से बिवाद भईल बा कहके रौनियार बतवले बाडन ।
मालपोत प्रमुख छुटी गईला से अभी निमित्त के कार्यभार सम्हारल सागर कुमार साह से बात कईला पर हमनी काम कर रहल बानी । माकिर इहाँ सेवाग्राही के चाप बेसी भईला से देरी बेसी हो सकता । रौनियार के जमिन मे दुर के जग्गाधनी के नाम प्रष्ट ना भईला से ३५ दिने सुचना जारी करेके भईला से बाँकी के प्रक्रिया मिला रहल समय रौनियार हडबडा के आपन फाईल माँग कईला पर कार्यालय के कागजात हटईला पर अनावश्यक शब्द प्रयोग कईला से बिबाद भईल बा ।
सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी मुरारी कार्की से छलफल बारे मे बुझला पर प्रमुख जिल्ला अधिकारी बाहर मिटिङ्ग मे गईला से छलफल ना भईला से बिहान के खातिर बोलावल गईल बा । कर्मचारीलोग सुरक्षा के माँग कईले बाडन तथा काम करेवाला बाताबरण सिर्जना के भी माग कईल बात कार्की बतवनी ।
मालपोत तथा नापी कार्यालय मे कउनो भी फाईल अगाडि बढावे खातिर पईसा ना तिर के होत बा । मालपोत कार्यालय के राजश्व फाँट मे रहेवाला रामबिश्वास कानु बितल समय आउर बिना पईसा के काम ना कईला से सम्बन्धित निकाय के ध्यान पुगल जरुरी रहल आउर सेवाग्राहीलोग बतवले बाडन ।





