विधिपूर्वक धुमधाम के साथ मनावल गईल वियाह पञ्चमी

विधिपूर्वक धुमधाम के साथ मनावल गईल वियाह पञ्चमी

जनकपुरधाम, १ पुस

हरेक बरीस मार्गशीर्ष शुक्ल पञ्चमी के दिन मनावल जाएवाला वियाह पञ्चमी पर्व जनकपुर सहित आजु देशभर श्रीरामचन्द्र आ सीता के पूजा आराधना सहित वियाह करके मनावल गईल बा ।

त्रेता युग मे मार्ग शीर्ष शुक्ल पञ्चमी के दिन सीता आ राम के वियाह भईल सम्झना मे आजु देशभर राम सीता के पूजा आराधना करके ई पर्व मनावल गईल बा । मिथिला के प्राचीन राजधानी जनकपुरधाम मे भगवान् सीता आ राम के वियाह महोत्सव आजु विधिपूर्वक कईल बा । गोस्वामी तुलसीदास रामायण मे वर्णन कईल मुताविक जनकनन्दनी सीता के वियाह भईल दिन के सम्झके मिथिलावासी ई पर्व के विशेष महोत्सव के रूप मे मनावेलन ।

त्रेतायुग मे मिथिला के राजा जनक आपन बेटी सीता के स्वयंवर के खातिर राखल शिवधनुष के अयोध्या के राजा दशरथ के जेठ बेटा राम तीन टुक्रा कईले रहनी । शिवधनुष के टुरला के बाद मार्गशीर्ष शुक्ल पञ्चमी के दिन राम आ सीता के वियाह पुरा भईल रहे । रामायण मुताविक जनकपुरधाम के रङ्गभूमि मे आयोजना कईल स्वयंवर मे ५६ कोटी देवीदेवता के उपस्थिति रहल विश्वास कईल जाला । सीता के बेटी– बहिन के रूप मे मानेवाला मिथिलावासी महोत्सव मे देवीदेवता के सहभागिता सशरीर ना भईला पर भी अदृश्य रूप मे होखेके विश्वास से हर्षोल्लास के साथ प्रतिछाया जन्ती के आगमन से बियाह तक मे सहभागी भईलन ।

महोत्सव मनावेके समय मे मिथिला के संस्कृति मुताविक मटकोर, तिलकोत्सव, स्वयंवर आ वियाह संस्कार पुरा कईल बा । पौराणिक मान्यता मुताविक राम मन्दिर से ढोलबाजा, झाँकीसहित भगवान् राम के प्रतिमा के विशेष रूप मे निर्मित डोला सिंहासन मे राख के रङ्गभूमि मे पुगावल जाला । एहितरे जानकी मन्दिर से सीता के विशेष सुसज्जित डोला मे राखके रङ्गभूमि मे लेजाईल जाला ।

रङ्गभूमि मे स्वयंवरविधि, परीक्षण के वैवाहिक विधि पुरा भईला के बाद सीता–राम के जानकी मन्दिर मे लियावल जाला । ओकरा बाद मिथिला संस्कृति मुताविक बियाह पुरा होखेला । ई अवसर मे निकलल भगवान् के डोला शोभायात्रा मे राज्य के अनेकन जगहा लगायत सीमावर्ती भारतीय क्षेत्र के श्रद्धालु भक्तजन भी सहभागी भईल बाडन । रङ्गभूमि मैदान मे वर आ वधुपक्षबीच होखेवाला हँसी मजाक तथा गाँव गाँव से आवेवाला सीताराम के प्रतीकात्मक झाँकी आ लाखो सङ्ख्या मे सम्मिलित भक्तजन के उत्साह से वास्तविक वियाह के जईसन लागेला । पहिले तिरहुतियागाछी मे मनावल जाएवाला ई महोत्सव दु दशक पहिले से रङ्गभूमि मे विशेष कार्जक्रम सहित मनावल जाला ।

श्रद्धालु भक्तजन सबेरे से पवित्र सरोवर आ नदी मे स्नान करके सीता आ राम के पूजाअर्चना कईले बाडन । ई अवसर मे भजनकीर्तन, रामलीला, झाँकी आ प्रवचन के भी आयोजना होत आईल बा । देवता के मानवीयकरण के भावना से सम्बद्ध वियाह महोत्सव मे सहभागी भईला के बाद मनोवाञ्छित फल आ मोक्ष प्राप्त होखेके धार्मिक विश्वास बा ।

उ महोत्सव पहिले एक महिना तक भव्यरूप मे मनावला मे अभी चार दिनमात्र मनावल जाला । एहितरे देशभर के राम सीता मन्दिर मे भी विशेष पूजा आराधना आ महोत्सव करके आजु बियाह पञ्चमी पर्व मनावल गईल बा । आजु सबेरे वियाह करे खातिर लगन साइत जरुरी ना परेके मान्यता रहला से बहुते जोडी के बियाह भईल बा ।

ई अवसर मे पशुपतिनाथस्थित राम मन्दिर, बत्तीसपुतलीस्थित श्रीरामचन्द्र मन्दिर, गोकर्णेश्वर नगरपालिका वार्ड नं. ९ आरुबारी के श्रीरामचन्द्र मन्दिर, टेकुस्थित राम मन्दिरलगायत देशभर के राम मन्दिर मे भी पूजा आराधना करेवाला भक्तजन के भीड लागल रहे ।

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