स्थापना दिवस मे महासङ्घ कार्जक्रम ना करी

काठमाण्डु १५ चईत,

नेपाल पत्रकार महासङ्घ ई बरीस आपन स्थापना दिवस के अवसर मे कउनो कार्जक्रम ना करेके जनवले बा ।

महासङ्घ के अध्यक्ष गोविन्द आचार्य विज्ञप्ति जारी करत ई बेर विश्वभर महामारी के रूप मे फईल रहल कोरोना भाइरस के सङ्क्रमण के चलते नेपाल मे स्थापना दिवस के अवसर मे खुल्ला कार्जक्रम आयोजना करेके अवस्था ना रहल जानकारी देहनी । महासङ्घ बिहान एतवार से ६५ वाँ बरीस मे प्रवेश करत बा ।

उ अईसन अवस्था मे सभी सञ्चारकर्मी साथी के कोरोना के सङ्क्रमण नियन्त्रण मे सहजोग पुगावेवाला किसिम से सचेतनामूलक सामान प्रवाह करे खातिर निहोरा कईले बानी । खुद सुरक्षित रह के सत्य, तथ्य आ सन्देशमूलक सामान प्रवाह करेके आपन दायित्व उपर सभी पत्रकार सजग रहे खातिर भी महासङ्घ निहोरा कईले बा ।

महासङ्घ स्थापनाकाल से हि नेपाल मे श्रमजीवी पत्रकार के हक, हित आ अधिकार तथा स्वतन्त्र पत्रकारिता के संस्थागत विकास के साथे राष्ट्रियता, लोकतन्त्र एवं नागरिक अधिकार के खातिर अहम् भूमिका खेलत आईल उल्लेख करत आवेवाला दिन मे कईसनो प्रतिकूल अवस्था मे भी हमनी के सङ्घर्षपूर्ण इतिहास आ अग्रज से देखावल मार्ग से रत्तिभर विचलित ना होके महासङ्घ के उद्देश्य हासिल करे खातिर आउर दृढतापूर्वक लागेके प्रतिबद्धता भी अध्यक्ष आचार्य व्यक्त कईले बानी ।

नेपाल के संविधान आ सङ्घीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्र के मूल मर्म आ भावना मुताविक नेपाली सञ्चार क्षेत्र के पुनःसंरचना अभी के प्रमुख जरुरत रहल कहत सङ्घ, प्रदेश आ स्थानीय तह मे प्रेसमैत्री सञ्चार नीति, कानून आ संरचना निर्माण के खातिर महासङ्घ पहल आ खबरदारी करत आईल उ बतवनी ।

नेपाल के संविधान आ राष्ट्रिय आमसञ्चार नीति–२०७३ के कार्यान्वयन कईला के साथे उहे नीति मुताविक सरोकार पक्ष सँगे के छलफल आ सहमति मे सूचना तथा सञ्चारसम्बन्धी कानूनी आ संरचनागत व्यवस्था के खातिर नेपाल सरकार आ सम्बन्धित निकाय के महासङ्घ बेर बेर निहोरा करत अईला पर भी हमनी के सरोकार के उचित सुनुवाइ होखे ना सकल उनकर कहनाम रहल बा ।

‘‘प्रेस स्वतन्त्रता विरोधी प्रावधान राख के सरकार संसद् मे प्रस्तुत कईल कैयन कानून मे आंशिक सुधार भईला पर भी हमनी के सरोकारसब के पर्याप्त सम्बोधन होखे सकल नइखे’’, उ विज्ञप्ति मे कहले बानी, “जउना के चलते सञ्चार क्षेत्र मे अभी भी सङ्घीयता कार्यान्वयन होखे सकल नइखे आ सङ्क्रमण के अवस्था कायम बा । ई अवसर मे हम फेनु महासङ्घ सहित सरोकार पक्ष से पर्याप्त छलफल आ सहमति मे प्रेस स्वतन्त्रता के पूर्ण ग्यारेन्टी करेवाला किसिम से सञ्चारसम्बन्धी कानून अगाडि बढावे खातिर निहोरा करत बानी ।”

महासङ्घ से अगाडि बढावत गईल श्रमजीवी पत्रकार ऐन के पूर्ण कार्यान्वयन, सञ्चारमाध्यम के सञ्चार सेवा उद्योग के मान्यता, साना लगानी के स्वरोजगारमूलक आ गैरनाफामूलक सञ्चारमाध्यम के प्रवद्र्धन, पत्रकार के दक्षता अभिवृद्धि के खातिर केन्द्र आ प्रदेशस्तर मे आमसञ्चार प्रशिक्षण प्रतिष्ठान के स्थापना, सार्वजनिक सेवा प्रसारक संस्था के स्थापना, आमसञ्चार प्राधिकरण, विज्ञापन परिषद् जईसन निकाय के स्थापना, प्रेस काउन्सिल के पुनःसंरचना, समानुपातिक विज्ञापन वितरण प्रणाली के कार्यान्वयन, पत्रकार के खातिर दुर्घटना तथा स्वास्थ्य बीमा, ज्येष्ठ तथा अशक्त पत्रकार के जीवन निर्वाह भत्ता वितरण के व्यवस्था एवं आमसञ्चार विकास कोष के स्थापना लगायत के माग पूरा करे खातिर सरकार सहित सम्बन्धित निकाय मे उ ध्यानाकर्षण करवले बानी ।

विज्ञप्ति मे पिछिलका दिनसब मे प्रेस स्वतन्त्रता हनन् के घटना मे सङ्ख्यात्मक रूप मे कुछ कमी अईला पर भी प्रवृत्तिगत अवस्था ओतने रहल बा आ दण्डहीनता आ सेल्फसेन्सरसीप के अवस्था भी कायमे रहल उल्लेख कईल बा ।

“श्रमजीवी पत्रकार के समस्या जईसन के तईसन बा । ई अवस्था मे नेपाली सञ्चारमाध्यम के संस्थागत विकास आ श्रम अधिकार के स्थापना एवं सञ्चार क्षेत्र के समस्या समाधान के खातिर ई क्षेत्र मे आबद्ध सभी के साझा सरोकार होखेके ओरी ध्यानाकर्षण करावत बानी” विज्ञप्ति मे उ कहले बानी, “महासङ्घ ई सभी समस्या समाधान के खातिर सञ्चार क्षेत्र के अनेकन सङ्घसंस्था आ व्यक्तित्व सँगे बृहत् एकता आ साझेदारी के साथ अगाडि बढेके प्रतिबद्धता व्यक्त करत बानी ।”

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