प्रमाणपत्र मे उमिर, नाम आ जात सँचियावे के समय पाँच बरीस कायम

काठमाण्डु, १२ भादो

सरकार गृह मन्त्रालय के प्रस्ताव मे ‘उमिर, नाम आ जात सँचियावेवाला नियमसब, २०१७’ के समयसापेक्ष परिमार्जन करके (तिसरका संशोधन) नियमसब २०८०’ पारित कईले बा ।

शैक्षिक प्रमाणपत्र मे उमिर, नाम आ जात ना मिलला पर तथा ओकरा के सँचियावे के प्रावधान झन्झटिलो आ सीमित समय के भईला से खास करके विद्यार्थीलोग बहुते समस्या मे रहलन ।

अब प्रमाणपत्र मे उमिर, नाम आ जात सँचियावे के अवधि छ महिना के बदले पाँच बरीस के कायम कईल गृह मन्त्रालय जनवले बा ।

गृहमन्त्री के सचिवालय के उपसचिव वेदनिधि खनाल सहज बनावेके आ गलती भईल सँचियावे के समय थप होखेवाला किसिम से नियम पारित होके आईल जानकारी देहनी । शैक्षिक प्रमाणपत्र सँचियावे के बाध्यता मे रहल नयाँ भा पुराना नागरिकता बाहेक सभी एक बरीस भितर राष्ट्रिय परीक्षा बोर्ड मे दरखास्त दे सकता ।

कउनो विद्यार्थी शैक्षिक प्रमाणपत्र लेहला के बाद नेपाली नागरिकता के प्रमाणपत्र लेहल भा नागरिकता सम्बन्धी प्रचलित कानुनबमोजिम नेपाली नागरिकता के प्रमाणपत्र मे आपन भा बाबुमाई के नाम भा थर भा नामथर संशोधन करईला मे उ बमोजिम एसएलसी, एसइई भा किलास १२ के प्रमाणपत्र मे आपन भा बाबुमाई के नाम भा जात भा नामथर सँचियावे के चाहला मे एक बेर के खातिर नेपाली नागरिकता के प्रमाणपत्र लेहल भा नेपाली नागरिकता के प्रमाणपत्र मे विवरण सँचियावल एक बरीस भितर दरखास्त दे सकता ।

“माकिर कउनो विद्यार्थी ई उपनियम प्रारम्भ होखेसे पहिले नेपाली नागरिकता के प्रमाणपत्र लेहल भा नेपाली नागरिकता के प्रमाणपत्र मे आपन भा बाबुमाई के नाम भा जात भा नामथर संशोधन करईला मे उ बमोजिम एसएलसी, एसइई भा किलास १२ के प्रमाणपत्र मे आपन भा बाबुमाई के नाम भा जात भा नाम जात सँचियावे खातिर पाँच बरीस से पुराना कउनो आदमी भी एक बेर के खातिर ई उपनियम प्रारम्भ भईल एक बरीस भितर दरखास्त देहल जा सकता”, उल्लेख बा ।

एहितरे नागरिकता सँचियावल एक बरीस भितर भी शैक्षिक प्रमाणपत्र सँचियावे खातिर दरखास्त देहल जा सकता । गृहमन्त्रालय मन्त्रिपरिषद् बईठक से उ नियम पारित कईल जनवले बा ।

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