इन्डोनेसिया मे नेपाली युवक अलपत्र, नेपाल बोला देवे खातिर निहोरा

वीरगंज २० जेठ
पर्सा के बहुदरमाई नगरपालिका–८ रामनगरी के ३० बरीस के अशोक साह तुराहा इन्डोनेसिया मे अलपत्र पडल बाडन । उ खुद के नेपाल आवेवाला वातावरण मिलावे खातिर सरोकारवाला से निहोरा कईले बा ।
उ अभी इन्डोनेसिया के आप्रवासन सम्बन्धी कार्यालय के नियन्त्रण मे बाडन । १० बरीस पहिले रोजगारी के खातिर मलेसिया गईल उ इन्डोनेसिया के युवती से प्रेम मे पडके इन्डोनेसिया पुगल रहलन ।
९० दिन के पर्यटन भिसा मे इन्डोनेसिया पुगल उनकर भिसा के म्याद ५ फेब्रुअरी २०१३ तक मात्र रहे । गैरकानुनी रुप मे इन्डोनेसिया मे रहत आईल उनका के १६ मे २०२१ से इमिग्रेसन नियन्त्रण मे रखले बा ।
‘इमिग्रेसन से बोलईला के बाद इहाँ आईल रहनी । १६ मे से इहाँ बन्द करके रखले बाडन । मोबाइल बाहेक घडी, जुत्ता, पईसा लेके रखले बाडन,’ कहत उ, ‘२ लाख १० हजार रोपेया देहला के बाद मात्र जाएके मिली कहके कहत बाडन । साथ मे पईसा भी नईखे । बहुते समस्या मे पडल बानी ।’ माई भागरथी देवी बेटा अशोक के नेपाल लियावे मे सहजोग करे खातिर निहोरा कर रहल बाडि । ‘२ लाख १० हजार रोपेया पठा दिं, ना त हमरा के मारेके कहेलन, कहाँ से लियाके दिं ?’ कहत उ ‘घर धितो राख के कर्जा लेहल अभी तक तिरे सकल नइखी, कर्जा पईसा खातिर भी कहेु ना पतियालन । बेटा के घर मे लियावे मिलला पर माँग के भी खाएम ।’
बाबु ताराचन्द भी घर धितो राख के लेहल कर्जा ना तिरला से पइसा के बन्दोबस्त करे ना सकल अवस्था मे रहल बतवनी । ‘बेटा समस्या मे पडल बानी कहेलन, माकिर गरिबी आ पहुँच के कमी मे निरीह रहेके पडल बा,’ कहत उ, ‘बेटा के कईसे नेपाल लियावल जा सकता पहल करे खातिर निहोरा कइले बानी ।’






