नदी के पानी गाँव मे घुसला से दर्जनो घर डुबान मे

वीरगंज २३ सावन

लगातार के वर्षा के चलते वीरगंज महानगरपालिका–३० लालपर्सा आ प्रसोतिपुर के दर्जनो घर डुबान मे परल बा । स्थानीय भेडाहा नदी के पानी गाँव मे घुसला पर लालपर्सा, प्रसोतिपुर लगायत गाँव के दर्जनो घर डुबान मे परल स्थानीय बतवले बाडन । यद्यपि आजु सबेरे से पानी के सतह घटत गईल बा । बस्ती डुबान मे परला के बाद प्रतिनिधिसभा के सदस्य तथा पूर्वमन्त्री प्रदीप यादव आ वीरगंज महानगरपालिका के प्रमुख राजेशमान सिंह वस्ती के स्थलगत निरीक्षण कईले बानी ।

स्थलगत निरीक्षण करत पूर्वमन्त्री यादव भेडाहा खोला मे ड्याम लगाके मात्र इहाँ होखेवाला डुबान के समस्या समाधान होखेके आ ओकरा खातिर स्थानीय से हि सहजोग करेके बतवनी । डुबान के समस्या दीर्घकालीन रूप मे समाधान के खातिर भेडाहा मे ड्याम लगावेके काम अगाडि बढल आ कुछ आदमी के अवरोध के चलते देरी भईल कहत जलदी पुरा करावेमे लागल महानगर प्रमुख सिंह जानकारी देहनी ।

तत्काल पानी निकासा होखेवाला किसिम से व्यवस्था मिलावेके आ डुबान मे परल के खातिर उचित राहत के ब्यवस्था मिलावेके उनकर कहनाम बा । भेडाहा खोला के बाढ वीरगंज के सिर्सिया नदी मे भी पुगल बा ।

पर्सा मे ८५ प्रतिशत धान रोपाइँ

पर्सा मे अभी तक करिब ८५ प्रतिशत जमिन मे धान रोपाइँ भईल बा । पर्याप्त पानी ना भईला से वैकल्पिक सिँचाइ के व्यवस्था मिलाके किसान अभी तक करिब ८५ प्रतिशत जमिन मे धान रोपाइँ कईल कृषि ज्ञान केन्द्र वीरगंज पर्सा के प्रमुख मुनिलाल कुशवाहा जानकारी देहनी ।

“जिल्ला के दक्षिणी भेग के किसान गण्डक सिँचाइ आयोजना से सिँचाइ करके धान रोपाइँ कर रहल बाडन”, प्रमुख कुशवाहा कहनी, “आउर भेग के किसान पानी तानेवाला मोटर, पम्पसेट जडान करके धमाधम धान रोपाइँ कर रहल बाडन ।”

तुलनात्मक रूप मे पर्सा के ठोरी, पर्सागढी, बहुदरमाई आ जगरनाथपुर गाँवपालिका क्षेत्र मे बेसी धान रोपाइँ भईल उनकर कहनाम बा । पर्सा मे सिँचाइ सुविधा पुगल जगहा मे धमाधम रोपाइँ हो रहला पर भी जिल्ला के उत्तरी, पश्चिमी भेग के आउर कैयन जगहा मे धान रोपाइँ होखे ना सकला से करिब १५ प्रतिशत खेतीयोग्य जमिन अभी भी पारता रहल प्रमुख कुशवाहा के कहनाम बा ।

पर्सा मे ५४ हजार सात सय ३२ हेक्टर क्षेत्रफल खेतीयोग्य जमिन मेसे ४७ हजार एक सय ३० हेक्टर क्षेत्रफल मे धान रोपाइँ होखेला । माकिर वर्षात ना भईला से अभी तक ४० हजार ६० हेक्टर मे धान रोपाइँ भईल बा । उनका मुताविक सावन महिना के अन्तिम तक शतप्रतिशत जमिन मे धान रोपाइँ होखेके अनुमान कईल बा । पर्सा मे भदैया, चईते आ वर्षे करके तीन किसिम के धान उत्पादन होत आईल बा ।

समय मे पर्याप्त वर्षात ना भईल, किसान देर करके बिया गिरवलन, देर करके धान रोपाई करेके प्रवृति लगायत के कारण से धान रोपाइ मे देरी भईल प्रमुख कुशवाहा के कहनाम बा । अधिकांश किसान अभी भी आकाशे पानी के प्रतिक्षा मे रहलन ।

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