बोखार अईला के बाद मेडिकल कलेज ना जँचलख गोड मे घाव भईल मरेजी

वीरगंज १६ चईत,
सरकार बेमार आदमी के ना जाँच के फिर्ता करेवाला अस्पताल के कारबाही करेके चेतावनी देहल दिन वीरगंज मे एक अस्पताल मरेजी के ना जाँच के फिर्ता पठवले बा ।
वीरगंज स्थित नेशनल मेडिकल कलेज कलैया उपमहानगरपालिका–२२ रहेवाला २५ बरीस के विजय कुशवाह के ईलाज ना करके फिर्ता पठवले बा । आफन्त के मुताविक शुक के दिनके मसुरी दवनी करेके समय थ्रेसर मे दबा के विजय के गोड मे घाव लागल रहे । घाव मे स्थानीय मेडिकल के स्वास्थ्यकर्मी ३५ गो टाँका लगवले रहलन । माकिर शनिचर के रात उलटी कईला के बाद १० बजे के समय मे नेशनल मेडिकल के आकस्मिक कक्ष मे भर्ना कईल रहे ।
सुरु मे चिकित्सक घाव के अवस्था देखके ईलाज सुरु कईले रहलन । माकिर सबेरे सुख्खा खोकी आ हल्का बोखार देखल गईल । ओकरा बाद अस्पताल कोरोना भाइरस संक्रमण के लक्षण देखल गईल कहत ईलाज करेके ना मनलख । कउनो नर्स आ डाक्टर देखे भी ना अईलन ।
आफन्त महेश कुशवाहा के मुताविक सबेरे सामान्य बोखार आ सुख्खा खोकी अईला के बाद अस्पताल के व्यवहार मे अचानक बदलाव आईल रहे ।
“रात ठीके रहलन, सबेरे हल्का बोखार आ खोकी हल्का रहे । ओकरा बाद चिकित्सक फिर्ता होके भी ना देखलन । बेमार भईल बार्ड हि खाली कईलख । कोरोना संक्रमण के लक्षण देखल गईल बा । हमनी ना राखेम जहाँ लेजाए के बा लेजाई । कहके पुर्जी हि बिग देहलन” कहके बतवनी ।
ओकरा बाद आफन्त पुलीस आ वीरगंज महानगरपालिका के मेयर के जानकारी करवनी । “बाद मे अस्पताल हमनी सँगे इलाज नइखे, टेकु अस्पताल लेजाई कहके रिफर कईलन” महेश कहनी । उनका मुताविक विजय बितल बरीस जेठ से घर मे हि बाडन ।
नेशनल मेडिकल कलेज के प्रमुख डा. प्रमोद सर्राफ कोरोना भाइरस संक्रमित मे लउकेवाला लक्षण मरेजी मे देखल गईला से रिफर कईल बतवनी । अस्पताल मे कोरोना संक्रमित के ईलाज कईला पर लगावेवाला सुरक्षा सामग्री (पीपीई) आ आउर उपकरण ना भईला से जाँच करे ना सकल बतवनी ।
“मरेजी के बाहर अप्रेशन करके लियावल गईल रहे, बोखार आईल रहे, बोखार बढत गईल आ ड्राई कफ शुरु होके स्वास लेवेमे समस्या भईल रहे” कहत उ “कोरोना भाइरस संक्रमित मे जईसन सिम्टम लउके लागला के बाद दोसर जगहा लेजाए के सल्लाह देखल गईल बा । हमनी लग पीपीई भी नइखे ।”
नेशनल टेकु लेजाएके भी सरोकारवाला के निहोरा के बाद विजय के एतवार के अबेर सँझिया नारायणी अस्पताल मे ईलाज सुरु कईल रहे । नारायणी अस्पताल मे प्रारम्भिक परीक्षण के बाद चिकित्सक “सेप्टी सेमिया” के चलते मरेजी के गोड के घाव आ छाती मे संक्रमण देखल गईल बतवले बाडन ।
“कोरोना भाइरस के संक्रमण ना ह कहेके आधार त नइखे माकिर मरेजी के ट्राभल हिष्ट्री ना भईला से ओकर संभावना कम बा” अस्पताल के एक चिकित्सक कहनी । स्थानीय स्वास्थ्य संस्था मे टाँका लगावेके समय मे संक्रमण रोकथाम करेवाला उपाय ना अपनईला के चलते “सेप्टी सेमिया” भईल नारायणी अस्पताल के मेसु डा मदन उपाध्याय बतवनी ।
“मरेजी के साँस लेवेमे समस्या हो रहल बा । छाती मे संक्रमण बा, गोड कटला पर गाँव के मेडिकल मे टाँका लगावल गईल बा । हम आ हमर मेडिकल टिम से देखला पर संक्रमण रोकथाम करेवाला उपाय अबलम्बन ना भईला पर सेप्टी सेमिया भईल बा” कहके बतवनी ।
“सेप्टी सेमिया” के ईलाज के खातिर सुविधा सम्पन्न अस्पताल मे लेजाए के सुझाव देहल उ बतवनी । एतवार के दिने सँझिया साढे ७ बजे के समय मरेजी के आफन्त वीरगंज हेल्थ केयर अस्पताल मे आउर ईलाज के खातिर पुगल बाडन । बोखार बेसी देखल गईल कहत गण्डक अस्पताल भी ईलाज करेके ना मानल मरेजी के आफन्त सिकाईत कईले बाडन ।






