प्रधानमन्त्री देउवा के मिलल विश्वास के मत, पक्ष मे १६५ आ विपक्ष मे ८३ मत मिलल

काठमाण्डु ३ सावन
प्रधानमन्त्री शेरबहादुर देउवा के विश्वास के मत मिलल बा । एकरा सँगे सर्वोच्च अदालत से पुनर्स्थापित प्रतिनिधिसभा (संसद) बँचल बा ।
२९ असाढ मे प्रधानमन्त्री मे नियुक्त भईल देउवा पुनर्स्थापित संसद के पहिलका बईठक मे एतवार के दिने विश्वास के मत लेहले बाडन । उनकर पक्ष मे १६५ मत पडल बा ।
नेपाली कांग्रेस के सभापति भी रहल देउवा के उनकर आपन दल नेपाली कांग्रेस सँगे माओवादी केन्द्र, जनता समाजवादी पार्टी आ राष्ट्रिय जनमोर्चा मत देहले बा । प्रमुख विपक्षी एमाले के भी २२ सांसद उनका के मत देहले बाडन ।
मतदान मे २४९ जने सांसद सहभागी भईल रहलन । देउवा के विपक्ष मे ८३ मत पडल बा । राप्रपा तटस्थ रहल आ नेपाल मजदुर किसान पार्टी मतदान मे सहभागी ना भईल ।
बँचल प्रतिनिधिसभा
प्रधानमन्त्री देउवा विश्वास के मत प्राप्त कईला सँगे तत्काल के खातिर प्रतिनिधिसभा विघटन टरल बा ।
७ असाढ मे राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी संविधान के धारा ७६(५) मुताविक प्राधनमन्त्री के खातिर शेरबहादुर देउवा आ केपी शर्मा ओली से कईल दाबी ना पुगल ठहर कईला के बाद संसद भंग भईल रहे । माकिर देउवा १४६ सांसद के हस्ताक्षरसहित प्रधानमन्त्री मे दाबी कईल देउवा सर्वोच्च अदालत गईलन ।
संवैधानिक इजलास से २८ फागुन मे संसद पुनस्र्थापना करेके फैसला मात्र ना सुनवलख, देउवा के प्रधानमन्त्री नियुक्त करे खातिर परमादेश देहलख । साथे संविधान के धारा ७६(५) के प्रधानमन्त्री के समर्थन कईला पर भा मत देहला पर दलीय हृवीप ना लागेके आ दल त्याग सम्बन्धी कारबाही करे ना मिलेके फैसला भी आईल ।
यद्यपि देउवा के समर्थन कईल एमाले के माधवकुमार नेपाल समूह के नेतालोग भी रहल एमाले के एकता के खातिर १० बुँदे सहमति कईले रहे, जउना मे सरकार के बारे मे पार्टी एकता के भावना मुताविक संस्थागत निर्णय करेके कहल गईल बा । एकरा सँगे देउवा विश्वास के मत मिली त कहके सवाल उठल रहे । आ, ७६(५) मुताविक प्रधानमन्त्री बनल देउवा के विश्वास के मत ना मिलल रहित त संविधान के धारा ७६(७) मुताविक प्रतिनिधिसभा भंग होखित आ देश चुनाव मे जाईत ।
माकिर एतवार के दिने भईल मतदान मे एमाले के माधवकुमार नेपाल समूह मात्र ना, केपी शर्मा ओली पक्ष आ जसपा के महन्थ ठाकुर पक्ष के सांसदलोग मत देहले बाडन ।
ओली समूह के ८ सांसद देहलें देउवा के मत
एतवार के दिने मात्र ओली पक्ष के नेतालोग मात्र रहल एमाले स्थायी कमिटी के बईठक से प्रधानमन्त्री देउवा के विश्वास के मत ना देवे खातिर सांसदलोग के निर्देशन देहले रहे । जे मत दि, उलोग एमाले मे ना रहेके ओली पक्ष के चेतावनी रहे ।
माकिर वरिष्ठ नेता नेपाल विश्वास के मत देवेके पक्ष मे खडा भईलन । एकरा सँगे नेपाल समूह मे खैलाबैला भईल ।
देउवा के प्रधानमन्त्री बनावे खातिर हस्ताक्षर कईल, माकिर १० बुँदे सहमति जुटावे के कार्यदल मे नेपाल पक्ष के नेतृत्व कईल उपाध्यक्ष भीम रावल सांसद पद से राजीनामा देहलन । उपमहासचिव धनश्याम भुसाल, सचिव योगेश भट्टराई, गोकर्ण विष्ट लगायत के नेपाल पक्ष के १० सांसद भोट ना देहलन ।
ओली पक्ष मे रहल ८ सांसद मत देहलन । सांसदलोग प्रेम आले, कृष्णकुमार श्रेष्ठ ‘किसान’, गोपाल बम, धनबहादुर बुढा पार्वती विशंखे, हिरा केसी, बिना बुढाथोकी आ समिना हुसेन भी प्रधानमन्त्री देउवा के मत देहले बाडन ।
महन्थ ठाकुर के युटर्न
प्रधानमन्त्री देउवा के जसपा के महन्थ ठाकुर पक्ष से घोषणा करके हि विश्वास के मत देहले बा ।
संविधान के धारा ७६(५) के प्रधानमन्त्री के खातिर ओली से दाबी कईला पर साथ देहल ई समूह संसद विघटन के बाद सरकार मे भी गईल रहे । ई समूह मे रहल २० सांसद मेसे ११ जने मन्त्री बनल रहलन । माकिर सर्वोच्च अदालत मन्त्रिपरिषद् विस्तार के हि असंवैधानिक कहला के बाद मन्त्रीलोग १९ दिन मे पदमुक्त भईलन । संसद पुनर्स्थापना भईला के बाद ठाकुर पक्ष मे रहल संसदलोग क्रमशः उपेन्द्र यादव ओरी आवे लगलन आ एतवार के संसद मे मतदान करेके समय मे त ठाकुर पक्ष हि प्रधानमन्त्री देउवा के साथ मे खडा भईल बा ।





