प्रादेशिक सडक सञ्जाल तथा प्राथमिकता मे आधारित लगानी गुरूयोजना तइयार

जनकपुरधाम, ३ फागुन,
प्रदेश नं २ के सरकार प्रदेश लोकमार्ग के वैज्ञानिक व्यवस्थापन के खातिर प्रादेशिक सडक सञ्जाल गुरूयोजना तथा प्राथमिकता मे आधारित लगानी गुरूयोजना के अवधारणा एवं मस्यौदा तइयार कईल बा ।
प्रदेश सरकार के प्रादेशिक सडक ऐन मे आधारित ई योजना प्रदेश मे भईल सङ्घीय सडक के अलग्या के आउर सडक के पहिचान आ वर्गीकरण भी कईल बा । योजना अन्तर्गत प्रदेश लोकमार्ग, प्रदेश के सहायकमार्ग आ प्रदेश आउर सडक कहके वर्गीकरण करत १५ बरीस भितर (२०७७ से २०९१ तक) प्रदेश मे तीन हजार ३९२ किलोमिटर सडक निर्माण के मस्यौदा तइयार कईल गईल बा ।
उ अवधि मे प्रदेश भितर प्रादेशिक लोकमार्ग एक हजार ४९७, सहायक लोकमार्ग एक हजार २६१ आ आउर सडक ६३४ किलोमिटर निर्माण के प्राथमिकता मे आधारित लगानी गुरूयोजना रहल बा । अवधारणा मुताविक प्रदेश लोकमार्ग अन्तर्गत सङ्घीय सरकार के रणनीतिक, योजना मे ना पडल, राष्ट्रिय लोकमार्ग से जिल्ला सदरमुकाम जोडेवाला, प्रदेश भितर एक जिल्ला सदरमुकाम से दोसर सदरमुकाम जोडेके आ दु राष्ट्रिय लोकमार्ग जोडेके सडक रहेके जनावल गईल बा ।
एहितरे प्रदेश सहायक लोकमार्ग मे राष्ट्रिय लोकमार्ग भा प्रादेशिक लोकमार्ग से स्थानीय तह के केन्द्र जोडेके, जिल्ला सदरमुकाम से स्थानीय तह के केन्द्र जोडेके, दु भा दु से बेसी स्थानीय तह के केन्द्र जोडेके आ राष्ट्रिय लोकमार्ग से धार्मिक, ऐतिहासिक तथा पर्यटकीय महत्व के स्थल जोडेके सडक के राखल गईल बा । दु भा दु से बेसी पालिका जोडेवाला सडक के प्रदेश के आउर सडकअन्तर्गत समावेश कईल गईल बा ।
भौतिक पूर्वाधार विकासमन्त्री जितेन्द्र सोनल के मुताविक प्रदेश के आर्थिक रास्ता मे कोशेढुङ्गा सावित होखेके उ योजना के अवधारणा मुताविक रू ९७ अरब ४१ करोड लागत के गुरूयोजना रहल बा । योजना सम्पन्न करे खातिर तीन गो पाँच बरीस के समय के चरण मे होखेवाला अवधारणा लेहल गईल बा आ हरेक सडक के एके बेर स्तरोन्नति करे ना सकेवाला भईला से उच्चस्तर के लोकमार्ग के उपरला भाग मे पडल सडक प्रथम पाँच बरीस मे स्तरोन्नति के खातिर छानेवाला योजना रहल मन्त्री सोनल बतवनी ।
पहिचान भईल करीब तीन हजार ४०० सडक के खातिर २१६ पुल के जरुरत होखेके आ ओकरा खातिर रू १० अरब ५३ करोड लागत के अनुमान कईल गईल बा । तथ्याङ्क के आधार मे प्रति १५.७ किलोमिटर सडक के खातिर एगो पुल आ उ पुल के लम्बाइ ३६.१ मिटर होखेके एवं ओकर लागत प्रतिमिटर रु १३ लाख ५० हजार के रहल जनावल गईल बा ।






