पुलीस प्रशासन से मिटर ब्याजी के नाम मे अदालत के निर्णय के वेवास्ता करेके ना मिली : न्यायधिश भण्डारी

वीरगंज १९ सावन

उच्च अदालत जनकपुर के अस्थायी ईजलाश वीरगंज आजु सञ्चारकर्मीलोग से छलफल कार्जक्रम कईले बा ।

छलफल कार्जक्रम मे सम्मानित अदालत के प्रमुख माननिय न्यायधिश अच्युत प्रसाद भण्डारी अदालत से मुद्दासब के सन्दर्भ मे कईल आदेश के कार्यान्वयन करावे खातिर सञ्चार क्षेत्र के अहम भुमिका होखेके बतवले बानी । उ आदेश के कार्यान्वयन करावे खातिर देश के खबरपालिका के रुप मे रहल सञ्चारकर्मी आ सञ्चार क्षेत्र से भी आपन भूमिका बुझके सही के सही आ गलत के गलत कहके लिखेके बात मे जोड देहले रहनी ।

अनुचित लेनदेन (मिटर ब्याजी) के नाम मे पुलीस प्रशासन अदालत के पिछिलका निर्णय के वेवास्ता करत अनावश्यक दबाव, पकडेके, थुनेके, मिलापत्र करावेके जईसन काम करे ना मिली कहके बतवनी ।

कार्जक्रम मे न्यायधिश लेखनान पौडेल बितल आर्थिक बरीस मे कुल ६ हजार ९९ मुदासब अदालत मे परल मेसे ३ हजार २ सय २२ गो मुदा फछ्र्याैट हो चुकल जानकारी करवनी । उ लक्ष्य के ८२.३२ प्रतिशत मुद्दा फछ्र्यौट भईल बतवनी ।

पौडेल अदालत मे दरबन्दी मुताविक के न्यायधिशलोग ना रहला के चलते मुद्दा फछ्र्याैट होखेवाला संख्या मे कमी आईल दाबी कईनी । उ अदालत मे १५ जने न्यायधिशलोग के दरबन्दी रहला मे अभी ७ जने मात्र कार्यरत रहला से न्याय सम्पादन मे जनशक्ति कमी से देरी हो रहल उ दाबी कईनी ।

तीन आर्थिक बरीस के मुद्दा के लगत, फछ्यौंट आ बांकी के तुलनात्मक विवरण मुताविक आ.व. २०७७÷०७८ मे ४५.८३ प्रतिशत फछ्र्यौट भईल रहे आ पिछिलका आर्थिक बरीस २०७८÷०७९ मे ४५.२५ प्रतिशत फछ्यौंट भईल रहे । छलफल कार्जक्रम मे माननिय न्यायधिशलोग गणेशप्रसाद बराल, सीताराम मण्डल, सुदर्शनदेव भट्ट, शान्ता सेढाई सापकोटा, सह–न्यायाधिवक्ता रामकुमार थापा, रजिष्ट्रार रामप्यारी सुनुवार, उप–रजिष्ट्रार रमेश श्रेष्ठ लगायत पर्सेली सञ्चारकर्मीलोग के उपस्थिति रहल रहे ।

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