ऐतिहासिक किताब “भोजपुरी साहित्य में महिला रचनाकारन के भूमिका” के भव्य लोकार्पण

कृष्ण मोहन पाण्डेय
भारत ०८ माघ,
महिला लोगन के योगदान हमेशा से समाज, संस्कृति आ सभ्यता के सजावे–सँवारे में रहल बा । बात भाषा के होखे भा संस्कृति के, महिला लोग हमेशा एहके भरलहीं–पुरले बा लोग । महिला लोगन के योगदान हर भाषा, सभ्यता आ संस्कृति में रहल बा । महिला लोगन के एही योगदान का बटोरे वाली ऐतिहासिक किताबि ‘भोजपुरी साहित्य में महिला रचनाकारन के भूमिका’ के भव्य लोकार्पण गांधी शांति प्रतिष्ठान, दिल्ली में भइल ।
बतावत चलीं कि कार्यक्रम आ सर्व भाषा ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अशोक लव किताबि के उपयोगिता बतावत कहलें कि सर्व भाषा ट्रस्ट के उद्देश्य अब सभका सोझा बा । इहाँ सब भाषा आ साहित्य के स्वागत बा । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पं. हरिराम द्विवेदी भोजपुरी साहित्य के इतिहास में एकरा के मिल के पत्थर बतवलें आ कहलें कि अइसन किताबि से भोजपुरी के जरूर कल्याण होखी । ऐतिहासिक पुस्तक ‘भोजपुरी साहित्य में महिला रचनाकारन के भूमिका’ क प्रकाशन ‘सर्व भाषा ट्रस्ट, दिल्ली’ कइले बा ।
ई किताब ’भोजपुरी साहित्य सरिता’के मई २०१८ अंक के आधार पर तइयार भइल बा । एह किताबि के संपादन विदुषी डा‘ सुमन सिंह, युवा साहित्यकार केशव मोहन पाण्डेय आ भोजपुरी साहित्य सरिता के सम्पादक जयशंकर प्रसाद द्विवेदी कइले बाड़ें । एकरा लोकार्पण का बेरा वक्ता लोग एकरा उपयोगिता आ महत्व के पुरजोर ढंग से रेखांकित कइलें । एकरा विषय–वस्तु के प्रेरको बतवलें ।
वक्ता लोगन में प्रवक्ता डा. सुनीता कहलीं कि एह ऐतिहासिक किताबि के पढि़के सभे के गर्व होखी । एह किताबि में हर तरह के आ हर भाव के आलेख बा । साँचो अइसन किताबि के भोजपुरी में जरूरत रहल ह ।
रंगश्री नाट्य संस्था के संस्थापक(निदेशक महेंद्र प्रसाद सिंह कहलें कि एह किताबि में महिला साहित्य पर समीक्षा बा, चर्चा बा आउर महिला लोगन के रचित कहानी, कविता आ गÞजÞलो बा । एह किताब खातिर सम्पादक लोग बड़ा मेहनत कइले बा लोग ।
प्रवक्ता आ मैथिली–भोजपुरी अकादमी के सदस्य डा. मुन्ना के पाण्डेय किताबि के अकादमिक महत्व के बतवलें आ कहलें कि सभे के एह किताबि के दिल खोलके स्वागत करे के चाही । प्राध्यापक राजीव उपाध्याय, डा. नीतू कुमारी नूतन कमलेश के मिश्र एह किताब के बरियार समीक्षा कइल लोग ।
एकरा पहिले विषय प्रर्वतन करत सम्पादक केशव मोहन पाण्डेय एह किताबि के कल्पना आउर रचनाकारन के सहयोग के संगे एह स्वरूप के विस्तृत जानकारी दीहलें ।
उद्घटनकर्ता श्री अशोक श्रीवास्तव के संगे विशिष्ट अतिथि आ विद्वतजन उदेश्वर सिंह, सतेन्द्र यादव, सुनील सिन्हा आदि किताबि खातिर आपन शुभकामना दीहलें । कार्यक्रम के अंत मे सम्पादक जे पी द्विवेदी आगंतुक लोगन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित कइलें । कार्यक्रम के सफल संचालन इंदुमति मिश्र आ शशिरंजन मिश्र जी ने कइलें । कार्यक्रम के समापन राष्ट्रगान से कइल गइल ।






