लैंगिक समानता के खातिर स्थानीय सरकार जिम्मेवार बनेके पडल : सरोकारवाला
वीरगंज ३० फागुन,
लैगिक समानता के सवाल मे स्थानीय तह प्राथमिकता के साथ काम करेके सरोकारवाला जोड देहले बाडन । दिगो विकास लक्ष्य मे लैंगिक समानता के भी एगो लक्ष्य मानल बा । संविधान, नीति, नियम आ कानून मे सभी समान भी व्यवहार मे ओइसन ना देखल गईल उलोग के कहनाम बा ।
वीरगंज मे शुक के दिने लैंगिक समानता प्रवर्द्धन के खातिर पैरवी रणनीति निर्माण कईल बा । कार्जक्रम मे सहभागी बाल वियाह, दहेज प्रथा, छोट मानसिकता, रुढीवादी परम्परा, राजनीति मे कमजोर उपस्थिति, सामाजिक कुरीति, सम्पत्ति मे पहुँच के कमी, जइसन कारण से लैंगिक समानता होखे ना सकल तर्क कइनी ।
दहेज प्रथा के चलते गारजियन कमे उमिर मे बेटी के बियाह करेके बाध्यता तराई मधेस मे देखल गईल आ एकरा से बहुते असमानता जनमावल तर्क उलोग कइनी । बाल वियाह नियन्त्रण के खातिर समुदाय सहजोग ना कईल जनप्रतिनधि के कहनाम बा ।
वार्ड नं १६ के वार्ड अध्यक्ष श्यामबाबु चौरसिया दहेज आ बाल वियाह जईसन सामाजिक कुप्रथा हटावे के प्रयास हो रहल बतवनी ।
कानून मे विद्यमान दण्ड सजाय के व्यवस्था कार्यान्वयन करे सकला पर बहुते किसिम के असमानता के अन्त्य होखेके वार्ड नं ८ के अध्यक्ष राजकिशोर गुप्ता के कहनाम बा ।
वार्ड नम्बर १५ के वार्ड अध्यक्ष गजेन्द्र कुर्मी जनानी के शिक्षित बनईला पर सामाजिक समस्या के समाधान होखेके बतवनी ।
जनानी, लईकालइकी तथा जेष्ठ नागरिक सेवा केन्द्र के हवल्दार राजकुमारी थापा बाल वियाह आ दहेज प्रथा अन्त्य के खातिर रणनीति हि बना के काम करेके बतवनी ।
वीरगंज महानगरपालिका गैरसरकारी संस्था माहाशाखा के मुकेश गुप्ता वीरगंज महानगरपालिका बाल संरक्षण के खातिर नीति लिया के काम कर रहल जानकारी देहनी । उ बाल वियाह आ दहेज प्रथा अन्त्य के खातिर रणनीति बनावे के बात मे जोड देहनी ।
भीएसओ के सहजोग मे नेपाल युवा संस्था संजाल (आयोन) से आयोजना कईल कार्जक्रम मे वीरगंज–८, १५ आ १६ नम्बर वार्ड के सरोकारवाला सहभागी भईल रहलन ।
सेवा प्रदायक आ सेवाग्राही से स्थानीय तह मे विद्यमान समस्या आ समाधान के उपाय खोजी के खातिर छलफल कईल आयोन के निर्देशक अनिल उपाध्याय बतवनी ।
“दिगो विकास लक्ष्य अन्र्तगत लैगिक समानत के लक्ष्य बा, जउना अन्तर्गत जनानी आ किशोरी विरुद्ध होखेवाला सभी किसिम के भेदभाव अन्त्य करेके, समान काम के समान ज्याला होखेके, यौन शोषण, मानव बेचबिखन लगायत सभी किसिम के हिंसा अन्त्य होखेके पडि कहनी,” कहत उ, “स्थानीय स्तर मे ओइसन अवस्था का बा ? अवस्था ओइसन भईला के चलते आ समाधान के उपाय भी उलोग सँगे लेहले बानी ।”






