पर्सा मे नेपाल वेयरहाउजिङ के अन्न भण्डारण सेवा सुरु
पर्सा मे नेपाल वेयरहाउजिङ के अन्न भण्डारण सेवा सुरु

वीरगंज १४ जेठ
पर्सा मे किसान से उत्पादन कईल अन्न सुरक्षित रुप मे भण्डारण सेवा सुरु भईल बा । पर्सा के बिरुवागुठी मे नेपाल वेयरहाउजिङ कम्पनी लिमिटेड शुक से भण्डारण सेवा सञ्चालन मे लिआईल बा । कम्पनी अध्यक्ष आनन्द बगरिया पर्सा सहित सुनसरी के गढी आ कपिलवस्तु के वीरपुर मे कम्पनी अन्न भण्डारण गृह निर्माण कर चुकल बतवनी ।
तीन गो भण्डारण गृह के कुल क्षमता ५५ हजार मेट्रिक टन रहल उनकर कहनाम बा । ’सब से बेसी क्षमता के वेयरहाउस पर्सा मे निर्माण करके सञ्चालन मे लियावल गईल बा,’ कहत उ, ’पर्सा के २५ हजार मेट्रिक टन तथा सुनसरी आ कपिलवस्तु के १५÷१५ हजार मेट्रिक टन क्षमता के बा ।’
कम्पनी के महाप्रबन्धक समिरराज सत्याल के मुताविक ई भण्डारण गृह मे गहुँ, मकई आ भटमास लगायत सभी किसिम के अन्न भण्डारण कईल जा सकता । ई भण्डारण गृह के सेवा खाद्य उद्योग, व्यापारी, कृषक सभी से लेवे सकेके बतवनी । वेयरहाउस मे भण्डारण कईल अन्न धितो राखके कर्जा भी लेहल जा सकता । ई सुविधा से किसान के व्यापारी के मूल्य मे आपन उत्पादन बेंचेके बाध्यता से मुक्ति देवेके अपेक्षा कम्पनी कईले बा ।
भण्डारणस्थल के कमी मे किसान व्यापारी से तोकल सस्ता दाम मे आपन उत्पादन बिक्री करेमे बाध्य भईल आ सडेवाला तरकारी आ फलफूल पशुवस्तु के खाए देहल खबर बारम्बार आरहल सन्दर्भ मे सुरक्षित भण्डारण गृह के सान्दर्भिकता उच्च रहल महाप्रबन्धक सत्याल बतवनी ।’ वेयरहाउस मे सुरक्षित भण्डारण कईल अनाज बाद मे बढिया मूल्य मिलल समय कभो भी बिक्री कईल जा सकता । एकरा से आपन भण्डारण पूर्वाधार ना भईल किसान बहुते लाभान्वित होखी,’ उ कहनी ।
कम्पनी बिक्री के खातिर आईल अन्न के लिलाम बराबर के सेवा भी उपलब्ध कराई । एकरा से भी कृषक हि लाभान्वित होखेके देखल गईल बा । कम्पनी उच्च प्रविधि से कृषि वस्तु के प्रशोधन, भण्डारण कईल उत्पादन धितो मे वित्तीय संस्था से कर्जा लेवेके व्यवस्था, कृषक के खातिर बीया, खाद, दवाई, उपकरण उपलब्ध करावेके लगायत सेवा देवेके सत्याल बतवनी ।
खाद्य सुरक्षा मे विश्व के ध्यान केन्द्रित हो रहल अभी के अवस्था मे भण्डारण गृह के सान्दर्भिकता आउर बढल कम्पनी के लगानीकर्ता तथा निम्बस ग्रुप के अध्यक्ष जगदीशप्रसाद अग्रवाल बतवनी । सरकार खाद्यान्न के न्यूनतम समर्थन मूल्य तोक रहला से खरिद कईल खाद्यान्न भण्डार के खातिर निजीक्षेत्र से तईयार कईल भण्डारणगृह के उपयोग करेके भी उ जोड देहनी ।
सरकार अईसन भण्डारण मे लगानी करेसे भी निजी क्षेत्र के लगानी मे तईयार भईल संरचना मितव्ययी होखेके भी उ प्रस्ट कईनी । पोस्ट हार्भेस्ट मे ३० प्रतिशत तक अन्न बेकार जाएके कहत उ ओईसे बेकार जाएवाला अनाज जोगावे खातिर अईसन पूर्वाधार प्रभावकारी होखेके आ एकरा से खाद्यान्न उत्पादन के प्रतिस्पर्धी बनावे सकेके बतवनी ।






