इन्धन के दाम घटईला पर व्यवसायी के ३० करोड बेसी घाटा, निगम से मँगले क्षतिपूर्ति

काठमाण्डु २० चईत,
नेपाल आयल निगम इन्धन के दाम एके बेर प्रतिलिटिर १० रोपेया घटईला पर करिब ३० से ४० करोड रोपेया घाटा लागल व्यवसायीलोग सिकाईत कईले बाडन । उलोग आयल निगम सँगे क्षतिपूर्ति भी मँगले बाडन । निगम बुध के दिने डिजेल आ पेट्रोल मे प्रतिलिटर १० रोपेया दाम घटवले रहे । खुदसब महँगा दाम मे किन के इन्धन भण्डारण कईल, माकिर अभी लकडाउन के समय एके बेर बहुते दाम घटईला पर घाटा भईल व्यवसायीलोग के कहनाम बा ।
नेपाल पेट्रोलियम डिलर्स एशोसिएसन बियफे के दिने नेपाल आयल निगम के पत्र लिख के क्षतिपूर्ति के व्यवस्था मिलावे के माग कईले बाडन । एशोसिएसन के अध्यक्ष लिलेन्द्र प्रधान निगम के लिखल पत्र मे पेट्रोलियम व्यवसायीलोग के करिब ३० से ४० करोड घाटा भईल उल्लेख बा । ‘उ घाटा पेट्रोलियम व्यवसायीलोग सहे ना सकेके’ उल्लेख बा । ओहिसे व्यवसायीलोग के क्षतिपूर्ति उपलब्ध करावे के व्यवस्था करेके माग कईल गईल बा ।’
उद्योग वाणिज्य तथा आपूर्तिमन्त्री लेखराज भट्ट चईत ८ गते मन्त्रालय मे बोला के क्षमता से सहेतक के तेल भण्डारण करे खातिर व्यवसायीलोग से निहोरा कईले रहलन । मन्त्री के निहोरा सभी व्यवसायी इन्धन भण्डारण कईले रहलन । माकिर अभी खुदसब धोका मिलल व्यवसायीलोग के सिकाईत बा ।
नेपाल पेट्रोलियम डिलर एशोसिएसन बागमती के अध्यक्ष अच्युत खड्का कहनी कि, ‘अभी पेट्रोलियम के बिक्री ठप्प बा, दोसर बात १ सय ६ रोपेया प्रतिलिटर मे किनल तेल ९६ रोपेया मे कईसे बेंचेके ?’ खड्का के मुताविक अभी सरकार से घटावल दाम से हरेक पेट्रोल पम्प के ८० हजार से ९ लाख रोपेया तक घाटा भईल बा ।
निगम के निहोरा मे छोटा पम्पसब (६ सय से एक हजार लिटर बिक्री करेके) बडका पम्पसब (२ हजार से ५ हजार लिटर बिक्री करेवाला) पूर्ण क्षमता मे डिजेल तथा पेट्रोल भण्डारण कईल खड्का बतवनी । ‘व्यवसायी के मन्त्री के सामु राखके तेल भण्डारण करेके कहल गईल, अभी सभी पम्प घाटा मे गईल,’ अध्यक्ष खड्का कहनी ।
मन्त्रालय आ निगम नेतृत्व व्यवसायी के बडका अन्तर से इन्धन के दाम घटावल कहत व्यवसायी ‘एके माघ से जाडा ना जाएके’ धम्की निगम के देहले बाडन । ‘दुःख के समय सरकार के सहजोग कईलख, माकिर हमनी के धोका भईल,’ एशोसिएसन के बागमती अध्यक्ष खड्का सञ्चारकर्मी से कहनी, ‘एक माघ से जाड ना जाला ।’
नाफा मँगले नइखी, घाटा भी हमनी के दायित्व मे ना पडेला ः निगम
एने आयल निगम इन्धन के दाम तोकेके काम कउनो आदमी से ना होके प्रणाली से होखेवाला भईला से पक्षपात ना भईल दाबी कईले बा । कउनो समय व्यवसायी के नाफा भईला पर निगम से फिर्ता ना माँगल आ घाटा भईला पर भी कुछो करे ना सकेके निगम के कार्यकारी निर्देशक सुरेन्द्र पौडेल बतवनी ।
‘हमनी नाफा भी मँगले नइखी, घाटा भी हमनी के दायित्व ना ह, संकट के समय व्यवसायी से बात बुझेके पडि,’ नेपाल आयल निगम के कार्यकारी निर्देशक पौडेल कहनी ।
बडका अन्तर से पेट्रोलियम के दाम घटल व्यवसायी के घाटा खियावे के ना होके राष्ट्रिय–अन्तर्राष्ट्रिय परिस्थिति से बनल निगम जनवले बा ।
लकडाउन के पहिलका दु दिन मे मात्र काठमाण्डु उपत्यमा के दैनिक १८ लाख लिटर के दर से डिजेल आ पेट्रोल थानकोट डिपो से बाँटल गईल रहे ।






