दारु आ सराब

दारु आ सराब

जौन भाई भठ्ठी मे जाई….
पुरा धनबा उहे गमाई
ओकर बाल-बच्चा न पढी
गाउँ में सबसे नाम हसाई
एही से हम कहतानी, दारू सराब छोडल करी
करल करी कमाई।।।।।
जेकरा घरमे सराबी नईखे,
ओकरा घरमे बाजी सहनाई।।
जौन भाई दारूके पिछे जाई
ओकरा घरमे होई पिटाई।।
एही से हम कहतानी, दारू सराब छोडल करी
करल करी कमाई।।।।।
दरूआहा भाई जेने जाई,
ओकर मुहबा दिई गन्हाई
ओकर मस्ती उ दिन लौकी।।
जब गाउँमे सबसे लात खाई
एही से हम कहतानी, दारू सराब छोडल करी
करल करी कमाई।।।।।
जौन भाई दारूके पिछे जाई
ओकर कौनो न माँ, बाप, भाई
एही से हम कहतानी, दारू सराब छोडल करी
करल करी कमाई।।।।।

नाम:अर्जुन कुमार यादव
स्थाई ठेगाना:गढीमाई ना.पा.-६, धर्मपुर रौतहट

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