क्याम्पस भवन के काम बिना पुरा भईले ठेकेदार के २ करोड ७४ लाख भुक्तानी
क्याम्पस भवन के काम बिना पुरा भईले ठेकेदार के २ करोड ७४ लाख भुक्तानी

वीरगंज २९ पुस
वीरगंज के हरिखेतान बहुमुखी क्याम्पस के नवनिर्मित भवन मे व्यापक आर्थिक अनियमितता भईल क्याम्पस प्रमुख हि आरोप लगवले बाडन ।
पुस १ गते से क्याम्पस के निमित्त प्रमुख के जिम्मेवारी सम्हारल किशोरी राय वीरगंज–३ आदर्शटोलस्थित ८ कठ्ठा क्षेत्रफल जमिन मे बनल १० कोठरी के एक तल्ले भवन निर्माण मे एकरा से पहिले के क्याम्पस प्रमुख डा.भगवान यादव आर्थिक अनियमितता कईल आरोप लगवले बाडन । एतवार के दिने पत्रकार सम्मेलन करके निमित्त क्याम्पस प्रमुख राय २ करोड ७४ लाख रोपेया मे निर्माण कईल नयाँ भवन मे अनिमियतता भईल आरोप लगवनी । २०७६ साल मे सन्तोष निर्माण सेवा ठेक्का लेके बनावल भवन के आधा से बेसी काम अधुरे रहला पर भी पूर्वक्याम्पस प्रमुख यादव सम्बन्धित निर्माण कम्पनि के दु बरीस पहिले हि सम्झौता मे उल्लेख सभी रोपेया देहल मिलल बतवनी ।
ई बारे मे क्याम्पस के लेखा प्रमुख विनोद यादव से पुछला पर सभी रोपेया ठेकेदार के भुक्तानी कईल मौखिक जवाफ देहल राय जानकारी देहनी । राय कहनी,‘ठेकेदार के सभी रोपेया देहल गईल बा । माकिर भवन के काम आधा से भी कम भईल बा । देवाल उठाके ढलान मात्र भईल बा । ना प्लाष्टर भईल बा ना रंगरोगन कईल बा । दुवारी, झाल के पल्ला भी नईखे । वायरिङ के काम भी नईखे भईल ।’ प्रेमप्रकाश खेतान अध्यक्ष रहल क्याम्पस सञ्चालक समिति के बितल अगहन ३० गते बईठल बईठक से एकरा से पहिले के क्याम्पस प्रमुख यादव के बर्खास्त करके पुस १ गते से निमित्त क्याम्पस प्रमुख मे राय के नियुक्त कईले रहे ।
निर्माण कम्पनी से क्याम्पस से कईल सम्झौता मे ठेक्का सम्झौता भईला के दु बरीस भितर मे रंगरोगन सहित भवन निर्माण के काम सभी पुरा करके मात्र क्याम्पस के भवन हस्तान्तरण करेके आ भुक्तानी करेके उल्लेख रहल बतवनी ।
लेखा प्रमुख यादव अब के दु तीन दिन भितर उ कागजात उपलब्ध ना करईला पर उनका के निलम्बन करेके चेतावनी भी राय देहनी ।
हरिखेतान क्याम्पस के अधूरा नवनिर्मित उ भवन मे अभी स्थानीय गाईगोठ के रुप मे प्रयोग कईले बाडन । एतवार के सबेरे उ भवन मे पुगला पर भवन भितर के बरण्डा के गाईगोठ के रुप मे प्रयोग कईल अवस्था मे मिलल रहे । निमित्त क्याम्पस प्रमुख राय अधुरा नवनिर्मित भवन मे राखल गाई आ कबाडसब हटावेके बतवनी । भवन निर्माण मे भईल अनियमितता के कानुनी रुप मे टुंगो लागला के बाद अधुरा काम पूरा करके भवन मे किलास सञ्चालन करेके उ बतवनी ।






