रमजान पर्व बुध से सुरु

विराटनगर, ३१ चईत

इस्लाम धर्मावलम्बीलोग के महान पर्व रमजान बिहान से सुरु होखेवाला बा । नयाँ बरीस सँगे रोजा पर्व शुरु भईल सम्भवतः ई पहिलका भईल बुढपुरनियालोग बतावेलन ।

ई पर्व मे एक महिनाभर मुस्लिम समुदाय सबेरे सूर्योदय होखे से पहिले सूर्यास्त ना होखे तक पानी भी ना पिएलन । उर्दू क्यालेण्डर मुताविक बुध के सबेरे ४ः १५ बजे से सँझिया ६ः२० बजे तक निराहार रहला के हि रोजा कहल जाला । रोजा के समय दैनिक सूर्य उदावेके आ अस्तावे के समय सँगे समय तालिका भी परिवर्तन होत रहेला ।

रोजा रहे खातिर सबेरे तोकल समय से पहिले आ सँझिया तोकल समय के बाद आहार लेवेलन । रमजान उर्दू क्यालेण्डर मुताविक हिजरी सम्बत् १४४२ ह आ रमजान महिना ९ वाँ महिना ह । रमजान महिना मे हि मुसलमान के सब से बडका ग्रन्थ कुरान अवतरण भईल बा आ ई महिना मे अल्लाह के कृतज्ञता प्राप्त होखेके विश्वास लेहले बा ।

दान देहल गरीब आ दीनदुःखी के सेवा कईल, जकात निकालल ई महिना के बडका विशेषता ह । रमजानान व्रत रहे खातिर आजु सँझिया मुसलमानलोग चन्द्रमा देखे खातिर आकाश ओरी दृष्यावलोकन करेके आ चन्द्रमा देखके बहुते खुसी होखेके प्रचलन बा । सुनसरी चाँदबेला के मोहम्मद इनुस रमजान महिना हमनी के खातिर बहुते महत्वपूर्ण एवं पवित्र ह आ एमे मुसलमान के पाँच आधार स्तम्भ मे हज बाहेक सभी स्तम्भ पूरा होखेला ।

देह के शुद्ध राख के मात्र रोजा रहेके पडेला । कुलत मे लागल आदमी एक महिना इमान्दारीपूर्वक रोजा रहला पर सिगरेट, खैनी, गुट्खा आदि पदार्थ खाएके आदत मे परिवर्तन आवे सकेके सुनसरी सोनापुर के हाजी मोहम्मद अब्दुल के कहनाम बा ।

व्रत के समय मुस्लिम समुदाय मस्जिद मे जाके कुरान के कुछ भाग के रुप मे नमाज पढेलन । एक महिना के बाद व्रत समापन के अवसर मे भी सामाजिक दूरी कायम करके इदुल फित्र मनावे के तईयारी हो रहल बतावल गईल बा । त्याग, तपस्या आ बलिदान सभी जुडेवाला ई पर्व मे मुसलमान रोजा रहला के गर्व मानल जाला । नाबालक, बेमार, घातक बेमारी लागल आ गर्भवती जनानी के रोजा रहल अनिवार्य नईखे ।

देशभर के मुस्लिम समुदाय भक्ति के महिना के रुप मे मनावेवाला भईला से एकरा से पाप नाश होखेके धार्मिक विश्वास रहल बा । बरीस मे कउनो गलती भईल होखी त ईहे अवसर मे अल्लाह से माफी मागेके मुस्लिम समुदाय के परम्परा बा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: यो समाग्री सुरक्षित छ ।