वीरगंज के निजी क्षेत्र के प्रतिक्रिया : बजेट फेनु उपेक्षा मे पडल

वीरगंज १५ जेठ
वीरगंज के उद्योगी व्यवसायीलोग बजेट मे वीरगंज के उपेक्षा कईल बतवले बाडन । हरेक बरीस वीरगंज मे बजेट पूर्व समीक्षा गोष्ठी करके सरकार सुझाव लेहला पर भी बजेट मे उ कार्जक्रम समावेश ना कईल उद्योगी व्यवसायीलोग बतवले बाडन ।
बारा, पर्सा क्षेत्र के औद्योगिक करिडोर घोषणा करेके, सिमरा विमानस्थल के विस्तार, आईसीपी आईसीडी के विस्तार, नयाँ औद्योगिक क्षेत्र निर्माण के खातिर जमिन के प्रबन्ध करेके, भन्सार मे बहुदर भ्याट प्रणाली, तईयारी आ कच्चा पदार्थ आयात मे भन्सार दर दूरी कायम करेके, डष्टी कार्गो के व्यवस्थापन लगायत के विषय इहाँ के उद्योगी व्यवसायी उठावत आईल बाडन ।
वीरगंज से संकलन होखेवाला राजश्व के आधार मे पूर्वाधार मे लगानी करेके माग उद्योगी व्यवसायीलोग के बा । बजेट मे सकारात्मक पक्ष भईला पर भी वीरगंज खुशी होखेवाला किसिम के ना रहल उद्योगी व्यवसायी के प्रतिक्रिया बा ।
नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ प्रदेश २ के अध्यक्ष गणेश लाठ सरकार सभी के खुशी करेवाला हिसाब से बजेट लिअईला पर भी खुदसब खुशी होखेके जगहा ना देखल गईल बतवनी । ‘कर्मचारी के तलब वृद्धि, वृद्ध भत्ता मे वृद्धि, शैक्षिक प्रमाणपत्र राख के कर्जा सुविधा, स्टार्टअप के प्रोत्साहन जईसन कार्जक्रम लिया के सभी के खुशी बनावेके खोजल देखल गईल बा,’ कहत उ, ‘बजेट क्रान्तिकारी आवेके सोंचल गईल रहे, माकिर परम्परागत हि देखल गईल बा । वीरगंज से देखला पर हमनी उपेक्षित बानी ।’
वीरगंज के उद्योगी व्यवसायी बहुदर मे भ्याट, आयकर मे छुट के सीमा बढावेके, मूल्य अभिवृद्धि कर मे छुट, प्राविधिक विद्यालय, आईसीपी–आईसीडी के विस्तार, जग्गा खोज के नयाँ औद्योगिक क्षेत्र के घोषणा, डष्टी कार्गो के व्यवस्थापन, सिमरा विमानस्थल के विस्तार के विषय बजेट से ना छुवल उनकर कहनाम बा ।
‘स्वास्थ्य क्षेत्र मे बढिया बजेट बा, एब सय बेड से उपर के अस्पताल मे अक्सिजन प्लान्ट, स्वास्थ्य उपकरणसब मे भन्सार छुट, खोप के सुनिश्चितता, संसदीय विकास कोष खारेज, शैक्षिक कर्जा के व्यवस्था करेके बात सकारात्मक बा,’ कहत उ, ‘उद्योगी व्यवसायीलोग के डिमाण्ड शुल्क मिनाहा, कृषि सामान ढुवानी मे २५ प्रतिशत अनुदान, उल्याउँदा भन्सार छुट जईसन छोटा छोटा राहल देहले बा । विशेष कुछो ना देखल गईल,’ उ बजेट काठमाण्डु केन्द्रित भईल बतवनी ।
वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष सुवोध गुप्ता वीरगंज क्षेत्र मे पूर्वाधार विकास के खातिर बजेट विनियोजन ना र्कल दुःखद भईल बतवनी ।
‘वीरगंज मे तरकारी बजार कहल गईल रहे । प्रदेश मे एगो तरकारी बजार कहल गईल बा । कहाँ बनी जानकारी नईखे । हुलाकी राजमार्ग, द्रुतमार्ग, अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल हमनी के सरोकार के क्षेत्र ह । उहाँ पर्याप्त बजेट विनियोजन होखो कहके हमनी के माग रहत आईल बा,’ कहत उ, ‘वीरगंज मे रिङ रोड के खातिर बात भईल रहे, आईसीपी, आईसीडी विस्तार लगायत विकास के पूर्वाधार निर्माण के खातिर बजेट देवेके कहल रहे । खासे समेटे ना सकल अनुभूति भईल बा ।’
उत्पादनमूलक उद्योग आ होटल तथा पर्यटन व्यवसाय के विद्युत महसुल के डिमाण्ड शुल्क मिनाहा, खोप आ दवाई के खातिर बजेट विनियोजन, पुनर्कर्जा के खातिर रकम छुट्यावल कम भईला पर भी सकारात्मक कदम भईल उनकर तर्क बा ।
वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के उपाध्यक्ष माधव राजपाल चुनावी बजेट आपन क्षेत्र के केन्द्रित करके लियावल बतवनी । ‘बजेट पूर्व–पश्चिम केन्द्रित बा, वीरगंज के उद्योगी व्यवसायी से राखल माग वितल बरीस मे जईसन उपेक्षा मे पडल बा,’ कहत उ, ‘डुमरवाना के विशेष आर्थिक क्षेत्र गार्मेन्ट केन्द्रित बा, समयानुकुल नईखे, भाडा दर भी महँगा बा । १५ बरीस से कउनो भी उद्योग राखे सकेके औद्योगिक क्षेत्र के माग कर रहल बानी, सरकार सुन रहल नईखे ।’
उ स्वास्थ्य क्षेत्र के लेके कईल व्यवस्था, विद्युतीय सवारी साधन आ विद्युतीय सामान मे कईल प्रोत्साहन, स्टार्टअप व्यवसाय के खातिर देहल गईल सुविधा, भन्सार मूल्यांकन सहज बनावेके प्रतिबद्धता सकारात्मक भईल बतवनी ।






