स्थानीय जनप्रतिनिधि जनता के घरदुवरी मे जाके गणतन्त्र के मर्म बुझावेके पडि : प्रधानमन्त्री
स्थानीय जनप्रतिनिधि जनता के घरदुवरी मे जाके गणतन्त्र के मर्म बुझावेके पडि : प्रधानमन्त्री

वीरगंज १५ माघ
प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ सङ्घीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्र के मर्म आ व्यवस्थाबारे बुझावे खातिर स्थानीय तह के जनप्रतिनिधि जनता के घरदुवरी मे पुगेके बतवले बानी । जनता के गणतन्त्र के मर्म बुझावे ना सकल कहत उ स्थानीय तह के जनप्रतिनिधि ओकरा ओरी विशेष ध्यान देवेके बतवले बानी ।
बारा आ पर्सा जिल्ला के स्थानीय तह के जनप्रतिनिधिलोग से आजु भईल छलफल मे प्रधानमन्त्री कहनी, “संविधान मे व्यवस्था भईल अधिकारबारे आम जनसमुदाय के बुझावे खातिर स्थानीय तह नागरिक के हरेक घर तक पुगेवाला किसिम से जागरण अभियान भा घरदुवरी कार्जक्रम सञ्चालन करीं ।”
संविधान से मधेस के नागरिक, जनानी, दलित लगायत उत्पीडित वर्ग आ समुदाय के पहिचान आ अधिकार के प्रबन्ध कईल स्पष्ट कईनी । उ कहनी, “आम जनसमुदाय तक संविधान के मर्म आ व्यवस्था के जईसे प्रस्तुत करेके चाहित, जईसे स्वामित्व लेवेके चाहित, ओईसन होखे सकल नईखे । एकरा के जनता तक व्यवस्थित रूप मे बुझावेके जिम्मेवारी अपनेलोग के ह ।”
संविधान मे व्यवस्था भईल मुताविक के सङ्घीय कानुनसब के निर्माण मे उच्च प्राथमिकता के साथ काम हो रहल जानकारी देत प्रधानमन्त्री प्रहरी समायोजन ऐन कार्यान्वयन के प्रक्रिया मे अगाडि बढल बतवनी । माध्यमिक शिक्षा विधेयक संसद् मे छलफल के प्रक्रिया मे रहल बतावत उ सङ्घीय निजामती सेवा ऐन संसद् मे प्रस्तुत करेके तईयारी मे रहल जानकारी देहनी ।
सङ्घीय कानुनसब के निर्माण मे तेजी देवे खातिर एतवार के दिने कार्यविस्तृतीकरण प्रतिवेदन उपर खुद उच्चस्तरीय छलफल चलावल बतावत प्रधानमन्त्री प्रचण्ड संविधान के अनुसूचि मे व्यवस्था भईल मुताविक सङ्घ, प्रदेश आ स्थानीय तह के एकल आ साझा अधिकार सूचि के व्यवस्थित करेके बतावल प्रधानमन्त्री के निजी सचिवालय जनवले बा ।





