तोरी खेती जोन बन रहल ठोरी गाँवपालिका

मेघराज राय

जिराभवानी ०४ पुस

वितल समय मे अवैध गाँजा खेती बदनामी कमाईल ठोरी गाँवपालिका अभी तोरी खेती से आपन बदनामी हटावे के तइयारी मे जुटल बा ।

अवैध गाँजा खेती नियन्त्रण मे प्रहरी प्रशासन जुटला सँगे वितल १० बरीस एने पर्सा मे वैकल्पिक नगदे बाली के रुप मे ठोरी के किसानलोग सुर्ती खेती आ तोरी खेती के अपनवले बाडन । गाँजा खेती आ सुर्ति बालि से प्रवेश मिलेसे भी उ क्षेत्र तोरी खेती मे हि निर्भर रहे । गाँजा खेती वीच मे कुछ बरीस भईल रहे ।

ओकरा बाद भी फाटफुट रुप मे गाँजा रोपेके आ पुलीस से कटानी करत आईल बा । गाँजा लगावे ना मिलेके भईला के बाद तोरी आ सुर्ति खेती नगदे बालि के रुप मे पुनर्जिवित भईल बा । ठोरी क्षेत्र मे सूर्य टोबाको कम्पनी सुर्ती खेती करे खातिर किसानलोग के खाद, बिया, देके प्रोत्साहित करत आईल बा आ नगदे बाली के रुप मे रहल तोरी खेती अभी भी परम्परागत रुप मे हि बा ।

तोरी बढिया होखेवाला किसिम के माटी आ हावापानी रहल उ क्षेत्र मे उन्नत विधी से तोरी खेती करेके भा तोरी के हाइव्रिड विउविजन प्रयोग ओरी किसान के केहु भी सीप ना सिखावल ठोरी–५ सुबर्णपुर निवासी कृषक मनोज बस्नेत बतवनी । ठोरी के अधिकांश गाँवसब मे अभी तोरी फुला के पियरे पियर भईल बा । ठोरी के नयाँ बस्ती, सुन्दरबस्ती, ब्रह्मानगर, सुवर्णपुर, विजयबस्ती, रामनगर लगायत के क्षेत्र मे अभी बहुते परिणाम मे तोरी खेती कईल बा ।

उ क्षेत्र मे तोरी के फूल पियर भईला से ई समय फोटो खिंचे आ सेल्फी लेवे खातिर पर्सा के वीरगंज आ भारत के नरकटियागंज से पर्याटकलोग आरहल ठोरी–५के वार्ड अध्यक्ष रामबहादुर पाख्रीन बतवनी । ठोरी के किसानलोग आय आर्जन मे तोरी खेती से विशेष टेवा पुगावत आईल बा । गाँजा खेती होखे से पहिले भी इहाँ के किसानलोग नगदे बाली तोरी रोपत आईल ठोरी गाँवपालिका वार्ड नम्बर ४ के दोर्जे लामा बतवनी ।

तोरी खेती मे जङ्गली जनावर भी ओतना नोक्सानी ना पुगावेके आ सिँचाइ भी जरुरत ना परेवाला भईला से ठोरी के किसानलोग मुख्य बाली के रुप मे तोरी खेती करत आईल ठोरी २ के वार्ड अध्यक्ष रामप्रकाश कुँवर बतवनी । ई बरीस ठोरी मे मात्र करिब ३ हजार बिगाहा मे तोरी खेती कईल कृषि ज्ञान केन्द्र पर्सा जनवले बा ।

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