स्थानिय के माग मुताविक नारायणी अस्पताल कोरोनामुक्त, डाइलासिस सेवा सुरु

वीरगंज १८ जेठ,

नारायणी अस्पताल वीरगंज मे आजु से डायलासिस आ आकस्मिक ईलाज सेवा सुरु भईल बा ।

चईत २९ गते वीरगंज मे पहिलका बेर कोरोना के ३ संक्रमित मिलला के बाद संघीय सरकार नारायणी अस्पताल के कोभिड अस्पताल के रुप मे परिणत कईले रहे ।

चईत ३० गते नारायणी अस्पताल मे कोरोना के ३ संक्रमित भर्ना करके आउर सभी ईलाज आ सेवा बन्द कइल रहे ।

नारायणी अस्पताल मे कोरोना संक्रमित के भर्ना करके आउर सभी ईलाज सेवा वीरगंज स्थित नेशनल मेडिकल कलेज मे स्थानान्तरण कईल रहे ।

माकिर नेशनल मेडिकल कलेज ईलाज मे लापरवाही तथा चेकजाँच के नाम मे बेसी शुल्क असुल रहल कहत बितल समय से हि बिरोध प्रदर्शन होत आईल बा ।

नेशनल मेडिकल कलेज मे डायलासिस करेके समय मे आधा दर्जन से बेसी आदमी के मृत्यु भईला के बाद स्थानियलोग मे डर बढल रहे ।

उहे घटनासब के मध्यनजर करत नारायणी अस्पताल मे डायलासिस सेवा सुरु कईल नारायणी अस्पताल स्रोत जनवले बा ।

नारायणी अस्पताल मे भर्ना कईल सभी कोरोना संक्रमित ईलाज के बाद जेठ १२ गते ठिक होके घर गईला के बाद खाली भईल अस्पताल मे आजु से फेनु जेनरल ईलाज सेवा सुरु कईल बा ।

नारायणी अस्पताल खाली भईला के बाद अब मिलल नयाँ संक्रमितलोग के गण्डक हस्पिटल मे संचालित अस्थायी कोभिड अस्पताल मे भर्ना करके ईलाज हो रहल बा ।

आजु से नारायणी अस्पताल मे डायलासिस आ आकस्मिक ईलाज सेवा सुचारु कईल अस्पताल के चिकित्सक डा. उदय नारायण सिंह जानकारी देहनी ।

कोरोना संक्रमित सभी के ठिक बनाके घर पठईला के बाद जेठ १२ गते खाली भईल नारायणी अस्पताल मे सरसफाइ आ निसंक्रमण करके आजु से साधरण अस्पताल मे परिणत कईल ई नेपाल मे हि पहिलका अस्पताल रहल अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेन्डेन्ट डा. मदन कुमार उपाध्याय बतवनी ।

नारायणी अस्पताल कोभिड–१९ संचालन मे रहल समय से हि आकस्मिक कक्ष से नियमित रुप मे सर्र्पदंश के ईलाज तथा बोखार क्लिनिक सेवा संचालन मे रहल डा. उपाध्याय के कहनाम बा ।

आजु से डायलासिस आ आकस्मिक ईलाज कक्ष मात्र संचालन मे लियावल गईल बा, कहत उ बहिरंग (ओपिडी) सेवा भी २÷३ दिन भितर संचालन मे लियावल जाई कहके डा. सिंह बतवनी ।

ओपीडी मे खटेवाला चिकित्सक के पीसीआर जाँच के रिपोर्ट ना आईल कहत उ रिपोर्ट बढिया अईला के बाद ओपीडी सेवा भी सुचारु होखेके बतवनी । अन्तरङग सेवा संचालन मे आउर कुछ दिन लागेके उ बतवनी ।

कोरोना संक्रमित के अन्तरङग विभाग के वार्ड मे राख के ईलाज कईल रहे, कहत डा. सिंह वार्ड के बेड, देवाला, जमिन, झाल, दुवारी सभी के स्याम्पल पीसीआर जाँच के खातिर प्रयोगशाला मे पठावल गईल बा, ओकर रिपोर्ट आवेमे आउर कुछ समय लागी कहके बतवनी ।

चईत ३० से कोभिड–१९ अस्पताल मे परिणत भईला के बाद नारायणी अस्पताल मे बन्द कईल साधरण ईलाज सेवा सुचारु के माग करत वीरगंज के राजनीतिक दल, अनेकन संघसंस्था आ नागरिक समाज निरन्तरत प्रदर्शन करत आईल रहलन ।

अभी नारायणी अस्पताल वीरगंज मे डायलासिस आ आकस्मिक ईलाज सेवा सुरु भईला के बाद स्थानिय सर्वसाधारण खुसी भईल बाडन ।

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