प्रदेश २ मे भुक्तानी विवाद, मन्त्री के अगुवाइ मे आन्दोलन

जनकपुरधाम ७ जेठ
नयाँ बजेट आवेके समय प्रदेश २ मे बितल आर्थिक बरीस मे पुरा भईल योजनासब के भुक्तानी होखे ना सकल विषय फेनु अगाडि बढल बा ।
सांसदलोग लागला पर भी उपभोक्ता समिति भुक्तानी ना मिलला के बाद प्रदेश सरकार के मन्त्री हि संघर्ष के नेतृत्व लेवेमे अग्रसर भईल बाडन ।
सरकार के प्रवक्ता भी रहल आन्तरिक मामिला तथा कानुनमन्त्री ज्ञानेन्द्र यादव के अगुवाइ मे दबाब समिति बनल बा । समिति मे सत्तारुढ आ विपक्षी दल के सांसदलोग रहल बाडन ।
बितल आव मे पुरा भईल सात सय ४२ योजना के करिब ९१ करोड रोपेया भुक्तानी होखे सकल नइखे । २०७६ साल मे बईठल अधिकांश प्रदेश सभा बईठक इहे चलते अवरुद्व भईल रहे ।
भुक्तानी मिलेवाला उपभोक्ता समिति के पदाधिकारीलोग मुख्यमन्त्री आ मन्त्रीलोग के फोटो मे जुत्ता प्रहार से प्रदेश सभा बाहर नाराबाजी तक कईले बाडन ।
अभी कोरोना संक्रमण रोके खातिर देशभर लकडाउन जारी कईल बा । विरोध के जईसन कार्जक्रम कईल ना जा सकता ।
ई समय आउर समस्या मे पडल उपभोक्ता समिति के पदाधिकारी आ निर्माण सामान देहल व्यापारीलोग के हित के खातिर मन्त्री यादव अग्रसर भईल बाडन ।
उलोग के रकम तुरुन्त ना देहला पर सरकार मे रहल औचित्य खुद से ना देखल उ बतवनी ।
काम कईल पईसा एक बरीस तक रोक के अन्याय कईल उ बतवनी ।
उपभोक्ता समिति आ निर्माण सामानवाला के जलदी से जलदी भुक्तानी दिलावे खातिर समन्वयकारी भूमिका के खातिर दबाब समूह मे बईठल उ बतवनी ।
“कर्जा लेके काम कईल आ सामान देहललोग के अभी लकडाउन मे बहुते हि समस्या भईल बा” कहत मन्त्री यादव, “उलोग के सरकार से अईसे उपेक्षा ना कईल जा सकता ।”
स्वाभिमान, पहिचान, न्याय आ संघीयता के खातिर लडेवाला सरकार भी न्याय देवे ना सकल इहाँ रहल नैतिकता से ना मानेके उ बतवनी ।
“अविलम्ब भुक्तानी ना देहला पर हम मन्त्री पद से हटेम”, कहत यादव, “ओकरा से बेसी नैतिक दबाब कुछो होखे ना सकि ।”
मंगर के दिने बईठक बईठल कुछ राज्यमन्त्री आ सांसदलोग से भुक्तानी दिलावे के संघर्ष समिति के नेतृत्व मन्त्री यादव के देहले रहलन ।
समिति मे आन्तरिक मामिला तथा कानुन राज्यमन्त्री सरोजसिंह कुसवाहा, सामाजिक विकास राज्यमन्त्री अभिराम शर्मा, प्रमुख प्रतिपक्षी नेपाली कांग्रेस के संसदीय दल के नेता रामसरोज यादव, सत्तारुढ नेकपा के प्रदेश सांसद शत्रुघ्न महतो आ मन्जु यादव भी बाडन ।
दबाब देत आईल उ समूह प्रदेश सरकार आवेवाला असार १ गते लियावे के प्रदेश सरकार के बजेट पारित होखे ना देवेके मनस्थिति भी बनवले बा ।
बितल बरीस (चालु आव) के नीति तथा कार्जक्रम भी इहे भुक्तानी विवाद के चलते रुकल रहे ।
सांसदलोग के सम्झा के नीति तथा कार्जक्रम पारित करावे खातिर महन्थ ठाकुर, महेन्द्रराय यादव, शरतसिंह भण्डारी लगायत तत्कालीन राजपा के शीर्ष नेतालोग हि जनकपुर आवेके पडल रहे ।






