पर्सा मे डीएपी खाद के कमी, किसानलोग चिन्ता मे
पर्सा मे डीएपी खाद के कमी, किसानलोग चिन्ता मे

वीरगंज ११ बैशाख
जिल्ला मे डीएपी खाद के बहुते कमी भईल किसानलोग सिकाईत कईले बाडन । किसान हकहित संघर्ष समिति पर्सा के सचिव पृथ्वी साह जिल्ला मे डीएपी खाद के कमी भईला से किसान समस्या मे परल बतवनी ।
‘चईते धान, मकई, ऊँख, सुर्ती आदि बाली के खातिर अभी डीएपी खाद के बहुते माग रहल बा,’ कहत उ, ‘खाद के कमी मे बाली हि बिगडेके चिन्ता भईल बा, ऊँख बाली ओरी खुटी बाली मे सिंचाई के बाद डीएपी खाद छिटेके समय बित रहल अवस्था मे बा, किसान से खोजल समय मे डीएपी खाद मिले सकल नईखे ।’
नेपाल किसान संघ पर्सा के अध्यक्ष असर्फी साह भी डीएपी खाद के कमी भईल सिकाईत कईनी चईते धान रोपाई ना कईल किसान के बेसी समस्या भईल उनकर कहनाम बा । ‘जउना से चईते धान अभी रोपले नईखन, उलोग के बहुते समस्या भईल बा,’ उ कहनी, ‘सिचाईं सुविधा होके भदैया धान बाली लगावेके सोच बनावल किसान के धान के बिया छिटे खातिर भी डीएपी खाद के कमी रहल अवस्था बा ।’ सिमा क्षेत्र मे बसोबास करेवाला किसान भारत से डीएपी खाद लिअईला पर भी उत्तरी भेग के किसान के विकल्प ना रहल उ बतवनी ।
अभी किसान के चईते धान, ऊँख बाली आ सुर्ती बाली के खातिर भी डीएपी खाद के जरुरत रहल बा । खाद आपूर्ती करेवाला सरकारी संस्थान कृषि सामग्री कम्पनी लग डीएपी खाद के पर्याप्त मौज्दात नईखे ।
तालिका मुताविक कृषि सामग्री कम्पनी के डीएपी खाद समय मे ना अईला पर मधेश, बागमती आ गण्डकी प्रदेश मे भी ई बरीस डीएपी खाद के कमी होखेके सम्भावना बढल बा । अभी कम्पनी प्रादेशिक कार्यालय वीरगंज लगे २ हजार ५ सय ४५ मेटन आ वीरगंज समेत मधेश प्रदेश भर के कम्पनी के कार्यालयसब मे करके २ हजार ८ सय ८५ मेटन डीएपी खाद मौज्दात रहल कम्पनी मधेश प्रादेशिक कार्यालय वीरगंज के कामु प्रमुख दुर्गाप्रसाद पाण्डे बतवनी ।
अभी उपलब्ध डीएपी खाद भी संचित मौज्दात आ पठावेके बाँकी कोटा के खाद ह । सिन्धुली, पर्वत, दमौली, गजुरी, पोखरा लगायत के कार्यालय मे अभी भी कोटा के डीएपी खाद परिचालन भईल नईखे ।
कार्यालय सँगे युरिया खाद पर्याप्त मौज्दात रहल बा । अभी वीरगंज मे ८ हजार ७ सय आ मधेश प्रदेशभर के कार्यालयसब मे १८ हजार ९ सय १३ मेटन युरिया मल मौज्दात रहल पाण्डे बतवनी । अभी युरिया खाद के माग कम भईला से एकर मौज्दात बढल बा ।
केन्द्र के निर्देशन मे चईते धान बाली के लक्षित करके कम्पनी आ साल्ट ट्रेडिङ्ग कर्पोरेशन लिमिटेड भी सञ्चित मौज्दात से युरिया आ डीएपी खाद वितरण कर रहल बा । सामान्यतया ई संस्थान से सञ्चित मौज्दात के खाद आपतकालीन अवस्था मे तथा नेपाल कृषि अनुसन्धान परिषद, बिजवृद्धी कार्जक्रम जईसन सरकारी निकायसब के जरुरी परल समय बरीस भर उपलब्ध करावे खातिर भण्डारण करके राखल जाला । नियमित रुप मे आवेवाला खाद के कूल परिमाण से १० प्रतिशत छुट्याके अईसे सञ्चित मौज्दात राखेके चलन रहल बा ।
कार्यालय प्रमुख पाण्डे पाइपलाइन मे रहल कम्पनी के ४५ हजार मेटन डीएपी खाद वैशाख अन्त्य ओरी आवेके सम्भावना रहल बतवनी । कम्पनी भारत से जि टु जि प्रक्रिया से २५ हजार आ ग्लोबल टेण्डर से २० हजार करके ४५ हजार मेटन डीएपी खाद लियावे लागल उ बतवनी ।
‘वैशाख अन्त्य ओरी दुनु कन्साइन्मेन्ट के खाद आवे लागेके सम्भावना बा,’ कहत उ, ‘ग्लोबल टेण्डर के कन्साइन्मेन्ट के ठेक्का आदित्य बिरला ग्रुप के मिलल आ जि टु जी के खाद भी उहे कम्पनी के नेपाल तक पुगावेके जिम्मेवारी भारत सरकार देहले बा ।’
ई बाहेक कम्पनी ग्लोबल टेण्डर से २५ हजार मेटन डीएपी आ ३० हजार मेटन युरिया खाद भी लियावे लागल पाण्डे जानकारी देहनी । ‘ई दु कन्साइन्मेन्ट मेसे युरिया खाद आपूर्ती के ठेक्का भारतीय कम्पनी आइपिएल आ डीएपी के ठेक्का भी उहे कम्पनी के मिलल बा,’ कहत उ, ‘आवेवाला बरीस धान बाली सिजन पहिले ई खाद भी आई, ई बाहेक साल्ट ट्रेडिङ्ग भी नियमित रुप मे खाद लियावत बा, अईसे भईला पर ई बरीस आवेवाला धान बाली सिजन मे खाद के कमी ना होखी ।’ उल्था ईकान्तिपुर






