जनानी तथा सामाजिक समिति के वार्षिक प्रतिवेदन पारित

काठमाण्डु १७ जेठ

प्रतिनिधिसभा, जनानी तथा सामाजिक समिति आपन वार्षिक कार्यप्रगति प्रतिवेदन पारित कईले बा ।

समिति के आजु के बईठक से वार्षिक प्रगति के मस्यौदा प्रतिवेदन संशोधन सहित पारित भईल सभापति निरुदेवी पाल जानकारी देहनी । पारित प्रतिवेदन प्रतिनिधिसभा के आवेवाला बईठक मे पेश कईल जाई ।
जनानी, लईकालइकी, ज्येष्ठ नागरिक, अपाङ्गता आ सामाजिक कार्यक्षेत्र रहल समिति से बितल एक बरीस मे कार्यसम्पादन करेके क्रम मे बहुते महत्वपूर्ण विषय मे छलफल करके अनेकन समय मे सरकार के निहोरा आ निर्देशन कईले रहे ।

देश के सुदूरपश्चिम के कर्णाली क्षेत्र मे कुप्रथा के रूप मे रहल छाउपडी के गोठ हटावे मे सफल भईल विषय के प्रतिवेदन मे प्रमुख उपलब्धि के रूप मे लेहल गईल बा ।

उ काम से मानसिकरूप मे छाउगोठ भस्कावे के आउर बाँकी रहला पर भी भौतिक रूप मे छाउगोठ समाप्त कईल उल्लेख बा ।

समिति ई समय मे ज्येष्ठ नागरिक विधेयक पारित कईले रहे ।

विधेयक मे ज्येष्ठ नागरिक के योग्यता, ज्ञान, सीप आ क्षमता के पुस्तान्तरण करे खातिर ज्ञान केन्द्र स्थापना करेके उल्लेख बा ।

स्थानीय तह ज्येष्ठ नागरिक के पालन पोषण आ देखभाल करेके बात विधेयक मे समेटल उ जानकारी देहनी ।

एकल जनानी सामाजिक सुरक्षाभत्ता के विषय मे समिति से देहल निर्देशन के सरकार तत्काल सँचियावल तथा बालगृह मे हो रहल बेथिति अन्त्य के खातिर कईल प्रयास के बाद ७० से बेसी बालगृह खारेजी भईल विषय के भी प्रतिवेदन मे उपलब्धि के रूप मे समेटल गईल बा ।

अपाङ्गता आ लईकालइकी के हकहित अधिकार के खातिर देशभर के बालमन्दिर के संरचना स्वामित्व मे लेवेके, नियमन करेके आ उहाँ रहल लईकालइकी के पालन पोषण लगायत के काम के दायित्व सरकार से लेवेके विषय मे भी समिति निर्देशन देहले रहे । उ निर्देशन अभी कार्यान्वयन के चरण मे रहल बा ।

समाज कल्याण परिषद् के भी बढिया करेके राष्ट्रिय तथा अन्तर्राष्ट्रिय गैरसरकारी के नियमन करके दण्ड आ पुरस्कार के व्यवस्था के कडाइ के साथ अगाडि बढावे के समिति से देहल निर्देशन के सरकार आत्मसात् कईले बा ।

एकरा से पहिले बईठक मे सदस्यलोग २१ वाँ शताब्दी मे भी जातीय विभेद के कहालीलाग्दो घटना रुकुम मे भईला से आवेवाला दिन मे ओईसन घटना के दोहोरे ना देवेके ओरी सरकार के सजग आ सचेत करावे खातिर निर्देशन देहल जरुरी भईल बिचार रखनी ।

सांसद विमला विक उ घटना मे जउन वर्ग आ समुदाय पीडित बाडन, उ मात्र आवाज उठावे के अवस्था अन्त्य करे खातिर तथा अईसन मानवता विरोधी घटना के बारे मे समिति से गहन छलफल करके निर्देशन देहल जरुरी रहल बतवनी ।

सांसद अमृता थापामगर आ गङ्गा चौधरी सत्गौवा कानून कहल कउनो वर्ग आ समुदाय विशेष के देख के कार्यान्वयन होखी कि कहके सवाल करत सुत्केरी अस्पताल ना पुग के मृत्यु होखेके आ घरेलु हिंसा सहेके अवस्था अब सदा के खातिर अन्त्य करेके जरुरत रहला मे जोड देहनी ।

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