वीरगंज के मेनरोड विस्तार विरुद्ध घरधनीलोग कईलें बजार बन्द करेके घोषणा
वीरगंज के मेनरोड विस्तार विरुद्ध घरधनीलोग कईलें बजार बन्द करेके घोषणा

वीरगंज १२ चईत
वीरगंज के मुख्य सडक विस्तार के सम्बन्ध मे सर्वोच्च अदालत से कईल फैसला कार्यान्वयन के प्रक्रिया अगाडि बढला के बाद ओकर विरुद्ध मे मेनरोड क्षेत्र के घरधनी आ व्यापारीलोग आन्दोलित भईल बाडन ।
त्रिभुवन राजपथ अन्तर्गत परेवाला वीरगंज के गण्डक चोक से मुर्ली, घण्टाघर, माईस्थान, आदर्शनगर, छपकैया, वीरगंज भन्सार होत मितेरी पुल तक के मुख्य सडक २५÷२५ मिटर चौडा करेके सडक विभाग के निर्णय के पक्ष मे सर्वोच्च अदालत २८ फागुन मे फैसला कईले रहे ।
उ फैसला कार्यान्वयन के खातिर सडक डिभिजन कार्यालय हेटौंडा ८ चईत मे नापी कार्यालय वीरगंज के पत्राचार करत मुख्य सडक (मेनरोड) विस्तार के खातिर सडक के २५÷२५ मिटर क्षेत्र के सिमांकन करे खातिर निर्देशन भी देहल गईल बा ।
एकरा सँगे वीरगंज महानगरपालिका के पहल मे चईत ५ गते बईठल बईठक मे मुख्य सडक क्षेत्र मे परेवाला सरकारी कार्यालय के प्रमुखलोग आपन संरचना तत्काल हटावेके प्रतिबद्धता भी जनवले बाडन । मुख्य सडक विस्तार सम्बन्धी सर्वोच्च के फैसला कार्यान्वयन के प्रक्रिया सुरु भईला के बाद मुख्य सडक क्षेत्र मे परेवाला घरधनी आ उ घरसब मे व्यापार करेवाला व्यापारीलोग आन्दोलन मे उतरेके कहले बाडन । वीरगंज के मुख्य सडक २५÷२५ मिटर चौडा बनावेके जरुरत हि ना रहल आ जदि विस्तार करेके बा त सरकार हमनीसब के घरजग्गा के मुआब्जा देवेके माग उलोग के बा ।
वीरगंज बचाउ संघर्ष समिति के संयोजक जवाहर प्रसाद गुप्ता बियफे के सबेरे से दिन के १२ बजे तक वीरगंज बजार बन्द करेके निर्णय भईल बतवनी । उहे दिन सबेरे १० बजे आदर्शनगर चोक मे सभी घरधनी आ व्यापारीलोग जम्मा होके उहाँ से जुलुस निकाल के जिल्ला प्रशासन कार्यालय पर्सा मे पुगके प्रमुख जिल्ला अधिकारी मार्फत प्रधानमन्त्री के ज्ञापनपत्र बुझावेके भी बतवनी ।
ओकरा से पहिले बुध के दिने वीरगंज के राणीसती अतिथि सदन मे सभी घरधनी आ व्यापारीलोग के भेला बोलावल आ उ भेला से आन्दोलन के आउर कार्जक्रमसब तय करेके वीरगंज–९ के वार्ड अध्यक्ष भी रहल गुप्ता बतवनी । वीरगंज महानगर के मुख्य सडक २५÷२५ मिटर चौडा बनावल जरुरी ना रहल उनकर दाबी बा । वीरगंज के मुख्य सडक के विकल्प मे बाइपास, इनर बाइपास लगायत के आउर सडकसब निर्माण भईला से मुख्य सडक चौडा करेके जरुरत हि ना भईल उनकर तर्क बा ।
उनका मुताविक मुख्य सडक २५÷२५ मिटर चौडा कईला पर उ क्षेत्र मे रहल १ हजार १ सय से बेसी घरधनी मेसे अधिकांश घरबारविहीन होखिहें । साथे उ घरसब मे व्यापार व्यवसाय करेवाला व्यापारीलोग के भी बिल्लीबाठ होखेके गुप्ता बतवनी ।
मुख्य सडक क्षेत्र मे घर रहल वीरगंज मुर्ली के घरधनी अरविन्द गुप्ता सर्वोच्च अदालत के पूर्णपाठ ना आवते फैसला कार्यान्वयन सुरु कईल गलत भईल बतवनी । उ कहनी, ‘सर्वोच्च के फैसला के पूर्णपाठ आवेके बाँकी बा । माकिर मेनरोड के घरसब टुटी कहत घरधनी आ व्यापारीलोग के डेरवावेके काम हो रहल बा ।’ ओकर विरोध मे बाध्य होके हमनीसब बियफे के दिने वीरगंज बजार बन्द के आह्वान कईल बतवनी । गुप्ता कहनी, ‘हमनी अब सडक मे उतरेम । परिस्थिति जईसन होई ओकर प्रतिवाद करेम ।’
वीरगंज के मुख्य सडक २५÷२५ मिटर विस्तार करेके जरुरत हि ना भईल उनकर तर्क बा । उ कहनी, ‘वीरगंज मे अधिकांश गल्लीसब मे वारुणयन्त्र आ एम्बुलेन्स घुसे सकेवाला सडक नईखे । पहिले उ सडकसब चौडा र्कला के बदले वीरगंज के इतिहास आ मौलिकता मेटावेवाला मेनरोड तुरेके पडि कहके कुछ आदमीसब लागल बाडन ।’ गुप्ता मुख्य सडक २५÷२५ मिटर तुरला पर वीरगंज सहर हि कुरूप होखेके बतवनी । त्रिभुवन राजपथअन्तर्गत वीरगंज के गण्डक चोक से मितेरी पुल तक के मुख्य सडक विस्तार के प्रक्रिया तीन दशक से अवरुद्ध होत आईल रहे । २०६९ साल मे सरकार सडक क्षेत्र भितर के संरचना हटावे खातरि सूचना जारी कईला के बाद प्रभावित घरधनीलोग कानुनी उपचार खोजले रहलन । २०७६ साल मे लक्ष्मण साह रौनियार, वीरेन्द्रकुमार संघाई, राजकुमारी देवी तुल्स्यान, भरतसाह रौनियार आ सुधीरकुमार वर्णवाल लगायत सडक विभाग के निर्णयविरुद्ध सर्वोच्च अदालत मे रिट दायर कईले रहलन । उलोग सडक विस्तार खारेज करेके, मुआब्जा देवेके आ वैकल्पिक मार्ग प्रयोग करेके माग रखले रहलन ।
२७ वाँ बेर तक सुनुवाइ के बाद फागुन २८ गते न्यायाधीशद्वय विनोद शर्मा आ महेश शर्मा पौडेल के संयुक्त इजलास से रिट खारेज करत सरकार के पक्ष मे फैसला सुनवले बा ।






