नेपाल के दृष्टिकोण

नेपाल के अवस्था दिन प्रति दिन बिकास के मोड ओर दौर चुकल बाटे एमे कवनो संका करेबाला बात नइखे । लेकिन बास्तव मे समग्र रुपमे देखल जाई त नेपाल मे अभि एक किसिम के गृहयुद्ध चलरहल बाटे । देश के राजनितिक अवस्था दिन प्रति दिन निचा ओर ढल्ते जारहल बाटे ।
जे व्यक्ति जनता के सेवा खातिर उपर तह पर गइल बा उसभन के कुछ नन्ना प्रकार के देश के हित के बिपरीत, जनता के हक से बिपरीत किसिमके आम जनता के सामने रोज के रोज परोसत आरहल बाटे । देश के हक हित के काम करे के चाही जवन न करके सामाज मे एक किसिम के घृणा पैदा करेबाला काम भइला से एक बिचित्र किसिम के अपन सामाज जनता मे डर त्रास भय समाचुकल बाटे ।
नेपाल के दृष्टिकोण के अन्तरराष्ट्रिय समुदाय, न्यालय, सामाज कुटनितिक नजर से नेपाल के एगो बडका एंगल से देखरहल बा । जवना बजह से नेपाल मे बडका दुरघटना घटे के संकेत देखारहल बाटे ।
देश के राज्य नेता कहलाय बाला राज नेता सभन के हरेक तरह के क्षेत्र पर ध्यान अभि देहल एक दम जरुरी देखाई देरहल बाटे । जनता के सुरक्ष दिलावे बाला सभन जेल नेल, जवन जनता के सेवा देवे बाला के अंतक से आउर नाता बाद कृपा बाद के बजह से देश मे कवना घडी का होसकता एकर जिम्मेबारी न देखाइला के बजह से देश तुरन्त द्वन्द्व मे फसेको अवस्था अभि के तुच्छ क्रियाकलाप से देखाइ देरहल बाटे ।
देश के जवन कुटनितिक चाहि अन्तराष्ट्रिय देश से समबन्ध राखे के जवन तरिका चाही उ न भइला से देश मे भाया भह के अवस्था के सृजना होखे के प्रबल समभावना हो सकता । देश भितर बहुत किसिम के बिबादित मुदा सभन के तत्काल हटा के एक देश मे नयाँ उर्जा चाही जवन नइखे भेरहल । युवा के जवन जनशक्ति बा उ नइखे रुकरहल ।
हरेक नन्ना प्रकार के समस्या बडले बा । दोसर समस्या का आरहल बा कि देश एक ओहदा भा उपर तह पर रहके बिलासी जिवन बितारहल बा इ ठिक कार्य देश के खातिरा नइखे ।
इ देश मे एक किसिम के तानासाह, राणासासन से ज्यदा भइल से देश मे बिद्धोह उत्पन्न हो सकता । जवन व्यक्ति बिलासी मे लिप्त रही ता कर्मचारी देश के जनता के का हाल हो सकता ? अपन देश मे ६ मिन्ट के रास्ता मे हेलिकप्टर प्रयोग कइल बहुत अच्छा देश के खतिरा नइखे ।देश के आर्थिक समस्या घटावे के खातिर एक एक पैसा जोगावे के परी जवना से बिहान के दिन मे एक आर्थिक रुपसे देश मजबुत होखी या देश मे दुत गति से बिकास होखि । देश मे हि युवा सभन के रोजगार मिली ।
लेकिन इ सब करे खतिरा बलिदान, तपसया करे परी । हरेक जनता के प्रशिक्षण देवे के चाही । हरेक जनता सभन कुछ सिप सिक के देश के उन्नित ओर अपन पैर राखे के कोशिस करावे चाहि । बिदेशी मुलुक देश आउर पडोसी देश से भि अच्छा समबन्ध राखल एक दम जरुरी बाटे । भल हि चिनिया राष्ट्रपति नेपाल मे भ्रमण कइल गइला ओकरा से कुछ ज्ञान भा पाठ सिकल एक दम जरुरी बाटे ।
देश राज नेता सभन के उनकर कथनी से प्रभाबित होखल जरुरी बाटे लेकिन एक छिमेकी देश ओर झुकाव न राखे के दुनु देश से एक अच्छ समबन्ध कायम राखल मे हि अति उतम होई । एक देश ओर जादे लभिंग कइला पर दोसर मित्र उपर अँच आवे के समभावना जादे रहेला । ओहि से दुनु देश से सँन्तुलन बना के चल्ला पर ही ठिक रही । खालि भारत छिमेकी देश के गारी देला पर देश के बिकास ना होखी देश के बिकास करे खातिर अपने आप मे जागरुपता देखावे के परी ।
कवनो भि देश आथर््िाक सहयोग करता ओके एक गहिराइ रुपसे देखे के परी । बिना फाइदा के बिना बिशेषता के योगदान भा आर्थिक सहयोग नइखे दे सकता । ओही से देश मे अपना पहिला राजनितिक सँकट हटाके अपन निहित स्वार्थ हटाके एगो बिशाल कुटनितिक समन्य समिती बनाके के स्वीटजरल्यण्ड के जइसन नेपाल के कल्पना आम नेपाली कर सकतानी ।
