नेशनल मेडिकल कलेज के सम्पत्ति मे दु भाई बीच विवाद
नेशनल मेडिकल कलेज के सम्पत्ति मे दु भाई बीच विवाद

वीरगंज १३ फागुन
नेशनल मेडिकल कलेज वीरगंज के सम्पति भागबण्डा के विषय के लेके दु भाइ बीच के विवाद बाहर आईल बा । मेडिकल कलेज के अध्यक्ष डा. जैनुद्दिन अन्सारी आ उनकर भाई बसरुद्दिन अन्सारी बीच मेडिकल कलेज के जायजेथा के भागबण्डा के विषय के लेके कुछ महिना से विवाद चल रहल बा ।
अध्यक्ष जैनुद्दिन मेडिकल कलेज के प्रबन्ध निर्देशक(एमडी) से बसरुद्दिन के हटाके आपन बेटा शाहनवाज अन्सारी के एमडी मे नियुक्त कईला के बाद दु भाई बीच के विवाद बढल बा ।
बितल शुक के दिने अध्यक्ष जैनुद्दिन आपन बेटा शाहनवाज के एमडी मे नियुक्त कईल निर्णय सञ्चारमाध्यम आ सामाजिक सञ्जाल से सार्वजनिक कईला के बाद विवाद आउर बढल बा । शाहनवाज के एमडी मे नियुक्त कईल निर्णय अनेकन माध्यम से सार्वजनिक भईला के बाद बसरुद्दिन मेडिकल कलेज के एमडी हम हि बानी आ अध्यक्ष हमी बनल कहत सामाजिक सञ्जाल मार्फत प्रचारबाजी कईले रहलन ।
ओकरा बाद एतवार के दिने अध्यक्ष जैनुद्दिन के बेटा तथा मेडिकल कलेज के नवनियुक्त एमडी शाहनवाज पत्रकार सम्मेलन करके मेकिडल कलेज के बारे मे बसरुद्दिन से फईलावल हल्ला भ्रामक रहल कहके दाबी कईनी । पत्रकार सम्मेलन मे शाहनवाज मेडिकल कलेज के सञ्चालक समिति इहे फागुन ४ गते से लागु होखेवाला किसिम से हमरा के एमडी मे नियुक्त कईल दाबी कईनी ।
फागुन ४ गते भईल मेडिकल कलेज के वार्षिक साधरण सभा से संस्थापक अध्यक्ष जैनुद्दिन अन्सारी के अध्यक्षता मे तीन सदस्यीय सञ्चालक समिति गठन कईल उ बतवनी । वार्षिक साधारण सभा से सञ्चालक अध्यक्ष मे जैनुद्दिन अन्सारी, प्रबन्ध सञ्चालक मे हमरा के आ सञ्चालक मे नुशरत जहान अन्सारी के नियुक्त कईल शहनवाज जानकारी देहनी । नुशरत, अध्यक्ष जैनुद्दिन के बेटी हई ।
पत्रकार सम्मेलन मे शाहनवाज एकरा से पहिले के एमडी बसरुद्दिन के कार्यशैली आ गतिविधि मे कैफियत देखल गईला के बाद सञ्चालक समिति उनका के एमडी पद से हटावल प्रष्टीकरण भी देहनी । उ कहनी, ‘कानूनी रुप मे एक जने मात्र सञ्चालक समिति मे रहेके व्यवस्था भईला पर भी काम के बोझ से अध्यक्ष बसरुद्दिन अन्सारी के प्रबन्ध निर्देशक के जिम्मेवारी देहले रहनी ।
माकिर कुछ समय से उनकर काम सञ्चालन मे कैफियत देखल गईल । अध्यक्ष उनका के बेर बेर सचेत भी करवले रहलन । माकिर ओकरा बाबजुद भी सुधार ना अईला के बाद अध्यक्ष अन्सारी के अधिकार कटौती करत गईल बानी । अभी मेडिकल कलेज प्रालि मे बसरुद्धिन के १० प्रतिशतमात्र शेयर लगानी बा । उ बाहेक ई मेडिकल कलेज से उनकर कउनो नाता नईखे ।’
२०५६ साल भादो ३२ गते से विधिवत् रुप मे सञ्चालन मे आईल नेशनल मेडिकल कलेज तथा शिक्षण अस्पताल के अध्यक्ष सुरु से हि जैनुद्दिन अन्सारी बाडन ।
बसरुद्दिन मेडिकल कलेज के एमडी अभी भी हम हि रहल दाबी कईले बाडन । उ पद से हमरा के केहु भी ना हटावल दाबी उनकर बा । मेडिकल कलेज के दर्ता, स्थापना, अदालत मे मुद्दा लडेके लगायत के सभी काम हम हि करत २५ बरीस से मेडिकल कलेज चलावत आईल बतवनी ।
उ कहनी, ‘कलेज स्थापन के समय भईया जैनुद्दिन खुदे आधा आधा साझेदारी रहेके कहके मौखिक सहमति कईले रहनी । बाबु जईसन रहल भईया कहला से उनकर बात मे हम भरोसा कईनी । माकिर अभी आके उनकर बेटा बेटी बढके अईला के बाद हमरा के हि हटावेके काम कर रहल बाडन । ई सरासर बेइमानी ह । धोखा ह । वीरगंज के नेशनल मेडिकल कलेज मात्र ना काठमाण्डु मेडिकल कलेज आ नेपाल मेडिकल कलेज करके तीन गो संस्था मे दुनु भाई के हिस्सेदारी रहल कहत बसरुद्दिन, ‘ई तीन गो जायजेथा के अभी के चलनचल्ती के भाउ मूल्यांकन करके दु भाई के बराबर बाँटल जाँव कहके हमर माग ह । माकिर भईया मे बेइमानी देखल गईल बा ।’






