सार्वजनिक शिष्टता आ नैतिकता के प्रतिकूल सामग्री पोष्ट ना करे खातिर प्रेस काउन्सिल के निहोरा

काठमाण्डु १७ कुवार,
प्रेस काउन्सिल नेपाल सामाजिक सद्भाव, धार्मिक सहिष्णुता आ शान्ति सुरक्षा मे हि असर करेवाला किसिम के सामग्रीसब सामाजिक सन्जाल मे पोष्ट ना करे खातिर निहोरा कईले बा ।
पिछिलका समय देश के कुछ जगहासब मे सामाजिक सद्भाव मे असर करेवाला किसिम के गतिविधिसब हो रहल उपर लक्षित करत काउन्सिल के वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकृत दीपक खनाल कहनी, ’पिछिलका समय मे देश के कुछ जगहा मे सामाजिक सद्भाव, धार्मिक सहिष्णुता आ शान्ति सुरक्षा मे हि असर परेवाला किसिम के गतिविधिसब हो रहल बा । अईसन काम मे फेसबुक, ट्वीटर, युट्युव टिकटक जईसन सामाजिक सञ्जाल के व्यापक दुरुपयोग भईल बा । सामाजिक सञ्जाल मे मिलेवाला कैयन अमर्यादित, अशिष्ट आ तथ्यहीन सामग्री जनमानस मे भ्रम भी सिर्जना कईल उपर प्रेस काउन्सिल नेपाल के गम्भीर ध्यानाकर्षण भईल बा ।’
काउन्सिल से सार्वजनिक शिष्टता आ नैतिकता के प्रतिकूल सामग्री पोष्ट ना करे÷ना करावे खातिर आह्वान कईले बा ।
सामाचार आ सामाजिक सन्जाल मे हो रहल ओईसन गतिविधि रोके खातिर काउन्सिल राज्य के निकायसब सँगे जरुरी समन्वय आ सहजीकरण कर रहल कहत सञ्चारमाध्यम आ सञ्चारकर्मी से प्रयोग करेवाला सामाजिक सञ्जाल मे देखल गईल कैयन आपत्तिजनक सामग्री अनुगमन सहित प्रवृत्तिगत अध्ययन करके सँचियावे के आ सचेतना जगावे खातिर भी पहल कर रहल बतवनी ।
’परिस्थिति के उत्तेजक बनावे खातिर नियोजितरूप मे सामाजिक सञ्जाल मे गलत आ मिथ्या सूचना राखल, जातजाति, धर्म, सम्प्रदाय, सार्वजनिक शिष्टता आ नैतिकता के प्रतिकूल सामग्री पोष्ट भईल एकर दुरुपयोग ह ।
काउन्सिल अईसन आपत्तिजनक सामग्री पोष्ट ना करे ना करावे खातिर सभी सामाजिक सञ्जाल प्रयोगकर्ता के आह्वान करत बा,’ काउन्सिल कहले बा, ’पत्रकार आचारसंहिता २०७३ (पहिलका संशोधन, २०७६) के ५(१) मे पत्रकार तथा सञ्चारमाध्यम से नेपाल के सार्वभौमसत्ता, भौगोलिक अखण्डता, राष्ट्रियता आ स्वाधीनता विरूद्ध एवं अनेकन जात–जाति, धर्म, सम्प्रदाय, भाषा, संस्कृति बीच के सुसम्बन्ध आ सामाजिक सद्भाव मे खलल पारेके, जातीय भेद्भाव भा छुवाछूत के दुरुत्साहन करेके, सार्वजनिक शिष्टाचार भा नैतिकता के प्रतिकूल होखेवाला सामग्री उत्पादन, प्रकाशन, प्रसारण आ वितरण ना करेके चाहिं,’ कहके व्यवस्था रहला से काउन्सिल एकरा ओरी सम्बद्ध पक्ष के ध्यानाकर्षण करावेके चाहता ।’