लेकिन नेपाल मे बहुत अइसन मुदा बा ओके अभि तक निराकरण न कर के देश मे बलजबर जस्ती शासन चलाइला से बहुत जइसन मुदा बा जवन देश के बिकास मे अवरोध पुगा सकता । जनयुद्ध के मुदा होखो चाहे मधेश आन्दोलन के मुदा होखो सब के एक मुष्ट हटाके एगो नयाँ युग मे प्रवेश करी कि जनता सभन भि सुरक्ष के अनुभुती करी ।
ह जसभन के मालुम बाटे कि बिना क्रान्ति से कवनो देश निर्माण ना होखेला ओ हि सही एगो नयाँ क्रान्ति कर के देश बिकास ओर धका मारल ठिक बा । जवन बिगत के मुदा २० बर्ष १२ बर्ष के मुदा के एगो मसाला बना के राजनितिक कइल सरासर गलत होरहल बाटे ।
ई कवनो राजनितिक देश के हित, फाइदा खतिरा नइखे । ई एक ब्यक्तिगत स्वार्थ पुरा करे खतिरा बनल बा । जवना से राष्ट्रके उपर खतरा बड सकता राजनितिक के आड लेके । एसे बचल देश के जनता एक दम जरुरी बाटे ।
अभि राजनितिक उथलपुथल देश मे ब्यापक होरहल बाटे कृष्ण महरा आ रोशनी, आफताब आलम, देवेन्द्र कडेल, बिजय कुमार गच्छदार जइसन नेता सभन के पत्र पत्रिका मे दिने दिने आइला से देश एक भयाभव अवस्था मे जाहरहल बा कि जनता सभन हरेक चौक चौराहा पर खालि ऐही बिषय के लेके चर्चा होरहल बाटे । देश मे बिभिन्न किसिम के आउर घटना घटी कि कह के आम जनता सभन मे त्रसीत के बिषय बनचुकल बाटे ।
देश के दृष्टिकोण फरक भइला से १० दिन के भितर मे बहुत राजनितिक कर्मी सभन के दोड धुप भेरहल बाटे । ओही सही नेपाल के प्रशासन के भी कमी कमजोरी कही कही देखाइ आम सामाज के सामने भि आरहल बाटे ।
सामाजिक सन्जाल मे देखे के मिल रहल बाटे जवना से समाज देश मे नकरात्मक असर प्रत्यक्ष रुपसे देखाइ दे रहल बाटे ए प्रति सचेत भि रहल समियता अपनावल समयमे ही ठीक रही न त एकर फाइदा अन्तरराष्ट्रिय जगत के आम लोग सभन एकर फाइदा उठावत देश के उपर धवा बोले मे कवनो समय नइखे लागसकत ।
देश हरेक तरह के सँजाल से बान्हा चुकल हवे जवना चलते कुछ ना देश प्रति कवनो ना कवनो उपाए लगाके देश मे एगो नयाँ डँगसे द्वन्द्व फैलावे के पछाडी लगला से देशके प्रशासन सभन के भि एर्लट रहल एक दम जरुरी बाटे ।
देश के हस्ती सभन हिरो सभन भि कुछअलग क्रियाकलाप, योजना, राजनितिक कुछ ठोस लेयावल हि ठिक रही । बास्तव मे कुछ अलग ढँग से देश मे प्रस्तुती होखल जरुरी बाटे न त घर फुटे गवार लुटे जइसन माथ पर काल घुमत रही । बिभिन्न प्रकार के भ्रष्टचारी लिप्त छोटा से लेके बडका तक सभन हवे जवन बजह से काल के सधारण जनता आजु करोड पति के रुपमे चिन्हारहल बा । राता राता कहाँ से अकुत समपति आइल बा ए प्रति खोज बिचार कइल भि जरुरी बाटे ।
राजनेतिक मुदा एकदम कमजोर रहला से भि देश के माथ पर तिलक लगावे मे कुछ समस्या आरहल बाटे ओ समस्या कहाँ से आरहल बाटे ओके निगरानी राखल एक दम जरुरी बाटे कि ना ? देश के गुप्त योजना सभन बाहर आरहल बाटे अन्तराष्ट्रिय जगत मे एक सधारण तरिका से बाहर जारहल बाटे एके एक अलग दृष्टिकोण से देखल जरुरी बाटे कि ना ? देश के गुप्त बात सभन दोसर देश मे चुहावट होखल ठिक नइखे ।
एके रोकेके कवनो उपाय बाटे कि ना । ए प्रति सजग रहल भि जायज देखाइ देरहल । इ भि देश के खतिरा सँबेदन सिल अँङगबाटे एके भि कोमा मे राखल जरुरी बा । देश के हरेक दृष्टिकोण से देखला पर कमजोरी या कही ना कही बिदेशी चलखेल से समस्या के उलझण मे परला से आउर देश के गृह युद जइसन मुदा भइला से देश कमजोरी पन के महशुस कररहल बाटे ।
ए प्रति हरेक क्षेत्र के समुदाय, नेता, शिक्षक, ब्यपारी, आमजनता, युवा, चिकित्सक, बकिल, किसान सभन के मातहात मे राखल जरुरी बाटे । – चिउँटाहा, बारा





