बादल के हरावत राष्ट्रियसभा सदस्य मे देवकोटा निर्वाचित

हेटौंडा ६ जेठ
निवर्तमान गृहमन्त्री एवं नेकपा एमाले के उम्मेदवार रामबहादुर थापा बादल के हरावत राष्ट्रियसभा सदस्य मे डा. खिमलाल देवकोटा विजयी भईल बाडन । बागमती प्रदेशसभा ओरी राष्ट्रियसभा सदस्य के खातिर बियफे के दिने हेटौंडा मे मतदान भईल रहे । जउना मे नेपाली कांग्रेस, नेकपा माओवादी केन्द्र लगायत के दलसब के विपक्षी गठबन्धन के साझा उम्मेदवार देवकोटा के ५,०८८ मतभार मिलल ।
बादल ४,०१४ मतभार मिलल आ नेपाल मजदुर किसान पार्टी के कृष्णबहादुर तामाङ के १३२ मतभार मिलल रहे । प्रदेशसभा के १०५ सदस्य से मतदान कईला पर देवकोटा ५८, बादल ४५ आ नेपाल मजदुर किसान पार्टी के कृष्णबहादुर तामाङ २ मत मिलल । प्रदेश के स्थानीय तह के प्रमुख आ उपप्रमुख करके २३३ जने मतदान कईला मे देवकोटा १२८, बादल १०३ आ तामाङ के २ मत मिलल । राष्ट्रियसभा निर्वाचन मे स्थानीय तह के जनप्रतिनिधि के मतभार १८ आ प्रदेशसभा सदस्य के मतभार ४८ होखी ।
बादल के ना मिलल माधव समूह के मत
सामान्यतः राष्ट्रियसभा के उपचुनाव मे जउन दल सँगे प्रदेशसभा सदस्य आ स्थानीय तह के पदाधिकारी (प्रमुख आ उपप्रमुख) बहुते बाडन, उहे दल के उम्मेदवार जितेला ।
बागमती प्रदेशसभा आ स्थानीय सरकार मे एमाले के वर्चश्व बा । ११० मेसे ५६ प्रदेशसभा सदस्य (पशुपति चौलागाईं के निधन भईल) आ ११९ स्थानीय तह मे १३३ पदाधिकारी एमाले के बाडन । ई जोडला पर बाँकी सभी दल मिलला पर भी हरावे ना सकिहन ।
प्रदेशसभा सदस्य के मतभार ४८ आ स्थानीय तह के पदाधिकारी के मतभार १८ होखेवाला भईला से एमाले अकेलेके ५,०८२ मतभार होखी । माकिर एमाले के उम्मेदवार बादल पराजित भईलन । एमाले के माधवकुमार नेपाल समूह के कुछ प्रदेशसभा सदस्य आ बहुसंख्यक स्थानीय जनप्रतिनिधि मत ना देहला के बाद बादल हारल बाडन ।
२२ प्रदेश सदस्य आ स्थानीय तह मे ६८ पदाधिकारी रहल कांग्रेस सँगे २,२८० आ २३ सांसद आ ३३ स्थानीय तह मे पदाधिकारी रहल माओवादी केन्द्र सँगे १,६९८ मतभार बा । ई जोडला पर ३,९७८ मत होखी । माकिर देवकोटा के ५,०८८ मतभार मिलल ।
के ह डा. खिमलाल ?
राष्ट्रियसभा सदस्य मे निर्वाचित डा. देवकोटा संघीयता आ योजनेविज्ञ बाडन । साइप्रस से वित्तीय अर्थशास्त्र मे स्नातकोत्तर कईल उ त्रिभुवन विश्वविद्यालय से सन् २०१४ मे संघीय अर्थशास्त्र मे विद्यावारिधि कईले बाडन । २०७४ के प्रदेशसभा निर्वाचन के बाद उ बागमती प्रदेश के नीति तथा योजना आयोग के उपाध्यक्ष नियुक्त भईलन । माकिर छोट समय मे हि डा. देवकोटा राजीनामा देहले बाडन ।





